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Basti News: मंदिर प्रकरण में एसडीएम सदर ने लेखपाल को किया निलंबित
Mon, 12 Jun 2023 01:27 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Mon, 12 Jun 2023 01:27 AM IST
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बस्ती। पुरानी बस्ती के पांडेय बाजार बांसी रोड पर स्थित श्रीराम जानकी मंदिर प्रकरण में रविवार को एसडीएम सदर विनोद कुमार पांडेय ने क्षेत्रीय लेखपाल को निलंबित कर दिया है। इस मामले में एक दिन पहले एसपी गोपाल कृष्ण चौधरी ने थानेदार को निलंबित किया था।
उल्लेखनीय है कि 4 जून को श्रीराम जानकी मंदिर को कुछ लोगों ने गिरा दिया था। इसके बाद मंदिर ट्रस्ट की सर्वाकार पदमावती देवी के पुत्र आंजनेय ने तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। सर्वाकार ने आरोप लगाया कि जिस जमीन को मयंक आदि अपनी बता रहे हैँ वह वास्तव में ट्रस्ट की है। करोड़ों की इस संपत्ति पर उनकी नजर थी। इस घटना के बाद वहां विश्व हिंदू परिषद व विश्व हिंदू महासंघ ने आवाज उठाई और धरना दिया। इसके बाद कार्रवाई का दौर शुरू हो गया। दूसरी ओर आरोपी मयंक ने कहा कि इस जमीन को उनके परिवार ने 1980 में ही बैनामा कराया था। इस पर उनका मालिकाना हक है। जिसे मंदिर बताया जा रहा है वास्तव में वह आवास था और उसके ऊपर घर में मंदिर स्थापित किया गया था। यह सार्वजनिक मंदिर भी नहीं था।
एसडीएम सदर विनोद कुमार पांडेय ने कहा कि मंदिर ढहाने के प्रकरण में लेखपाल सत्येंद्र द्विवेदी के स्तर से लापरवाही की जांच नायब तहसीलदार से कराई गई। जांच में इस प्रकरण में उनकी संलिप्तता पाई गई, जिस पर उन्हें निलंबित कर सब रजिस्ट्रार कानूनगो सदर कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।
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मामला एसपी तक पहुंचा तो उन्होंने तत्काल एसओ को निलंबित कर दिया।
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उल्लेखनीय है कि 4 जून को श्रीराम जानकी मंदिर को कुछ लोगों ने गिरा दिया था। इसके बाद मंदिर ट्रस्ट की सर्वाकार पदमावती देवी के पुत्र आंजनेय ने तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। सर्वाकार ने आरोप लगाया कि जिस जमीन को मयंक आदि अपनी बता रहे हैँ वह वास्तव में ट्रस्ट की है। करोड़ों की इस संपत्ति पर उनकी नजर थी। इस घटना के बाद वहां विश्व हिंदू परिषद व विश्व हिंदू महासंघ ने आवाज उठाई और धरना दिया। इसके बाद कार्रवाई का दौर शुरू हो गया। दूसरी ओर आरोपी मयंक ने कहा कि इस जमीन को उनके परिवार ने 1980 में ही बैनामा कराया था। इस पर उनका मालिकाना हक है। जिसे मंदिर बताया जा रहा है वास्तव में वह आवास था और उसके ऊपर घर में मंदिर स्थापित किया गया था। यह सार्वजनिक मंदिर भी नहीं था।
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एसडीएम सदर विनोद कुमार पांडेय ने कहा कि मंदिर ढहाने के प्रकरण में लेखपाल सत्येंद्र द्विवेदी के स्तर से लापरवाही की जांच नायब तहसीलदार से कराई गई। जांच में इस प्रकरण में उनकी संलिप्तता पाई गई, जिस पर उन्हें निलंबित कर सब रजिस्ट्रार कानूनगो सदर कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।
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मामला एसपी तक पहुंचा तो उन्होंने तत्काल एसओ को निलंबित कर दिया।