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एसआईआर : बीएलओ बीमार...लेखपाल पर बढ़ा भार, तहसील में भटक रहे फरियादी
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बस्ती। एसआईआर प्रक्रिया के द्वितीय चरण में बीएलओ बीमार पड़ जा रहे हैं। सुपरवीजन में लगाए गए लेखपाल खुद मतदाताओं के घर नोटिस बांटते फिर रहे हैं। राजस्व निरीक्षक इसकी रिपोर्टिंग करने में फंसे हैं। तहसीलों में राजस्व से संबंधित कार्य लगभग चार महीने से ठप पड़े हैं। भूमि पैमाइश, खारिज दाखिल के मामले अटक गए हैं।
फरियादी तहसीलों का चक्कर लगाते तबाह हो चुके हैं। लेखपाल से लेकर राजस्व अधिकारी एसआईआर में व्यस्त होने की दलील देकर कुछ भी सुनने को तैयार नहीं हैं। बनकटी के राम उजागिर ने बताया कि उन्होंने दिसंबर महीने में ही जमीन की रजिस्ट्री कराई है, अभी तक उनका खारिज दाखिल अटका हुआ है। तहसील पहुंचने पर यहीं बताया जा रहा है कि साहब एसआईआर के कार्य में व्यस्त हैं। उन्हें कार्यालय में बैठने की फुर्सत ही नहीं मिल रही है।
वहीं मुरलीजोत के राजेश कुमार का कहना है कि तीन महीने से उनके जमीन की पैमाइश नहीं हो पा रही है। हल्का लेखपाल बार-बार तिथि बताकर नहीं आ रहे हैं, हर बार यहीं सुनने को मिल रहा हैं एसआईआर से फुर्सत नहीं है। बता दें कि द्वितीय चरण की प्रक्रिया में तमाम महिला बीएलओ बीमार पड़ जा रही हैं। स्वास्थ्य खराब होने का हवाला देकर वह कार्य करने में असमर्थता व्यक्त कर रही हैं। इसके बाद अधिकारी दबाव भी नहीं बना पा रहे हैं। विकल्प के रूप में सुपरवीजन करने वाले लेखपालों को नोटिस लेकर घर-घर दौड़ाया जा रहा है।
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जिले में अभी 1,79,862 मतदाताओं में नोटिस बांटनी है। वहीं 2,92,469 मतदाताओं से जवाब भी लेना शेष है। यह कार्य बीएलओ के लिए चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। सदर विधानसभा के गनेशपुर क्षेत्र में पांच से अधिक महिला और पुरुष बीएलओ ने तबीयत बिगड़ने का हवाला देकर छुट्टी ले लिया है। यहां अब लेखपालों से घर-घर नोटिस बंटवाई जा रही है। रुधौली विधानसभा, हर्रैया विधानसभा में भी इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं। इधर, प्रशासन का दबाव है कि एसआईआर का कार्य रुकना नहीं चाहिए। ऐसे में बूथ लेबल के कार्य का पूरा बोझ लेखपालाें पर बढ़ता जा रहा है और इसका खामियाजा तहसील के फरियादी भुगत रहे हैं।
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फरियादी तहसीलों का चक्कर लगाते तबाह हो चुके हैं। लेखपाल से लेकर राजस्व अधिकारी एसआईआर में व्यस्त होने की दलील देकर कुछ भी सुनने को तैयार नहीं हैं। बनकटी के राम उजागिर ने बताया कि उन्होंने दिसंबर महीने में ही जमीन की रजिस्ट्री कराई है, अभी तक उनका खारिज दाखिल अटका हुआ है। तहसील पहुंचने पर यहीं बताया जा रहा है कि साहब एसआईआर के कार्य में व्यस्त हैं। उन्हें कार्यालय में बैठने की फुर्सत ही नहीं मिल रही है।
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वहीं मुरलीजोत के राजेश कुमार का कहना है कि तीन महीने से उनके जमीन की पैमाइश नहीं हो पा रही है। हल्का लेखपाल बार-बार तिथि बताकर नहीं आ रहे हैं, हर बार यहीं सुनने को मिल रहा हैं एसआईआर से फुर्सत नहीं है। बता दें कि द्वितीय चरण की प्रक्रिया में तमाम महिला बीएलओ बीमार पड़ जा रही हैं। स्वास्थ्य खराब होने का हवाला देकर वह कार्य करने में असमर्थता व्यक्त कर रही हैं। इसके बाद अधिकारी दबाव भी नहीं बना पा रहे हैं। विकल्प के रूप में सुपरवीजन करने वाले लेखपालों को नोटिस लेकर घर-घर दौड़ाया जा रहा है।
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जिले में अभी 1,79,862 मतदाताओं में नोटिस बांटनी है। वहीं 2,92,469 मतदाताओं से जवाब भी लेना शेष है। यह कार्य बीएलओ के लिए चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। सदर विधानसभा के गनेशपुर क्षेत्र में पांच से अधिक महिला और पुरुष बीएलओ ने तबीयत बिगड़ने का हवाला देकर छुट्टी ले लिया है। यहां अब लेखपालों से घर-घर नोटिस बंटवाई जा रही है। रुधौली विधानसभा, हर्रैया विधानसभा में भी इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं। इधर, प्रशासन का दबाव है कि एसआईआर का कार्य रुकना नहीं चाहिए। ऐसे में बूथ लेबल के कार्य का पूरा बोझ लेखपालाें पर बढ़ता जा रहा है और इसका खामियाजा तहसील के फरियादी भुगत रहे हैं।