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बस्ती सड़क हादसा: पल भर में बिखर गया अनम की खुशियों का संसार, काफी देर तक माता-पिता और बहनों की मौत से थी बेखबर
Fri, 13 Aug 2021 04:50 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, बस्ती।
अमर उजाला नेटवर्क, बस्ती।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 13 Aug 2021 04:50 PM IST
सार
हादसे के बाद पुलिस ने नहीं बताया कि उसके माता-पिता और तीन बहनों की हो चुकी है मौत। दोपहर बाद जब हुई जानकारी तो बदहवाश हो गई अनम, लखनऊ से पहुंचे परिजनों ने संभाला।
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अनम से जानकारी लेते पुलिस कर्मी।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
अयोध्या-गोरखपुर हाईवे पर हुए भीषण हादसे में पल भर में अनम की खुशियों का संसार बिखर गया। एक तो दादी को खोने के गम में पहले से परेशान अनम को बृहस्पतिवार दोपहर बाद जब इस बात का पता चला कि उसके माता-पिता और तीन बहनों की मौत हो चुकी है तो वह बदहवाश हो गई। लखनऊ से पहुंचे मामा ने रोते हुए सहारा तो दिया, लेकिन उसके आंसुओं को रोकने के लिए उनके पास लफ्ज नहीं थे।
बस्ती के नगर थानाक्षेत्र के पुरैना कटया गांव के पास हुए कार हादसे में सुरक्षित बची 14 वर्षीय अनम को काफी देर तक पता ही नहीं चला कि उसके अम्मी-अब्बू, एक बड़ी और दो छोटी बहनें अब इस दुनिया में नहीं हैं। पुलिस ने जब हादसे के बारे में उससे पूछा तो बोली, हम सब सो रहे थे, तभी अचानक टक्कर हो गई। एकदम अंधेरा छा गया। कार टकराने के बाद उसकी आंख खुली तो कुछ दिखाई नहीं दे रहा था।
कुछ लोग उसे निकाल कर बाहर लाए। उसके बाद घायल अम्मी-अब्बू और बहनों को निकाला गया। ड्राइवर अंकल को एंबुलेंस से ले गए। अम्मी-अब्बू और हम सब फंस गए थे। चारों तरफ खून ही खून था। कोई बोल नहीं पा रहा था। मंजर देखकर अनम की हालत खराब न हो, पुलिस ने तत्काल घटनास्थल के पास स्थित एक परिवार के पास भेज दिया। इससे वह कुछ समझ नहीं पाई। अनम को उस परिवार में ले जाने के बाद राहत और बचाव कार्य में पुलिस और एनएचएआई कर्मी लग गए।
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कुछ देर बाद चौकी इंचार्ज फुटहिया रामदेव और कुछ पुलिसकर्मियों ने उसके पास जाकर यह कहकर दिलासा देते रहे कि चिंता न करो, सभी को अस्पताल भेजा गया है। हादसे के बाद भी अनम आने वाले हर फोन रिसीव करती रही। अनम फोन पर लगातार रिश्तेदारों व परिजनों को यह बताती रही कि गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया है। अम्मी-अब्बू सभी को चोट लगी है। ड्राइवर अंकल को पुलिस ने एंबुलेंस से अस्पताल भेजा है। फोन पर बात कर रही अनम को काफी देर तक यह नहीं पता था कि उसकी अम्मी-अब्बू व उनकी बहनें अब कभी लौट कर नहीं आने वाले हैं।
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बस्ती के नगर थानाक्षेत्र के पुरैना कटया गांव के पास हुए कार हादसे में सुरक्षित बची 14 वर्षीय अनम को काफी देर तक पता ही नहीं चला कि उसके अम्मी-अब्बू, एक बड़ी और दो छोटी बहनें अब इस दुनिया में नहीं हैं। पुलिस ने जब हादसे के बारे में उससे पूछा तो बोली, हम सब सो रहे थे, तभी अचानक टक्कर हो गई। एकदम अंधेरा छा गया। कार टकराने के बाद उसकी आंख खुली तो कुछ दिखाई नहीं दे रहा था।
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कुछ लोग उसे निकाल कर बाहर लाए। उसके बाद घायल अम्मी-अब्बू और बहनों को निकाला गया। ड्राइवर अंकल को एंबुलेंस से ले गए। अम्मी-अब्बू और हम सब फंस गए थे। चारों तरफ खून ही खून था। कोई बोल नहीं पा रहा था। मंजर देखकर अनम की हालत खराब न हो, पुलिस ने तत्काल घटनास्थल के पास स्थित एक परिवार के पास भेज दिया। इससे वह कुछ समझ नहीं पाई। अनम को उस परिवार में ले जाने के बाद राहत और बचाव कार्य में पुलिस और एनएचएआई कर्मी लग गए।
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कुछ देर बाद चौकी इंचार्ज फुटहिया रामदेव और कुछ पुलिसकर्मियों ने उसके पास जाकर यह कहकर दिलासा देते रहे कि चिंता न करो, सभी को अस्पताल भेजा गया है। हादसे के बाद भी अनम आने वाले हर फोन रिसीव करती रही। अनम फोन पर लगातार रिश्तेदारों व परिजनों को यह बताती रही कि गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया है। अम्मी-अब्बू सभी को चोट लगी है। ड्राइवर अंकल को पुलिस ने एंबुलेंस से अस्पताल भेजा है। फोन पर बात कर रही अनम को काफी देर तक यह नहीं पता था कि उसकी अम्मी-अब्बू व उनकी बहनें अब कभी लौट कर नहीं आने वाले हैं।