{"_id":"6ac40acef0acb5dfe00acd41","slug":"strategy-formulated-to-enhance-educational-quality-basti-news-c-207-1-bst1031-168668-2026-10-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: शैक्षिक गुणवत्ता बढ़ाने को लेकर बनाई रणनीति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: शैक्षिक गुणवत्ता बढ़ाने को लेकर बनाई रणनीति
विज्ञापन
बस्ती। डायट सभागार में सोमवार को जिला टास्क फोर्स की बैठक हुई। इसमें निपुण भारत मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन, आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान को सुदृढ़ करने, विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता बढ़ाने को लेकर रणनीति बनाई गई। सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) संजय शुक्ल ने कहा कि निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सभी स्तरों पर समन्वित प्रयास आवश्यक हैं। विद्यालयों में होने वाली सपोर्टिव सुपरविजन केवल निरीक्षण तक सीमित न रहे, बल्कि शिक्षकों को उनकी वास्तविक शैक्षिक आवश्यकताओं के अनुरूप अकादमिक सहयोग उपलब्ध कराने में मदद करें।
एआरपी को निर्देशित किया कि विद्यालय भ्रमण के दौरान बच्चों के वास्तविक अधिगम स्तर को समझते हुए कमजोर दक्षताओं की पहचान की जाए। उसके आधार पर सुधारात्मक कार्ययोजना तैयार करें। डीसी निपुण आलोक त्रिपाठी ने सपोर्टिव सुपरविजन की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। बताया कि सितंबर में 71 एआरपी की ओर से 1,986 विद्यालय भ्रमण किए गए।
अगस्त के 1,109 भ्रमण की तुलना में 79 प्रतिशत अधिक हैं। वहीं एआरपी की ओर से गोद लिए गए 703 विद्यालयों में से 650 विद्यालयों में भ्रमण किया गया। सितंबर में प्रति एआरपी लगभग 27 भ्रमण हुए। 35 एआरपी ने 29 या उससे अधिक भ्रमण पूरे किए। कक्षा एक से तीन की एफएलएन कक्षाओं को प्राथमिकता देने और कक्षा-2 में भ्रमण बढ़ाने की आवश्यकता बताई।
विज्ञापन
एसआरजी आशीष श्रीवास्तव ने विद्यालयों में संदर्शिका, लाइब्रेरी, निपुण तालिका, शिक्षण-अधिगम सामग्री के प्रभावी और उद्देश्यपूर्ण उपयोग पर जानकारी दी। बैठक में मोहम्मद इमरान, खंड शिक्षा अधिकारी मीनाक्षी सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
एआरपी को निर्देशित किया कि विद्यालय भ्रमण के दौरान बच्चों के वास्तविक अधिगम स्तर को समझते हुए कमजोर दक्षताओं की पहचान की जाए। उसके आधार पर सुधारात्मक कार्ययोजना तैयार करें। डीसी निपुण आलोक त्रिपाठी ने सपोर्टिव सुपरविजन की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। बताया कि सितंबर में 71 एआरपी की ओर से 1,986 विद्यालय भ्रमण किए गए।
विज्ञापन
अगस्त के 1,109 भ्रमण की तुलना में 79 प्रतिशत अधिक हैं। वहीं एआरपी की ओर से गोद लिए गए 703 विद्यालयों में से 650 विद्यालयों में भ्रमण किया गया। सितंबर में प्रति एआरपी लगभग 27 भ्रमण हुए। 35 एआरपी ने 29 या उससे अधिक भ्रमण पूरे किए। कक्षा एक से तीन की एफएलएन कक्षाओं को प्राथमिकता देने और कक्षा-2 में भ्रमण बढ़ाने की आवश्यकता बताई।
विज्ञापन
एसआरजी आशीष श्रीवास्तव ने विद्यालयों में संदर्शिका, लाइब्रेरी, निपुण तालिका, शिक्षण-अधिगम सामग्री के प्रभावी और उद्देश्यपूर्ण उपयोग पर जानकारी दी। बैठक में मोहम्मद इमरान, खंड शिक्षा अधिकारी मीनाक्षी सिंह आदि मौजूद रहे।