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दुकानदार की मौत
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दुकानदार की मौत, ठंड लगने की चर्चा
बनकटी। लालगंज थानाक्षेत्र के नेवारी गांव के निजामुद्दीन (55) पुत्र मोती की रविवार को अचानक मौत हो गई। उस समय वह नमाज पढ़ने गए थे। जहां ठंड लगने की बात लोगों से कही थी। परिजनों ने भी ठंड लगने को कारण बताया है।
परिजनों का कहना था कि निजामुद्दीन गांव में ही छोटी सी चाय की दुकान चलाते और उसी के खर्च से परिवार का भरण पोषण किया करते थे। रविवार सुबह की नमाज के बाद बाहर निकलने लगे कि मस्जिद में ही गिर पड़े। बोले कि काफी ठंड लग रही है। इस पर लोगों ने आग जलाकर ठंड को कम करने की कोशिश की लेकिन हालत बिगड़ती गई। आनन फानन में गांव के लोग महादेवा के निजी डॉक्टर के यहां ले गए जहां हालत गंभीर देखकर डॉक्टर ने जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी। बस्ती जिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही सोनूपार के निकट उनकी मौत हो गई। परिजन शव को घर ले आये और दफन कर दिया। पत्नी नजरैन बानो, बेटी समीमा बानो और बेटा इरफान का रो रोकर बुरा हाल है। इस संबंध में हलका लेखपाल अश्वनी ने बताया कि देर शाम नेवारी गांव से फोन आया था, लेकिन अभी मौके पर पहुंच नहीं पाया हूं। गांव में पहुंचकर मौत की वास्तविकता पता चल पाएगी।
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बनकटी। लालगंज थानाक्षेत्र के नेवारी गांव के निजामुद्दीन (55) पुत्र मोती की रविवार को अचानक मौत हो गई। उस समय वह नमाज पढ़ने गए थे। जहां ठंड लगने की बात लोगों से कही थी। परिजनों ने भी ठंड लगने को कारण बताया है।
परिजनों का कहना था कि निजामुद्दीन गांव में ही छोटी सी चाय की दुकान चलाते और उसी के खर्च से परिवार का भरण पोषण किया करते थे। रविवार सुबह की नमाज के बाद बाहर निकलने लगे कि मस्जिद में ही गिर पड़े। बोले कि काफी ठंड लग रही है। इस पर लोगों ने आग जलाकर ठंड को कम करने की कोशिश की लेकिन हालत बिगड़ती गई। आनन फानन में गांव के लोग महादेवा के निजी डॉक्टर के यहां ले गए जहां हालत गंभीर देखकर डॉक्टर ने जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी। बस्ती जिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही सोनूपार के निकट उनकी मौत हो गई। परिजन शव को घर ले आये और दफन कर दिया। पत्नी नजरैन बानो, बेटी समीमा बानो और बेटा इरफान का रो रोकर बुरा हाल है। इस संबंध में हलका लेखपाल अश्वनी ने बताया कि देर शाम नेवारी गांव से फोन आया था, लेकिन अभी मौके पर पहुंच नहीं पाया हूं। गांव में पहुंचकर मौत की वास्तविकता पता चल पाएगी।
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