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परिषदीय स्कूलों के निरीक्षण में अधिकारी नहीं ले रहे रुचि
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परिषदीय स्कूलों के निरीक्षण में अधिकारी नहीं ले रहे रुचि
सीएमओ, डीपीआरओ, डीडीओ, डिप्टी सीएमओ, जिला कार्यक्रम अधिकारी ने नहीं किया एक भी स्कूल का निरीक्षण
हर्रैया में 37, सांऊघाट में 15 आउट ऑफ स्कूल बच्चों का नामांकन न होने पर भी जताई नाराजगी
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। परिषदीय स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था सुधारने के लिए शुरू हुई निरीक्षण की व्यवस्था के प्रति अफसर रुचि नहीं ले रहे हैं। यह बात बुधवार को जिलाधिकारी की समीक्षा बैठक में सामने आई है। निरीक्षण के लिए गठित कई टीमों और अधिकारियों ने निर्धारित लक्ष्य का पचास फीसदी भी काम नहीं किया है। जिलाधिकारी ने 31 दिसंबर तक हर हाल में निरीक्षण कार्य पूरा कर रिपोर्ट देेने निर्देश दिया है। हर्रैया के 37 और साऊंघाट के 15 बच्चों का अब तक नामांकन न किए जाने पर नाराजगी व्यक्त की।
मुख्यमंत्री का सख्त निर्देश है कि सूबे में छात्र-छात्राओं का शतप्रतिशत नामांकन परिषदीय स्कूलों में कराया जाए। इसी क्रम में निरीक्षण की भी व्यवस्था बनाई गई है। दिसंबर में चार सप्ताह बीतने के बाद भी सीएमओ, डीपीआरओ, डीडीओ, डिप्टी सीएमओ, जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा एक भी स्कूल का निरीक्षण नहीं किया गया है। ब्लाक स्तरीय समिति द्वारा 490 में 46, खंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा 560 में 524, उप जिलाधिकारियों द्वारा 70 में 4, बीडीओ द्वारा 70 में 17, प्रभारी चिकित्साधिकारियों द्वारा 70 में शून्य, एडीओ पंचायत द्वारा 70 में 3, नायब तहसीलदारों द्वारा 70 में शून्य, सीडीपीओ द्वारा 70 में 11, आपूर्ति निरीक्षक द्वारा 70 में 11 तथा अन्य द्वारा 500 में 21 स्कूलों का निरीक्षण किया गया है। जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिया कि जिन अधिकारियों द्वारा निरीक्षण नहीं किया जा रहा है, 31 दिसंबर तक उनकी सूची प्रस्तुत की जाए। बैठक में सीडीओ सरनीत कौर ब्रोका, डीडीओ अजीत श्रीवास्तव, विनय सिंह, सावित्री देवी, रमन मिश्र, रामनगीना यादव, डॉ. बृजभूषण मौर्या, ब्लाक शिक्षा अधिकारी, समेकित शिक्षा के समन्वयक सुनील त्रिपाठी, अमित कुमार आदि उपस्थित रहे।
40 स्कूलों में नहीं है पीने का साफ पानी
जिलाधिकारी ने समीक्षा में पाया कि जिले के 40 स्कूल अभी भी शुद्ध पेयजल और शौचालय से वंचित हैं। उन्होंने इस स्कूलों की सूची तलब की है। जिससे डीपीआरओ के जरिए ग्राम पंचायतों के माध्यम से यहां सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। वहीं, बेसिक शिक्षा अधिकारी जगदीश शुक्ल ने बताया कि सीएम हेल्प लाइन से मिड-डे-मील, रिपोर्ट कार्ड वितरण, स्वेटर वितरण और अन्य कार्यों के बारे में फोन कर पूछताछ की जा रही है और फीडबैक लिया जा रहा है।
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दो खंड शिक्षा अधिकारियों को चेतावनी
आउट आफ स्कूल चिह्नित 52 छात्र-छात्राओं का नामांकन न कराने पर जिलाधिकारी ने हर्रैया और साऊंघाट के बीईओ को चेतावनी जारी करने का निर्देश दिया है। जिला शिक्षा अनुश्रवण समिति की बैठक में उन्होंने पाया कि हर्रैया में 37 और साऊंघाट में 15 छात्र-छात्राओं का नामांकन अभी तक नहीं कराया गया है। आउट आफ स्कूल कुल 6185 छात्र-छात्राएं चिह्नित किए थे, जिसमें से 6133 का नामांकन कराकर शारदा पोर्टल पर अपलोड कराया गया है।
