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नगर पालिका : दीवारों पर बह रही स्वच्छता की बयार
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बस्ती नगर पालिका की ओर से कराई गई वाल पेंटिंग।
- फोटो : BASTI
नगर पालिका : दीवारों पर बह रही स्वच्छता की बयार
बस्ती। शहर को स्वच्छ बनाने के लिए नगर पालिका की ओर से दिया जा रहा स्वच्छ बस्ती सुंदर बस्ती का नारा हवा हवाई साबित हो रहा है। वार्डों की गलियों की स्थिति बद से बदतर है। जबकि दीवारों पर स्वच्छता सर्वेक्षण की बयार बहाई जा रही है।
सवा लाख की आबादी वाले नगर पालिका क्षेत्र में कुल 25 वार्ड हैं। इन वार्डों की गलियां नाली आदि साफ सुथरी रहें, इसके लिए लगभग 395 सफाई कर्मियों की नियुक्ति की गई है जिन पर हर माह लाखों रुपये खर्च हो रहे हैं। इसके बावजूद सफाई का असर नहीं दिख रहा है। धरातल पर हकीकत तुरकहिया, बभनगंवा, पंचपेड़िया, चिकवाटोला, पुराना डाकखाना स्थित रुद्रपुरी कॉलोनी सहित अन्य वार्डों में देखी जा सकती है। जहां हल्की बारिश में भी गलियां कीचड़ से सनी रहती हैं। समय से सफाई न होने से जगह-जगह कूड़े का ढेर व्यवस्था को मुंह चिढ़ा रहा है। कूड़े से उठ रहे दुर्गंध से जीना मुहाल हो रहा है।
रुद्रपुरी कॉलोनी की शशिकला पांडेय कहती हैं कि हल्की बारिश में भी सड़कों पर कीचड़ पसरा रहता है, फिसलन भरी सड़क पर यदि संभल का न चले तो चोटिल भी हो सकते हैं। कमलावती देवी कहती हैं कि गंदगी तो समस्या है ही, इसके साथ ही लटकते बिजली के तार भी जोखिम भरा साबित हो सकते हैं। कहती हैं कि यहां बांस बल्ली के सहारे बिजली की आपूर्ति की जाती है। सीमा व रतनदीप ने भी सफाई व्यवस्था पर अपनी भड़ास निकाली।
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एसबीएम टीम कागजों में बढ़ा रही रैंकिंग
जिलों को स्वच्छ बनाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से स्वच्छ भारत मिशन अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए टीम का भी गठन किया गया है। टीम का कार्य वार्डों में जाकर स्वच्छता संबंधी रिपोर्टिंग की है। इसके साथ ही स्वच्छता को लेकर लोगों को जागरूक भी करना होता है। इस कार्य के लिए मंडल कार्यक्रम प्रबंधक भी नियुक्त किए जाते हैं। इन दिनों इसी मिशन के ही तहत जिले की दीवारों को रंगा जा रहा है, तरह-तरह के स्लोगन भी लिखे जा रहे हैं। पिछले वर्ष जिले की रैंकिंग प्रदेश में 38 नंबर पर थी। इस बार इसे बढ़ाने के लिए टीम कागजी कोरम पूरा कर रही है।
क्या कहते हैं अधिकारी
स्वच्छ भारत मिशन के डीपीएम अभय श्रीवास्तव कहते हैं कि टीम लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक कर रही है। मंडल कार्यक्रम प्रबंधक कुनाल के निर्देशन में बेहतर कार्य किया जा रहा है। जहां गंदगी मिलती है, उसकी सफाई के लिए संबंधित अधिकारी को सूचित कर दिया जाता है। अधिशासी अधिकारी अखिलेश त्रिपाठी ने कहा कि सफाई कर्मी लगे हैं। जहां पर गंदगी मिलती है फौरन साफ कराई जाती है। कूड़ा गाड़ियाें को भी लगाया गया है। उन्होंने जनता से भी सहयोग की अपील की है।
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बस्ती। शहर को स्वच्छ बनाने के लिए नगर पालिका की ओर से दिया जा रहा स्वच्छ बस्ती सुंदर बस्ती का नारा हवा हवाई साबित हो रहा है। वार्डों की गलियों की स्थिति बद से बदतर है। जबकि दीवारों पर स्वच्छता सर्वेक्षण की बयार बहाई जा रही है।
सवा लाख की आबादी वाले नगर पालिका क्षेत्र में कुल 25 वार्ड हैं। इन वार्डों की गलियां नाली आदि साफ सुथरी रहें, इसके लिए लगभग 395 सफाई कर्मियों की नियुक्ति की गई है जिन पर हर माह लाखों रुपये खर्च हो रहे हैं। इसके बावजूद सफाई का असर नहीं दिख रहा है। धरातल पर हकीकत तुरकहिया, बभनगंवा, पंचपेड़िया, चिकवाटोला, पुराना डाकखाना स्थित रुद्रपुरी कॉलोनी सहित अन्य वार्डों में देखी जा सकती है। जहां हल्की बारिश में भी गलियां कीचड़ से सनी रहती हैं। समय से सफाई न होने से जगह-जगह कूड़े का ढेर व्यवस्था को मुंह चिढ़ा रहा है। कूड़े से उठ रहे दुर्गंध से जीना मुहाल हो रहा है।
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रुद्रपुरी कॉलोनी की शशिकला पांडेय कहती हैं कि हल्की बारिश में भी सड़कों पर कीचड़ पसरा रहता है, फिसलन भरी सड़क पर यदि संभल का न चले तो चोटिल भी हो सकते हैं। कमलावती देवी कहती हैं कि गंदगी तो समस्या है ही, इसके साथ ही लटकते बिजली के तार भी जोखिम भरा साबित हो सकते हैं। कहती हैं कि यहां बांस बल्ली के सहारे बिजली की आपूर्ति की जाती है। सीमा व रतनदीप ने भी सफाई व्यवस्था पर अपनी भड़ास निकाली।
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एसबीएम टीम कागजों में बढ़ा रही रैंकिंग
जिलों को स्वच्छ बनाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से स्वच्छ भारत मिशन अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए टीम का भी गठन किया गया है। टीम का कार्य वार्डों में जाकर स्वच्छता संबंधी रिपोर्टिंग की है। इसके साथ ही स्वच्छता को लेकर लोगों को जागरूक भी करना होता है। इस कार्य के लिए मंडल कार्यक्रम प्रबंधक भी नियुक्त किए जाते हैं। इन दिनों इसी मिशन के ही तहत जिले की दीवारों को रंगा जा रहा है, तरह-तरह के स्लोगन भी लिखे जा रहे हैं। पिछले वर्ष जिले की रैंकिंग प्रदेश में 38 नंबर पर थी। इस बार इसे बढ़ाने के लिए टीम कागजी कोरम पूरा कर रही है।
क्या कहते हैं अधिकारी
स्वच्छ भारत मिशन के डीपीएम अभय श्रीवास्तव कहते हैं कि टीम लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक कर रही है। मंडल कार्यक्रम प्रबंधक कुनाल के निर्देशन में बेहतर कार्य किया जा रहा है। जहां गंदगी मिलती है, उसकी सफाई के लिए संबंधित अधिकारी को सूचित कर दिया जाता है। अधिशासी अधिकारी अखिलेश त्रिपाठी ने कहा कि सफाई कर्मी लगे हैं। जहां पर गंदगी मिलती है फौरन साफ कराई जाती है। कूड़ा गाड़ियाें को भी लगाया गया है। उन्होंने जनता से भी सहयोग की अपील की है।