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चीन निर्मित सोलर लाइट खरीद में घोटाला
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 18 Dec 2015 12:24 AM IST
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बस्ती। जिले में पंचायत चुनाव के दौरान चीन की बनी सोलर लाइट की खरीद में
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बड़े पैमाने पर सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। सौ रुपये की
लालटेन 1350 में रुपये में खरीदी गई है।
ग्राम पंचायतों से इसके भुगतान का दबाव बनाया जा रहा है। कई ग्राम पंचायतों में तो भुगतान हो जाने की भी बात कही जा रही है। निदेशक पंचायतराज ने उपनिदेशक को जांच कर कार्रवाई का आदेश दिया है।
साथ ही इसका भुगतान तत्काल रोकने को भी कहा है। डीएम अनिल कुमार दमेले ने कहा कि अगर अनियमित रूप से भुगतान साबित होता है तो दोषी के खिलाफ कार्रवाई होगी।
उप निदेशक पंचायत एसके पटेल ने बताया कि बस्ती जिले की ग्राम पंचायतों में सामूहिक रूप से चीन निर्मित सोलर लाइट की खरीदारी की गई। सहायक विकास अधिकारी पंचायत और ग्राम पंचायत सचिवों की साठगांठ से 1350 रुपये की दर से सोलर लाइट का भुगतान किया जा रहा है।
जबकि इस सोलर लाइट का प्रिंटेड मूल्य मात्र सौ रुपये है। यह भुगतान राज्य वित्त एवं 13वें और 14वें वित्त आयोग की रकम से किया जा रहा है। इसकी जानकारी होते ही निदेशक पंचायतराज ने भुगतान पर त्वरित रोक लगाने और इसकी जांच का निर्देश दिया।
बताया कि निदेशक पंचायत के निर्देश पर जिला पंचायत राज अधिकारी आनंद प्रकाश त्रिपाठी से 15 दिसंबर को निर्धारित प्रारूप पर सूचना मांगी गई है। डीपीआरओ से खरीद का आदेश देने वाले अधिकारी सोलर लाइट की आपूर्ति करने वाली फर्म का नाम पूछा गया है।
फर्म की ओर से भुगतान के लिए प्रस्तुत बिल की छाया प्रति भी मांगी गई है। बताया कि सोलर लाइट का भुगतान राज्य वित्त एवं 13वें और 14वें वित्त आयोग से मिली रकम से हो ही नहीं सकता। भुगतान पर त्वरित रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। डीपीआरओ बताया कि इसकी जानकारी निदेशक पंचायत, कमिश्नर, डीएम और सीडीओ को भी दी गई है।
ग्राम पंचायतों से इसके भुगतान का दबाव बनाया जा रहा है। कई ग्राम पंचायतों में तो भुगतान हो जाने की भी बात कही जा रही है। निदेशक पंचायतराज ने उपनिदेशक को जांच कर कार्रवाई का आदेश दिया है।
साथ ही इसका भुगतान तत्काल रोकने को भी कहा है। डीएम अनिल कुमार दमेले ने कहा कि अगर अनियमित रूप से भुगतान साबित होता है तो दोषी के खिलाफ कार्रवाई होगी।
उप निदेशक पंचायत एसके पटेल ने बताया कि बस्ती जिले की ग्राम पंचायतों में सामूहिक रूप से चीन निर्मित सोलर लाइट की खरीदारी की गई। सहायक विकास अधिकारी पंचायत और ग्राम पंचायत सचिवों की साठगांठ से 1350 रुपये की दर से सोलर लाइट का भुगतान किया जा रहा है।
जबकि इस सोलर लाइट का प्रिंटेड मूल्य मात्र सौ रुपये है। यह भुगतान राज्य वित्त एवं 13वें और 14वें वित्त आयोग की रकम से किया जा रहा है। इसकी जानकारी होते ही निदेशक पंचायतराज ने भुगतान पर त्वरित रोक लगाने और इसकी जांच का निर्देश दिया।
बताया कि निदेशक पंचायत के निर्देश पर जिला पंचायत राज अधिकारी आनंद प्रकाश त्रिपाठी से 15 दिसंबर को निर्धारित प्रारूप पर सूचना मांगी गई है। डीपीआरओ से खरीद का आदेश देने वाले अधिकारी सोलर लाइट की आपूर्ति करने वाली फर्म का नाम पूछा गया है।
फर्म की ओर से भुगतान के लिए प्रस्तुत बिल की छाया प्रति भी मांगी गई है। बताया कि सोलर लाइट का भुगतान राज्य वित्त एवं 13वें और 14वें वित्त आयोग से मिली रकम से हो ही नहीं सकता। भुगतान पर त्वरित रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। डीपीआरओ बताया कि इसकी जानकारी निदेशक पंचायत, कमिश्नर, डीएम और सीडीओ को भी दी गई है।