भानपुर। तहसील क्षेत्र के कोठिला स्थित कोटही माता मंदिर पर आयोजित सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा एवं ज्ञान महायज्ञ के दौरान गोकर्ण और धुंधकारी की कथा सुनाई गई। कथा व्यास शिवम शुक्ल ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा जीव को प्रेत योनि से भी मुक्ति दिलाने का एक माध्यम है। ब्राह्मण आत्मदेव के पुत्रों गोकर्ण और धुंधकारी की कथा सुनायी। तमाम पाप कर्मों के चलते प्रेत बने धुंधकारी का श्रीमद्भागवत कथा श्रवण से हुए उद्धार का सविस्तार वर्णन किया। कथा सुन श्रोता भी भावुक हो उठे। इस मौके पर यजमान नरेंद्र देव पांडेय, छोटेलाल पाडेय, देवेंद्र देव पांडेय, अश्विनी कुमार, अनंत पांडेय, आकर्ष पांडेय, चंद्रशेखर पांडेय, वीरेंद्र पांडेय सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। संवाद