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Basti News: किताबें ढो रहे शिक्षक, भुगतान ले रहे ठेकेदार
Thu, 20 Apr 2023 12:40 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Thu, 20 Apr 2023 12:40 AM IST
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परिषदीय विद्यालय के लिए बीआरसी पर पहुंची किताब।
बस्ती। अधिकारियों की मिलीभगत से ठेकेदार स्कूलों में बिना किताबें पहुंचाए भुगतान ले रहे हैं। विद्यालयों में किताबें पहुंचाने के लिए ठेकेदार को 11 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से गाड़ी का भाड़ा और 190 रुपये की दर से तीन मजदूरों की मजदूरी दी जाती है। लेकिन ठेकेदार बीआरसी और एनपीआरसी तक किताबें पहुंचाकर भुगतान करा ले रहे हैं। शिक्षक बीआरसी से अपने खर्चे पर किताबें ला रहे हैं। किताब ले जाने के लिए शिक्षको को मैसेज भेजा जा रहा है।
जिले में 2071 परिषदीय विद्यालय है। इनमें 1432 प्राथमिक, 338 जूनियर, 301 कंपोजिट, 70 वित्तपोषित माध्यमिक और 23 राजकीय विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में कक्षा एक से आठवीं तक लगभग तीन लाख छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। सर्व शिक्षा अभियान के तहत सभी सरकारी विद्यालयों में नामांकित सभी छात्र-छात्राओं को शासन से निशुल्क किताबें उपलब्ध कराई जाती हैं। बीएसए कार्यालय से बीआरसी और बीआरसी से विद्यालय तक किताबें पहुंचाने के लिए जेम पोर्टल पर टेंडर किया गया है। लेकिन, विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के कारण स्कूलों तक किताबें नहीं पहुंच रही हैं। शिक्षक अपने साधन से किताबें ले जा रहे हैं।
शैक्षिक सत्र 2023-24 में जिले को 11 लाख 52 हजार 277 किताबों की डिमांड भेजी गई है। उसमें अब तक नौ लाख 53 हजार 860 किताबें आई हैं। लगभग दो लाख किताबें और पांच लाख 40 हजार कार्य पुस्तिकाएं आनी बाकी हैं। सांऊघाट, रामनगर, रूधौली, सदर, बहादुरपुर, कुदरहा, कप्तानगंज, हरैया, विक्रमजोत और परशुरामपुर के शिक्षकों को व्हाट्सएप ग्रुप पर सूूचना देकर बीआरसी से किताबों को लाने के लिए कहा जा रहा है।
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प्राथमिक शिक्षक संघ के मंत्री बालकृष्ण ओझा ने बताया कि बीईओ के दबाव में यहां से शिक्षक बीआरसी अथवा न्याय पंचायत स्तर से सरकारी किताबों को अपने निजी साधन या खर्चे से विद्यालय में ले जाकर विद्यार्थियों में वितरित कर रहे हैं। इसकी शिकायत बीएसए से की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अगर शिक्षकों का उत्पीड़न बंद नहीं हुआ तो इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से की जाएगी।
बीएसए डाॅ. इंद्रजीत प्रजापति ने कहा कि सभी विद्यालयों तक सरकारी किताबें पहुंचाने के लिए जेम पोर्टल से टेंडर किया गया है। स्कूल तक किताबें पहुंचाना ठेकेदार की जिम्मेदारी है। कोई भी शिक्षक किताब लेने बीआरसी नहीं जाएगा। यदि किसी शिक्षक को किताब ले जाने के लिए बुलाया जाए तो सूचना दे। ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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जिले में 2071 परिषदीय विद्यालय है। इनमें 1432 प्राथमिक, 338 जूनियर, 301 कंपोजिट, 70 वित्तपोषित माध्यमिक और 23 राजकीय विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में कक्षा एक से आठवीं तक लगभग तीन लाख छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। सर्व शिक्षा अभियान के तहत सभी सरकारी विद्यालयों में नामांकित सभी छात्र-छात्राओं को शासन से निशुल्क किताबें उपलब्ध कराई जाती हैं। बीएसए कार्यालय से बीआरसी और बीआरसी से विद्यालय तक किताबें पहुंचाने के लिए जेम पोर्टल पर टेंडर किया गया है। लेकिन, विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के कारण स्कूलों तक किताबें नहीं पहुंच रही हैं। शिक्षक अपने साधन से किताबें ले जा रहे हैं।
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शैक्षिक सत्र 2023-24 में जिले को 11 लाख 52 हजार 277 किताबों की डिमांड भेजी गई है। उसमें अब तक नौ लाख 53 हजार 860 किताबें आई हैं। लगभग दो लाख किताबें और पांच लाख 40 हजार कार्य पुस्तिकाएं आनी बाकी हैं। सांऊघाट, रामनगर, रूधौली, सदर, बहादुरपुर, कुदरहा, कप्तानगंज, हरैया, विक्रमजोत और परशुरामपुर के शिक्षकों को व्हाट्सएप ग्रुप पर सूूचना देकर बीआरसी से किताबों को लाने के लिए कहा जा रहा है।
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प्राथमिक शिक्षक संघ के मंत्री बालकृष्ण ओझा ने बताया कि बीईओ के दबाव में यहां से शिक्षक बीआरसी अथवा न्याय पंचायत स्तर से सरकारी किताबों को अपने निजी साधन या खर्चे से विद्यालय में ले जाकर विद्यार्थियों में वितरित कर रहे हैं। इसकी शिकायत बीएसए से की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अगर शिक्षकों का उत्पीड़न बंद नहीं हुआ तो इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से की जाएगी।
बीएसए डाॅ. इंद्रजीत प्रजापति ने कहा कि सभी विद्यालयों तक सरकारी किताबें पहुंचाने के लिए जेम पोर्टल से टेंडर किया गया है। स्कूल तक किताबें पहुंचाना ठेकेदार की जिम्मेदारी है। कोई भी शिक्षक किताब लेने बीआरसी नहीं जाएगा। यदि किसी शिक्षक को किताब ले जाने के लिए बुलाया जाए तो सूचना दे। ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।