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Basti News: शिक्षकों को रिमीडियल शिक्षण के पहलुओं से कराया रूबरू
Sat, 14 Dec 2024 11:02 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sat, 14 Dec 2024 11:02 PM IST
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अंग्रेजी भाषा पर आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण का समापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में डायट प्राचार्य संजय कुमार शुक्ल के नेतृत्व में आयोजित तीन दिवसीय अंग्रेजी भाषा की रिमीडियल टीचिंग पर आधारित प्रशिक्षण के प्रथम बैच का समापन शनिवार को हुआ। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को रिमीडियल शिक्षण के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराना और छात्रों में अंग्रेजी भाषा कौशल को सुदृढ़ करना है।
प्रशिक्षण में संदर्भदाता के रूप में एसआरजी आशीष श्रीवास्तव और उमा शंकर ने रेमीडियल कक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। बताया कि रेमेडियल शिक्षण कमजोर छात्रों के लिए किस प्रकार सहायक सिद्ध हो सकता है। एआरपी अविनाश चंद्र दुबे और संदीप सिंह ने नेमिंग वर्ड्स, सिंगुलर-प्लूरल और जेंडर जैसे विषयों पर चर्चा की। संदर्भदाता संजय चौहान और शशि वर्मा ने वाक्य रचना के विकास पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
प्रशिक्षण के नोडल अधिकारी डॉ. रविनाथ त्रिपाठी ने बताया कि तीन दिवसीय प्रशिक्षण में प्रत्येक दिन अलग-अलग विषयवस्तु पर केंद्रित सत्र आयोजित किए गए। इस प्रकार के प्रशिक्षण शिक्षकों की क्षमता विकास में सहायक सिद्ध होंगे और बच्चों की शैक्षणिक दक्षता में सुधार करेंगे। बताया कि प्रथम बैच में कुल 337 शिक्षक प्रशिक्षित किए गए। द्वितीय बैच का प्रशिक्षण सोमवार से प्रारंभ किया जाएगा।
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इस अवसर पर अलीउद्दीन, कल्याण पांडेय, शशि दर्शन त्रिपाठी, अमन सेन, डॉ गोविन्द, मो इमरान खान, डॉ ऋचा शुक्ला एवं वंदना चौधरी आदि मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में डायट प्राचार्य संजय कुमार शुक्ल के नेतृत्व में आयोजित तीन दिवसीय अंग्रेजी भाषा की रिमीडियल टीचिंग पर आधारित प्रशिक्षण के प्रथम बैच का समापन शनिवार को हुआ। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को रिमीडियल शिक्षण के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराना और छात्रों में अंग्रेजी भाषा कौशल को सुदृढ़ करना है।
प्रशिक्षण में संदर्भदाता के रूप में एसआरजी आशीष श्रीवास्तव और उमा शंकर ने रेमीडियल कक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। बताया कि रेमेडियल शिक्षण कमजोर छात्रों के लिए किस प्रकार सहायक सिद्ध हो सकता है। एआरपी अविनाश चंद्र दुबे और संदीप सिंह ने नेमिंग वर्ड्स, सिंगुलर-प्लूरल और जेंडर जैसे विषयों पर चर्चा की। संदर्भदाता संजय चौहान और शशि वर्मा ने वाक्य रचना के विकास पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
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प्रशिक्षण के नोडल अधिकारी डॉ. रविनाथ त्रिपाठी ने बताया कि तीन दिवसीय प्रशिक्षण में प्रत्येक दिन अलग-अलग विषयवस्तु पर केंद्रित सत्र आयोजित किए गए। इस प्रकार के प्रशिक्षण शिक्षकों की क्षमता विकास में सहायक सिद्ध होंगे और बच्चों की शैक्षणिक दक्षता में सुधार करेंगे। बताया कि प्रथम बैच में कुल 337 शिक्षक प्रशिक्षित किए गए। द्वितीय बैच का प्रशिक्षण सोमवार से प्रारंभ किया जाएगा।
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इस अवसर पर अलीउद्दीन, कल्याण पांडेय, शशि दर्शन त्रिपाठी, अमन सेन, डॉ गोविन्द, मो इमरान खान, डॉ ऋचा शुक्ला एवं वंदना चौधरी आदि मौजूद रहे।