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कंबाइंड मशीनों के लिए स्ट्रा रीपर जरूरी
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कंबाइंड मशीनों के लिए स्ट्रा रीपर जरूरी
बस्ती। कंबाइंड मशीन पर सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम या स्ट्रा रीपर लगाए बिना धान की कटाई का काम नहीं किया जाएगा। यदि कोई मशीन बिना स्ट्रा रीपर लगाने धान की कटाई करते मिली तो संचालक पर कार्रवाई की जाएगी। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कंबाइंड संचालकों की बैठक में ये बातें डीएम प्रियंका निरंजन ने कहीं।
उन्होंने कहा कि पराली जलाने पर सर्वोच्च न्यायालय व राष्ट्रीय हरित अधिकरण की ओर से जुर्माना लगाने का आदेश दिया गया है। इसमें दो एकड़ से कम क्षेत्र पर 2,500, दो से पांच एकड़ क्षेत्र पर 5,000 और इससे अधिक क्षेत्र के लिए 15,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। उन्होंने लेखपालों व सचिवों को निर्देश दिए कि किसानों को पराली न जलाने के लिए प्रेरित करें।
कहा कि जागरूकता के लिए सभी गांवों में गोष्ठी आयोजन की जाए। प्रधान की ओर से पराली निकट की गोशालाओं में भेजी जाएगी। भेजने की व्यवस्था मनरेगा के तहत की जाएगी। उन्होंने उप निदेशक कृषि को निर्देश दिए कि अपने कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित करें, जहां पर बिना सुपर स्ट्रा सिस्टम या स्ट्रा रीपर के कंबाइंड चलने की सूचना प्राप्त हो सके।
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एआरटीओ को निर्देश दिए कि बिना रीपर के चलने वाले कंबाइंड मशीनों का चालन करें। एआरटीओ ने बताया कि जिले में कुल 91 कंबाइंड मशीनें हैं। बैठक का संचालन उपनिदेशक कृषि अनिल कुमार ने किया। इस मौके पर एडीएम कमलेश चंद्र, डीडीओ अजीत श्रीवास्तव, डीएओ मनीष सिंह, भूमि संरक्षण अधिकारी डॉ. राजमंगल चौधरी, गन्ना अधिकारी मंजू सिंह आदि मौजूद रहीं।
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बस्ती। कंबाइंड मशीन पर सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम या स्ट्रा रीपर लगाए बिना धान की कटाई का काम नहीं किया जाएगा। यदि कोई मशीन बिना स्ट्रा रीपर लगाने धान की कटाई करते मिली तो संचालक पर कार्रवाई की जाएगी। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कंबाइंड संचालकों की बैठक में ये बातें डीएम प्रियंका निरंजन ने कहीं।
उन्होंने कहा कि पराली जलाने पर सर्वोच्च न्यायालय व राष्ट्रीय हरित अधिकरण की ओर से जुर्माना लगाने का आदेश दिया गया है। इसमें दो एकड़ से कम क्षेत्र पर 2,500, दो से पांच एकड़ क्षेत्र पर 5,000 और इससे अधिक क्षेत्र के लिए 15,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। उन्होंने लेखपालों व सचिवों को निर्देश दिए कि किसानों को पराली न जलाने के लिए प्रेरित करें।
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कहा कि जागरूकता के लिए सभी गांवों में गोष्ठी आयोजन की जाए। प्रधान की ओर से पराली निकट की गोशालाओं में भेजी जाएगी। भेजने की व्यवस्था मनरेगा के तहत की जाएगी। उन्होंने उप निदेशक कृषि को निर्देश दिए कि अपने कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित करें, जहां पर बिना सुपर स्ट्रा सिस्टम या स्ट्रा रीपर के कंबाइंड चलने की सूचना प्राप्त हो सके।
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एआरटीओ को निर्देश दिए कि बिना रीपर के चलने वाले कंबाइंड मशीनों का चालन करें। एआरटीओ ने बताया कि जिले में कुल 91 कंबाइंड मशीनें हैं। बैठक का संचालन उपनिदेशक कृषि अनिल कुमार ने किया। इस मौके पर एडीएम कमलेश चंद्र, डीडीओ अजीत श्रीवास्तव, डीएओ मनीष सिंह, भूमि संरक्षण अधिकारी डॉ. राजमंगल चौधरी, गन्ना अधिकारी मंजू सिंह आदि मौजूद रहीं।