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Basti News: गैर इरादतन हत्या में दो को सात वर्ष की सजा
Fri, 09 Aug 2024 03:43 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Fri, 09 Aug 2024 03:43 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
- 20-20 हजार रुपये लगा अर्थदंड, अदा न करने पर दो माह की अतिरिक्त सजा
बस्ती। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम शिवचंद के न्यायालय ने मारपीट के मामले में क्राॅस केस की सुनवाई करते हुए एक पक्ष के दो लोगों को गैर इरादतन हत्या के मामले में दोषी करार दिया। दोनों को सात वर्ष की सश्रम कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।
सोनहा क्षेत्र के महुआडाबर गांव का मामला है। राम जियावन पुत्र जसई ने तहरीर देकर कहा कि 3 सितंबर 2009 को गांव के रमेश पुत्र जगराम, सुनील और उनके पिता पतिराम, परविंदर चौधरी गांव के ट्रांसफाॅर्मर बनवाने के लिए रुपये की मांग कर रहे थे। उनका भतीजा अशोक कुमार चंदे के नाम पर 500 रुपये की नोट देकर 100 रुपये काटकर 400 रुपये वापस मांगने लगा। इसी बात को लेकर विवाद हो गया। रमेश और अन्य लोगों ने लाठी-डंडे से भतीजे अशोक के सिर पर प्रहार कर दिया, जिसमें अशोक के सिर में गंभीर चोट लगी और बेहोश होकर गिर पड़ा। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से लखनऊ के लिए रेफर कर दिया गया था। इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
मामले में सुनवाई के दौरान पतिराम और परविंदर चौधरी के खिलाफ साक्ष्य न मिलने पर बरी कर दिया गया जबकि रमेश और सुनील को दोषी करार देते हुए सात वर्ष का सश्रम कारावास और 20-20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। अर्थदंड न देने पर दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। वहीं दूसरे पक्ष से दर्ज कराए गए केस में शिवकुमार और अनिल कुमार को बरी किया गया।
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- 20-20 हजार रुपये लगा अर्थदंड, अदा न करने पर दो माह की अतिरिक्त सजा
बस्ती। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम शिवचंद के न्यायालय ने मारपीट के मामले में क्राॅस केस की सुनवाई करते हुए एक पक्ष के दो लोगों को गैर इरादतन हत्या के मामले में दोषी करार दिया। दोनों को सात वर्ष की सश्रम कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।
सोनहा क्षेत्र के महुआडाबर गांव का मामला है। राम जियावन पुत्र जसई ने तहरीर देकर कहा कि 3 सितंबर 2009 को गांव के रमेश पुत्र जगराम, सुनील और उनके पिता पतिराम, परविंदर चौधरी गांव के ट्रांसफाॅर्मर बनवाने के लिए रुपये की मांग कर रहे थे। उनका भतीजा अशोक कुमार चंदे के नाम पर 500 रुपये की नोट देकर 100 रुपये काटकर 400 रुपये वापस मांगने लगा। इसी बात को लेकर विवाद हो गया। रमेश और अन्य लोगों ने लाठी-डंडे से भतीजे अशोक के सिर पर प्रहार कर दिया, जिसमें अशोक के सिर में गंभीर चोट लगी और बेहोश होकर गिर पड़ा। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से लखनऊ के लिए रेफर कर दिया गया था। इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
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मामले में सुनवाई के दौरान पतिराम और परविंदर चौधरी के खिलाफ साक्ष्य न मिलने पर बरी कर दिया गया जबकि रमेश और सुनील को दोषी करार देते हुए सात वर्ष का सश्रम कारावास और 20-20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। अर्थदंड न देने पर दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। वहीं दूसरे पक्ष से दर्ज कराए गए केस में शिवकुमार और अनिल कुमार को बरी किया गया।
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