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Basti News: जांच शुरू होते ही अवकाश पर गए एसआईसी
Sat, 17 Jun 2023 01:17 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sat, 17 Jun 2023 01:17 AM IST
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बस्ती। जिला अस्पताल में एमएलसी समर्थकों व स्टाफ नर्स के बीच हुआ विवाद ठंडा नहीं पड़ा है। पीड़ित नर्सों का कोर्ट व विभागीय अधिकारियों के सामने बयान हुआ है। घटना में आरोपी सूरज सिंह ने इस मामले को लेकर डीएम से लगायत डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक व प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को पत्र लिख कर जांच की मांग की है। इधर पूरे प्रकरण में एसआईसी को आरोपी ने दोषी बताया है। जांच की भनक लगते ही एसआईसी डॉ. आलोक कुमार वर्मा छुट्टी पर चले गए हैं।
उल्लेखनीय है कि 10 जून की रात जिला अस्पताल में एमएलसी समर्थक संदीप यादव की तबीयत खराब होने पर उन्हें भर्ती कराया गया। इनके सीने में दर्द था। काफी देर तक जब उनका इलाज शुरू नहीं हुआ और इसकी जानकारी अन्य एमएलसी समर्थकों को लगी तो वह जिला अस्पताल पहुंच गए। इसके बाद कई बार एसआईसी को कई बार फोन किया, मगर एसआईसी डॉ. वर्मा ने फोन ही नहीं रिसीव किया। बाद में यह लोग तीन एमएलसी समर्थकों सहित 25 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। जिसमें नर्स से अभद्रता व कपड़े फाड़ने का भी आरोप लगाया गया है।
मामला जब डीएम के पास पहुंचा तो इस मामले में एडीएम के नेतृत्व में तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर जांच के निर्देश दिए। इधर सूरज ने 15 जून को डिप्टी सीएम बृजेश पाठक व प्रमुख सचिव को यहां की स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को बदतर बताते हुए इस पूरे प्रकरण में एसआईसी डॉ. वर्मा की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं। इधर शुक्रवार को एसआईसी अवकाश पर चले गए हैं।
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बोले एडीएम
एडीएम कमलेश चंद्र ने कहा कि जांच की जानकारी मुझे मिली है, लेकिन अब तक कोई पत्र इसके लिए नहीं मिला है। तीन सदस्यीय कमेटी को जैसे ही पत्र मिलेगा, जांच शुरू करा दी जाएगी। इस पूरे प्रकरण में कौन दोषी है। जांच के बाद सामने आ जाएगा।
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बोले प्रभारी एसआईसी
जिला अस्पताल के प्रभारी एसआईसी डॉ. रामप्रकाश ने कहा कि एसआईसी आवश्यक कार्य से अवकाश पर गए हैं। सोमवार तक वह वापस आएंगे।
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उल्लेखनीय है कि 10 जून की रात जिला अस्पताल में एमएलसी समर्थक संदीप यादव की तबीयत खराब होने पर उन्हें भर्ती कराया गया। इनके सीने में दर्द था। काफी देर तक जब उनका इलाज शुरू नहीं हुआ और इसकी जानकारी अन्य एमएलसी समर्थकों को लगी तो वह जिला अस्पताल पहुंच गए। इसके बाद कई बार एसआईसी को कई बार फोन किया, मगर एसआईसी डॉ. वर्मा ने फोन ही नहीं रिसीव किया। बाद में यह लोग तीन एमएलसी समर्थकों सहित 25 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। जिसमें नर्स से अभद्रता व कपड़े फाड़ने का भी आरोप लगाया गया है।
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मामला जब डीएम के पास पहुंचा तो इस मामले में एडीएम के नेतृत्व में तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर जांच के निर्देश दिए। इधर सूरज ने 15 जून को डिप्टी सीएम बृजेश पाठक व प्रमुख सचिव को यहां की स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को बदतर बताते हुए इस पूरे प्रकरण में एसआईसी डॉ. वर्मा की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं। इधर शुक्रवार को एसआईसी अवकाश पर चले गए हैं।
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बोले एडीएम
एडीएम कमलेश चंद्र ने कहा कि जांच की जानकारी मुझे मिली है, लेकिन अब तक कोई पत्र इसके लिए नहीं मिला है। तीन सदस्यीय कमेटी को जैसे ही पत्र मिलेगा, जांच शुरू करा दी जाएगी। इस पूरे प्रकरण में कौन दोषी है। जांच के बाद सामने आ जाएगा।
बोले प्रभारी एसआईसी
जिला अस्पताल के प्रभारी एसआईसी डॉ. रामप्रकाश ने कहा कि एसआईसी आवश्यक कार्य से अवकाश पर गए हैं। सोमवार तक वह वापस आएंगे।