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छुट्टियों में मध्याह्न भोजन को लेकर गुस्सा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 25 May 2016 12:06 AM IST
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प्राथमिक शिक्षकों ने प्रभारी बीएसए को दिया ज्ञापन।
- फोटो : रमेश मिश्र
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बस्ती। परिषदीय स्कूलों में गर्मी की छुट्टियों में बच्चों को दोपहर का भोजन देने के आदेश को लेकर शिक्षकों में नाराजगी है। मंगलवार को प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष चंद्रिका प्रसाद सिंह की अगुवाई में प्रतिनिधि मंडल प्रभारी बीएसए को ज्ञापन देकर इस योजना से शिक्षकों को मुक्त करने की मांग की। कहा कि बुधवार को डीएम से मिलकर शिक्षकों की कठिनाई से अवगत कराया जाएगा। अगर कोई हल नहीं निकला तो बृहस्पतिवार से जिले भर के शिक्षक कलेक्ट्रेट पर धरना शुरू कर देंगे।
शिक्षक नेताओं का कहना है कि अगर इस योजना से शिक्षकों को मुक्त नहीं किया गया, तो जिले भर के सारे शिक्षक इसका विरोध करेंगे। जिलाध्यक्ष चंद्रिका प्रसाद सिंह ने कहा कि अगर सरकार ने गम्रियों के दिनों में बच्चों को भोजन खिलाने की योजना को बंद नहीं की तो पूरे प्रदेश में एमडीएम का घोटाला सामने आएगा। कहा कि प्रदेश के कई जनपदों के प्रशासन ने व्यावहारिक समस्याओं को देखते हुए अपने जनपदों में फिलहाल के लिए योजना को बंद कर रखा है। कहा कि जब बच्चे ही स्कूल नहीं आ रहे हैं तो हेड मास्टर किसके लिए भोजन बनवाएगा। कहा कि कार्रवाई की आशंका से शिक्षक स्कूल तो जा रहे हैं, मगर बच्चे नहीं आ रहे हैं। कहा कि सुप्रीम कोर्ट का भी आदेश है कि शिक्षकों को सिर्फ पठन पाठन का ही कार्य लिया जाए।
बताया कि एमडीएम बनवाने का कार्य प्रधान और विद्यालय प्रबंधन समिति का है। शिक्षक की जिम्मेदारी सिर्फ स्कूल खोलने की है। इस मौके पर मंत्री शांतिभूषण नाथ त्रिपाठी, उपाध्यक्ष दुर्गेश यादव, बालकृष्ण ओझा, आशीष दुबे, मोहम्म्द शोएब, रवि प्रताप सिंह, राजेश द्विवेदी, अशोक यादव, हरिओम सिंह, देवेंद्र सिंह, गौरव त्रिपाठी, श्रीधर पाल, प्रताप नरायन चौधरी, रामउग्रह, चंद्रेश बहादुर सिंह, राजेश गिरी आदि मौजूद रहे।
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शिक्षक नेताओं का कहना है कि अगर इस योजना से शिक्षकों को मुक्त नहीं किया गया, तो जिले भर के सारे शिक्षक इसका विरोध करेंगे। जिलाध्यक्ष चंद्रिका प्रसाद सिंह ने कहा कि अगर सरकार ने गम्रियों के दिनों में बच्चों को भोजन खिलाने की योजना को बंद नहीं की तो पूरे प्रदेश में एमडीएम का घोटाला सामने आएगा। कहा कि प्रदेश के कई जनपदों के प्रशासन ने व्यावहारिक समस्याओं को देखते हुए अपने जनपदों में फिलहाल के लिए योजना को बंद कर रखा है। कहा कि जब बच्चे ही स्कूल नहीं आ रहे हैं तो हेड मास्टर किसके लिए भोजन बनवाएगा। कहा कि कार्रवाई की आशंका से शिक्षक स्कूल तो जा रहे हैं, मगर बच्चे नहीं आ रहे हैं। कहा कि सुप्रीम कोर्ट का भी आदेश है कि शिक्षकों को सिर्फ पठन पाठन का ही कार्य लिया जाए।
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बताया कि एमडीएम बनवाने का कार्य प्रधान और विद्यालय प्रबंधन समिति का है। शिक्षक की जिम्मेदारी सिर्फ स्कूल खोलने की है। इस मौके पर मंत्री शांतिभूषण नाथ त्रिपाठी, उपाध्यक्ष दुर्गेश यादव, बालकृष्ण ओझा, आशीष दुबे, मोहम्म्द शोएब, रवि प्रताप सिंह, राजेश द्विवेदी, अशोक यादव, हरिओम सिंह, देवेंद्र सिंह, गौरव त्रिपाठी, श्रीधर पाल, प्रताप नरायन चौधरी, रामउग्रह, चंद्रेश बहादुर सिंह, राजेश गिरी आदि मौजूद रहे।
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