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Basti News: बाहर से दवा ले लो... जल्दी ठीक हो जाओगे
Wed, 29 May 2024 12:59 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Wed, 29 May 2024 12:59 AM IST
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जिला अस्पताल : मरीजों का आरोप, 800 से 1200 की दवा बाहर से लिख रहे चिकित्सक
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री व डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों को निर्देश दे रखें हैं कि वह बाहर की दवाएं न लिखें। इसके बावजूद जिला अस्पताल के डॉक्टर डिप्टी सीएम के निर्देश को ठेंगे पर रखकर बाहर से 800 से लेकर 1200 रुपये की दवाएं लिख रहे हैं। मरीजों का आरोप है कि डॉक्टर कहते हैं बाहर से दवा ले लो.. जल्दी ठीक हो जाओगे।
मंगलवार को जिला अस्पताल का जायजा लिया गया तो चौकाने वाला नजारा सामने आया। ओपीडी में मरीजों की देखने वाले ज्यादातर डॉक्टर बाहर की दवाएं लिखते हुए मिले। मरीजों से जब इस पर बात की गई तो उन्होंने कहा कि कुछ दवाएं अस्पताल से लिखी गई हैं तो कुछ दवाएं बाहर से, लेकिन जिम्मेदार बाहर से लिखी जा रही दवाओं को लेकर गंभीर नहीं हैं।
ओपीडी में डॉक्टर को दिखाकर बाहर निकलने वाले कुछ मरीजों ने बताया कि 800 से 1200 रुपये तक की दवाएं बाहर से लिखी जा रही हैं। लालजी यादव ने कहा कि वह 500 रुपये की दवा बाहर से खरीदी है। कहते हैं कि डॉक्टर ने कहा है कि बाहर से दवा ले लो.. जल्दी ठीक हो जाओगो। रमेश कुमार ने कहा कि फिजिशियन को दिखाया है। दवा बाहर से लिखी गई है। इसी तरह अन्य मरीजों ने बाहर से दवा लिखे जाने की बात कही।
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कोट
बाहर की दवाएं बिल्कुल नहीं लिखी जानी चाहिए। सभी डॉक्टरों को इसे लेकर चेतावनी देते रहते हैं। यदि कोई दवाई यहां उपलब्ध नहीं है तो जनऔषधि केंद्र से दवा लिखी जानी चाहिए।
डॉ. बीके सोनकर, एसआईसी, जिला अस्पताल
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री व डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों को निर्देश दे रखें हैं कि वह बाहर की दवाएं न लिखें। इसके बावजूद जिला अस्पताल के डॉक्टर डिप्टी सीएम के निर्देश को ठेंगे पर रखकर बाहर से 800 से लेकर 1200 रुपये की दवाएं लिख रहे हैं। मरीजों का आरोप है कि डॉक्टर कहते हैं बाहर से दवा ले लो.. जल्दी ठीक हो जाओगे।
मंगलवार को जिला अस्पताल का जायजा लिया गया तो चौकाने वाला नजारा सामने आया। ओपीडी में मरीजों की देखने वाले ज्यादातर डॉक्टर बाहर की दवाएं लिखते हुए मिले। मरीजों से जब इस पर बात की गई तो उन्होंने कहा कि कुछ दवाएं अस्पताल से लिखी गई हैं तो कुछ दवाएं बाहर से, लेकिन जिम्मेदार बाहर से लिखी जा रही दवाओं को लेकर गंभीर नहीं हैं।
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ओपीडी में डॉक्टर को दिखाकर बाहर निकलने वाले कुछ मरीजों ने बताया कि 800 से 1200 रुपये तक की दवाएं बाहर से लिखी जा रही हैं। लालजी यादव ने कहा कि वह 500 रुपये की दवा बाहर से खरीदी है। कहते हैं कि डॉक्टर ने कहा है कि बाहर से दवा ले लो.. जल्दी ठीक हो जाओगो। रमेश कुमार ने कहा कि फिजिशियन को दिखाया है। दवा बाहर से लिखी गई है। इसी तरह अन्य मरीजों ने बाहर से दवा लिखे जाने की बात कही।
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बाहर की दवाएं बिल्कुल नहीं लिखी जानी चाहिए। सभी डॉक्टरों को इसे लेकर चेतावनी देते रहते हैं। यदि कोई दवाई यहां उपलब्ध नहीं है तो जनऔषधि केंद्र से दवा लिखी जानी चाहिए।
डॉ. बीके सोनकर, एसआईसी, जिला अस्पताल