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सुविखाबाबू गांव में बाढ़ पानी से घिरा
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दुबौलिया क्षेत्र मे कटान करती सरयू नदी।
- फोटो : BASTI
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सुविखा बाबू गांव पानी से घिरा
दुबौलिया (बस्ती)। लगातार हो रही बारिश से सरयू का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नदी व बांध के बीच बसे गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। टकटकवा स्थित रिंगबाध आधे से अधिक नदी में समा चुका है। सुविखा बाबू गांव एक बार फिर चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिर गया है। ग्रामीण नाव के सहारे जरूरी काम निपटा रहे हैं।
माझा क्षेत्र के गांवों में मवेशियों के लिए हरे चारे का संकट पैदा हो गया है। जलस्तर बढ़ने से खजांचीपुर का एक पुरवा, विशुनदासपुर की अनुसूचित बस्ती, अशोकपुर ग्राम पंचायत के कई मजरे व टेढ़वा की ओर पानी धीरे-धीरे फैल रहा है। नदी का जलस्तर बढ़ने से अतिसंवेदनशील तटबंध कटरिया-चांदपुर और गौरा-सैफाबाद पर पानी का दबाव बढ़ गया है। बाढ़ खंड तटबंधों की निगरानी में लगा हुआ है। बाढ़ खंड के एसडीओ जितेंद्र कुमार ने बताया सुविखा बाबू गांव तक पानी पहुंच गया है।
कटरिया-चांदपुर तटबंध व इसके तटीय इलाकों पर नजर रखी जा रही है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या की ओर से जारी रिपोर्ट में बताया कि शुक्रवार दिन में तीन बजे जलस्तर 92.66 रिकॉर्ड किया गया है। जो की लाल निशान से सात सेंटीमीटर नीचे है। वहीं, जिला प्रशासन की ओर से जारी बाढ़ बुलेटिन में जिले में अभी एक भी गांव बाढ़ प्रभावित या मैरुंड की श्रेणी में नहीं है। डीएम सौम्या अग्रवाल ने बताया कि 16 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। तीस बाढ़ शरणार्थी कैंप स्थापित किए गए हैं। मवेशियों के लिए अलग से कैंप बनाया गया है।
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दुबौलिया (बस्ती)। लगातार हो रही बारिश से सरयू का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नदी व बांध के बीच बसे गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। टकटकवा स्थित रिंगबाध आधे से अधिक नदी में समा चुका है। सुविखा बाबू गांव एक बार फिर चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिर गया है। ग्रामीण नाव के सहारे जरूरी काम निपटा रहे हैं।
माझा क्षेत्र के गांवों में मवेशियों के लिए हरे चारे का संकट पैदा हो गया है। जलस्तर बढ़ने से खजांचीपुर का एक पुरवा, विशुनदासपुर की अनुसूचित बस्ती, अशोकपुर ग्राम पंचायत के कई मजरे व टेढ़वा की ओर पानी धीरे-धीरे फैल रहा है। नदी का जलस्तर बढ़ने से अतिसंवेदनशील तटबंध कटरिया-चांदपुर और गौरा-सैफाबाद पर पानी का दबाव बढ़ गया है। बाढ़ खंड तटबंधों की निगरानी में लगा हुआ है। बाढ़ खंड के एसडीओ जितेंद्र कुमार ने बताया सुविखा बाबू गांव तक पानी पहुंच गया है।
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कटरिया-चांदपुर तटबंध व इसके तटीय इलाकों पर नजर रखी जा रही है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या की ओर से जारी रिपोर्ट में बताया कि शुक्रवार दिन में तीन बजे जलस्तर 92.66 रिकॉर्ड किया गया है। जो की लाल निशान से सात सेंटीमीटर नीचे है। वहीं, जिला प्रशासन की ओर से जारी बाढ़ बुलेटिन में जिले में अभी एक भी गांव बाढ़ प्रभावित या मैरुंड की श्रेणी में नहीं है। डीएम सौम्या अग्रवाल ने बताया कि 16 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। तीस बाढ़ शरणार्थी कैंप स्थापित किए गए हैं। मवेशियों के लिए अलग से कैंप बनाया गया है।
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