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Basti News: नाबालिग से दुष्कर्म में सात वर्ष की सजा
Fri, 25 Oct 2024 10:33 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Fri, 25 Oct 2024 10:33 PM IST
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अपर जिला जज फास्ट ट्रैक प्रथम की कोर्ट ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। अपर जिला जज फास्ट ट्रैक प्रथम प्रमोद कुमार गिरि की अदालत ने बहला फुसलाकर कर भगा ले जाने और दुष्कर्म के दोषी को सात वर्ष का सश्रम कारावास और 33 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न अदा करने पर दो वर्ष छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
एडीजीसी वेद प्रकाश पांडेय ने अदालत को बताया कि मामला दुबौलिया थाना क्षेत्र के एक गांव का है। घटना 29 जून 2000 रात करीब 11 बजे की है। पीड़िता के पिता ने तहरीर में आरोप लगाया उसके ही गांव के मस्तराम उसकी 14 वर्षीय बेटी को बहला-फुसलाकर भगा ले गया।
थानाध्यक्ष दुबौलिया ने तहरीर के आधार पर मस्तराम पर केस दर्ज किया। पीड़िता के मजिस्ट्रियल बयान के बाद धारा की बढ़ोतरी के बाद उसकी विवेचना तत्कालीन उपनिरीक्षक दूधनाथ यादव को दी गई। दौरान विवेचना, विवेचक ने वादी व साक्षियों के बयान अंकित किया एवं घटना स्थल का निरीक्षण कर नक्शा नजरी तैयार किया। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद परीक्षण आख्या प्राप्त होने पर अभियुक्त मस्तराम के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किया। न्यायाधीश ने पत्रावली के अवलोकन के बाद अभियुक्त को सजा का हुक्म दिया।
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बस्ती। अपर जिला जज फास्ट ट्रैक प्रथम प्रमोद कुमार गिरि की अदालत ने बहला फुसलाकर कर भगा ले जाने और दुष्कर्म के दोषी को सात वर्ष का सश्रम कारावास और 33 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न अदा करने पर दो वर्ष छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
एडीजीसी वेद प्रकाश पांडेय ने अदालत को बताया कि मामला दुबौलिया थाना क्षेत्र के एक गांव का है। घटना 29 जून 2000 रात करीब 11 बजे की है। पीड़िता के पिता ने तहरीर में आरोप लगाया उसके ही गांव के मस्तराम उसकी 14 वर्षीय बेटी को बहला-फुसलाकर भगा ले गया।
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थानाध्यक्ष दुबौलिया ने तहरीर के आधार पर मस्तराम पर केस दर्ज किया। पीड़िता के मजिस्ट्रियल बयान के बाद धारा की बढ़ोतरी के बाद उसकी विवेचना तत्कालीन उपनिरीक्षक दूधनाथ यादव को दी गई। दौरान विवेचना, विवेचक ने वादी व साक्षियों के बयान अंकित किया एवं घटना स्थल का निरीक्षण कर नक्शा नजरी तैयार किया। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद परीक्षण आख्या प्राप्त होने पर अभियुक्त मस्तराम के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किया। न्यायाधीश ने पत्रावली के अवलोकन के बाद अभियुक्त को सजा का हुक्म दिया।
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