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सीएमओ, डीपीआरओ, डीडीओ, डिप्टी सीएमओ, जिला कार्यक्रम अधिकारी ने नहीं किया एक भी स्कूल का निरीक्षण
हर्रैया में 37, सांऊघाट में 15 आउट ऑफ स्कूल बच्चों का नामांकन न होने पर भी जताई नाराजगी
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। परिषदीय स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था सुधारने के लिए शुरू हुई निरीक्षण की व्यवस्था के प्रति अफसर रुचि नहीं ले रहे हैं। यह बात बुधवार को जिलाधिकारी की समीक्षा बैठक में सामने आई है। निरीक्षण के लिए गठित कई टीमों और अधिकारियों ने निर्धारित लक्ष्य का पचास फीसदी भी काम नहीं किया है। जिलाधिकारी ने 31 दिसंबर तक हर हाल में निरीक्षण कार्य पूरा कर रिपोर्ट देेने निर्देश दिया है। हर्रैया के 37 और साऊंघाट के 15 बच्चों का अब तक नामांकन न किए जाने पर नाराजगी व्यक्त की।
मुख्यमंत्री का सख्त निर्देश है कि सूबे में छात्र-छात्राओं का शतप्रतिशत नामांकन परिषदीय स्कूलों में कराया जाए। इसी क्रम में निरीक्षण की भी व्यवस्था बनाई गई है। दिसंबर में चार सप्ताह बीतने के बाद भी सीएमओ, डीपीआरओ, डीडीओ, डिप्टी सीएमओ, जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा एक भी स्कूल का निरीक्षण नहीं किया गया है। ब्लाक स्तरीय समिति द्वारा 490 में 46, खंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा 560 में 524, उप जिलाधिकारियों द्वारा 70 में 4, बीडीओ द्वारा 70 में 17, प्रभारी चिकित्साधिकारियों द्वारा 70 में शून्य, एडीओ पंचायत द्वारा 70 में 3, नायब तहसीलदारों द्वारा 70 में शून्य, सीडीपीओ द्वारा 70 में 11, आपूर्ति निरीक्षक द्वारा 70 में 11 तथा अन्य द्वारा 500 में 21 स्कूलों का निरीक्षण किया गया है। जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिया कि जिन अधिकारियों द्वारा निरीक्षण नहीं किया जा रहा है, 31 दिसंबर तक उनकी सूची प्रस्तुत की जाए। बैठक में सीडीओ सरनीत कौर ब्रोका, डीडीओ अजीत श्रीवास्तव, विनय सिंह, सावित्री देवी, रमन मिश्र, रामनगीना यादव, डॉ. बृजभूषण मौर्या, ब्लाक शिक्षा अधिकारी, समेकित शिक्षा के समन्वयक सुनील त्रिपाठी, अमित कुमार आदि उपस्थित रहे।
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40 स्कूलों में नहीं है पीने का साफ पानी
जिलाधिकारी ने समीक्षा में पाया कि जिले के 40 स्कूल अभी भी शुद्ध पेयजल और शौचालय से वंचित हैं। उन्होंने इस स्कूलों की सूची तलब की है। जिससे डीपीआरओ के जरिए ग्राम पंचायतों के माध्यम से यहां सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। वहीं, बेसिक शिक्षा अधिकारी जगदीश शुक्ल ने बताया कि सीएम हेल्प लाइन से मिड-डे-मील, रिपोर्ट कार्ड वितरण, स्वेटर वितरण और अन्य कार्यों के बारे में फोन कर पूछताछ की जा रही है और फीडबैक लिया जा रहा है।
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आउट आफ स्कूल चिह्नित 52 छात्र-छात्राओं का नामांकन न कराने पर जिलाधिकारी ने हर्रैया और साऊंघाट के बीईओ को चेतावनी जारी करने का निर्देश दिया है। जिला शिक्षा अनुश्रवण समिति की बैठक में उन्होंने पाया कि हर्रैया में 37 और साऊंघाट में 15 छात्र-छात्राओं का नामांकन अभी तक नहीं कराया गया है। आउट आफ स्कूल कुल 6185 छात्र-छात्राएं चिह्नित किए थे, जिसमें से 6133 का नामांकन कराकर शारदा पोर्टल पर अपलोड कराया गया है।