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Basti News: प्रशिक्षण में रुचि नहीं ले रहे शिक्षक, रैंकिंग में नहीं हो रहा सुधार
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बस्ती। बच्चों में दिव्यांगता की पहचान व उनकी संवेदनशीलताएं पहचाने के लिए प्रशस्त एप पर प्राप्त होने वाले प्रशिक्षण में शिक्षक रुचि नहीं दिखा रहे हैं। यही कारण है ब्लाकों की रैंकिंग चिंताजनक है। सबसे खराब प्रगति सल्टौआ ब्लॉक की है। यहां सिर्फ 10.02 प्रतिशत ही शिक्षक प्रशिक्षण प्राप्त किए हैं।
बीएसए ने सभी प्रधानाचार्यों से शिक्षकों को एप से प्रशिक्षण जल्द से जल्द पूरा करने के लिए निर्देशित किया है। कहा कि अगर इसमें लापरवाही बरती गई, तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रशस्त एप पर बच्चों में दिव्यांगता की पहचान के लिए छोटे छोटे वीडियो उपलब्ध हैं। शिक्षकों को यही वीडियो देखकर प्रशिक्षण पूरा करना है। इससे उन्हें दिव्यांगताओं के लक्षणों की पहचान करने में मदद मिल सकेगी। इसका उद्देश्य समय पर बच्चों की पहचान कर उन्हें मुख्यधारा की शिक्षा और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना है।
जिले में बेसिक शिक्षा के अधीन 3752 विद्यालय संचालित हैं। इनमें परिषदीय, मान्यता प्राप्त व एडेड विद्यालय शामिल हैं। 1938 शिक्षक इन विद्यालयों में तैनात हैं। इन्हें प्रशिक्षण लेना है। अब तक जिले में सिर्फ 17 प्रतिशत शिक्षकों ने प्रशिक्षण पूरा किया है।
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इनसेट
प्रशिक्षण लेने वाले शिक्षकों को ब्लॉकवार स्थिति
अब तक सल्टौआ ब्लाॅक के 1237 में से 124, विक्रमजोत के 1158 में 137, बनकटी के 1518 में 182, हर्रैया के 1358 में 173, कप्तानगंज के 1036 में 132, परशुरामपुर के 1407 में 182, गौर के 1780 में 300, रामनगर के 955 में 173, बस्ती सदर के 2159 में 412, बहादुरपुर के 1227 में 244, कुदरहा के 990 में 230, दुबौलिया के 1089 में 284, रुधौली के 1278 में 356 व साऊघाट के 1305 में 415 शिक्षकों ने प्रशिक्षण लिया है।
कोट
मान्यता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षक प्रशिक्षण में थोड़ी लापरवाही बरत रहे हैं। चेतावनी दी गई है, यदि इसके बाद भी सुधार नहीं हुआ तो कार्रवाई की जाएगी।
-अनूप कुमार, बीएसए
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बीएसए ने सभी प्रधानाचार्यों से शिक्षकों को एप से प्रशिक्षण जल्द से जल्द पूरा करने के लिए निर्देशित किया है। कहा कि अगर इसमें लापरवाही बरती गई, तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रशस्त एप पर बच्चों में दिव्यांगता की पहचान के लिए छोटे छोटे वीडियो उपलब्ध हैं। शिक्षकों को यही वीडियो देखकर प्रशिक्षण पूरा करना है। इससे उन्हें दिव्यांगताओं के लक्षणों की पहचान करने में मदद मिल सकेगी। इसका उद्देश्य समय पर बच्चों की पहचान कर उन्हें मुख्यधारा की शिक्षा और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना है।
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जिले में बेसिक शिक्षा के अधीन 3752 विद्यालय संचालित हैं। इनमें परिषदीय, मान्यता प्राप्त व एडेड विद्यालय शामिल हैं। 1938 शिक्षक इन विद्यालयों में तैनात हैं। इन्हें प्रशिक्षण लेना है। अब तक जिले में सिर्फ 17 प्रतिशत शिक्षकों ने प्रशिक्षण पूरा किया है।
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प्रशिक्षण लेने वाले शिक्षकों को ब्लॉकवार स्थिति
अब तक सल्टौआ ब्लाॅक के 1237 में से 124, विक्रमजोत के 1158 में 137, बनकटी के 1518 में 182, हर्रैया के 1358 में 173, कप्तानगंज के 1036 में 132, परशुरामपुर के 1407 में 182, गौर के 1780 में 300, रामनगर के 955 में 173, बस्ती सदर के 2159 में 412, बहादुरपुर के 1227 में 244, कुदरहा के 990 में 230, दुबौलिया के 1089 में 284, रुधौली के 1278 में 356 व साऊघाट के 1305 में 415 शिक्षकों ने प्रशिक्षण लिया है।
कोट
मान्यता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षक प्रशिक्षण में थोड़ी लापरवाही बरत रहे हैं। चेतावनी दी गई है, यदि इसके बाद भी सुधार नहीं हुआ तो कार्रवाई की जाएगी।
-अनूप कुमार, बीएसए