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Basti Flood: बाढ़ से सुविकाबाबू की स्थिति बिगड़ी, एसडीआरएफ तैनात
Wed, 12 Oct 2022 10:03 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती।
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 12 Oct 2022 10:03 AM IST
सार
दुबौलिया प्रतिनिधि के अनुसार, डीएम की अपील के बाद भी बाढ़ प्रभावित गांवों के लोग शरणालय में जाने के लिए तैयार नहीं हैं। बाढ़ से कुर्मियाना, सुविकाबाबू, टेढ़वा, सतहा, भूअरिया, देवारागंगबरार का केवटहिया पुरवा, पूरे मोतीराम, बसावनपुर चारों ओर से पानी से घिर चुके हैं। पूरेमोतीराम व बसावनपुर में पानी घरों में घुस रहा है।
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दुबौलिया क्षेत्र के पूरेमोतीराम पुरवे मे घुसा बाढ का पानी ।
- फोटो : BASTI
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विस्तार
सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। मंगलवार शाम जलस्तर 93.56 दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 84 सेंटीमीटर ऊपर है। जल आयोग अयोध्या के अनुसार अभी राहत के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। कल्यानपुर, भरथापुर व विशुनदासपुर के लोग तटबंध व परिषदीय विद्यालय में शरण लेने लगे हैं। सुविकाबाबू गांव की स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। यहां एसडीआरएफ की टीम लगाई गई है।
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दुबौलिया प्रतिनिधि के अनुसार, डीएम की अपील के बाद भी बाढ़ प्रभावित गांवों के लोग शरणालय में जाने के लिए तैयार नहीं हैं। बाढ़ से कुर्मियाना, सुविकाबाबू, टेढ़वा, सतहा, भूअरिया, देवारागंगबरार का केवटहिया पुरवा, पूरे मोतीराम, बसावनपुर चारों ओर से पानी से घिर चुके हैं। पूरेमोतीराम व बसावनपुर में पानी घरों में घुस रहा है। टकटकवा, विसुनदासपुर की अनुसूचित बस्ती भी पानी से घिर गया है। विशुनदासपुर के लोग मवेशियों सहित तटबंध पर शरण ले रहे हैं।
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बाढ़ प्रभावित सुविकाबाबू व अशोकपुर ग्राम पंचायत के पुरवों का एसडीएम गुलाब चंद ने निरीक्षण कर ग्रामीणों को शरणालयों में जाने का आग्रह किया। एसडीएम ने बताया कि सुविकाबाबू गांव में तीन मोटरबोट और एसडीआरएफ की टीम लगाई गई है। सुविका बाबू गांव की स्थित बेहद खराब है। बाढ़ ग्रसित गांवों पर लगातार नजर रखी जा रही है। डीएम प्रियंका निरंजन ने बताया कि ग्रामीणों से अपील की जा रही है कि गांव खाली कर शरणालयों में चले जाएं।
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विक्रमजोत प्रतिनिधि के अनुसार, क्षेत्र के दो दर्जन गांव बाढ़ से घिरे हुए हैं। नदी का पानी लगातार बढ़ने से माझा किता अव्वल, मड़ना माझा, दलपतपुर, जरही, कुड़निया, सहजौरा पूरे दुखी, अराजी भगला, चंदहा, पाही माफी, सरवरपुर, काशीपुर, अइलिया जुग्गाराम, चकिया, सलेमपुर, अराजीडूही, पिपरी संग्राम, बड़ागांव, अर्जुनपुर, नरसिंहपुर, लकड़ी पांडेय, लकड़ी दुबे, शंभूपुर, बेतावा माझा, पकड़ी संग्राम, खेमराजपुर, कन्हईपुर व तटबंध विहीन गांव संदलपुर, चानपुर, पड़ाव, कल्यानपुर, भरथापुर आदि गांव पानी से घिर चुके हैं। पानी लोगों के घरों में घुस चुका है। कल्यानपुर व भरथापुर के लोग परिषदीय विद्यालय व गांव में बने टीनशेड में शरण ले रहे हैं। घघौवा पुल के रास्ते पानी हाईवे पार कर परशुरामपुर ब्लॉक की ओर बढ़ रहा है। अधिशाषी अभियंता दिनेश कुमार ने बताया कि पानी लगातार बढ़ रहा है। स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों से अपील की जा रही है कि वे गांव खाली कर दें।
12 बाढ़ चौकियों से रख रहे हैं नजर
उपजिलाधिकारी हर्रैया व नायब तहसीलदार निखिलेश चौधरी क्षेत्र की लगातार निगरानी में दिनभर लगे रहे। नायब तहसीलदार ने बताया कि तहसील क्षेत्र में करीब 12 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। विक्रमजोत क्षेत्र में चार बाढ़ चौकियों रानीपुर बंधा, प्राथमिक विद्यालय फूलडीह, भौसिया डाक बंगला और ठोकर नंबर 10 से निगरानी की जा रही है। बताया कि बाढ़ प्रभावित गांव कल्यानपुर में दो, माझा मड़ना में पांच, माझा किता अव्वल में नौ नाव व मोटर बोट की व्यवस्था की गई है। 24 घंटे जलस्तर पर नजर रखी जा रही है।