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घोटाले के आरोपितों की 284 करोड़ की संपत्तियों का पता चला
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घोटाले के आरोपितों की 284 करोड़ की संपत्तियों का पता चला
बस्ती। फर्जी चिटफंड कंपनी बनाकर घोटाला करने के आरोपितों द्वारा 284 करोड़ की संपत्तियां अर्जित करने की जानकारी पुलिस को हुई है। पिछले हफ्ते गोरखपुर के जीडीए टॉवर में फर्जी चिटफंड कंपनी की सवा तीन करोड़ की व्यावसायिक संपत्ति पुलिस-प्रशासन ने जब्त की थी।
एसपी आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपितों ने कुल 284 करोड़ की संपत्ति अर्जित की है। अब तक की तहकीकात में इसका पता चला है। इसके अभी और बढ़ने की उम्मीद है। किम इंफ्रास्ट्रक्चर, नेक्टर कामर्शियल, किम फ्यूचर विजन और हेल्प फाइनेंस के नाम से चार कंपनियां बनाकर तीन सौ करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने का आरोप है। एसपी ने बताया कि दिसंबर 2019 में जिले की कोतवाली क्षेत्र में हेल्प फाइनेंस कंपनी के नाम से 74 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था। तफ्तीश के दौरान पुलिस मनोज अधिकारी को गिरफ्तार कर चुकी है। उसके पास से फ्राड से जुड़े कई अभिलेख बरामद किए गए हैं।
मनोज ने शहर के रोडवेज के पास शाखा खोलकर शिकायतकर्ता से 74 लाख रुपये जमा कराए थे। केस दर्ज होने के बाद जांच में पुलिस ने पंजाब के पठानकोट बस स्टैंड के पीछे दो करोड़ की जमीन, होशियारपुर में 50 लाख का फ्लैट, राजेंद्र पैलेस नई दिल्ली में दो करोड़ के छह कमरे, मानवाला अमृतसर में करीब 200 करोड़ का 46 एकड़ का प्लाट, चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल एरिया में 13 करोड़ का पेंट हाउस, फतेहपुर जिले के खागा तहसील के मंझनपुर में 70 लाख का फ्लैट, आगरा जनपद के कार्यालय भवन में 90 लाख का फ्लैट, ग्वालियर राजस्थान में 30 करोड़ की जमीन, कोटा राजस्थान में 35 लाख की जमीन, बूंदी राजस्थान में 22 लाख की जमीन, गुजरात के अहमदाबाद में सवा करोड़ का ऑफिस, पंजाब के अमृतसर में छह करोड़ का चार मंजिला मकान, जनकपुरी विकास टॉवर, दिल्ली में 56 लाख की संपत्ति, न्यू अमृतसर पंजाब में 70 लाख का कार्यालय भवन, बिहार के सिवान में टोल प्लाजा में करीब डेढ़ करोड़ की तीन बीघा जमीन का पता लगाया है।
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इसके अलावा नेक्टर कामर्शियल एस्टेट लिमिटेड के नाम से गोरखपुर में सवा तीन करोड़ की जीडीए टॉवर में स्थित संपत्ति, मुंबई में डेढ़ करोड़ का कार्यालय भवन और राजस्थान के उदयपुर में 20 लाख रुपये का प्लाट का भी पता चला है। इसी तरह बाकी दो फर्म किम फ्यूचर विजन, हेल्प फाइनेंस कंपनी की संपत्ति को आरबीआई ने सील कर दिया है। उसका भी पता पुलिस ने लगाया लिया है। एसपी के अनुसार, गिरफ्तार मनोज व अन्य आरोपितों ने जो धन फर्जी कंपनी से एकत्रित किए हैं, उसके बारे में डीजीपी को लिखा जा रहा है।
गैंगस्टर के तहत हुई थी कार्रवाई
कोतवाली पुलिस कंपनियों के दोनों निदेशकों पर 17 जनवरी को गैंगस्टर के तहत कार्रवाई कर चुकी है। उनकी संपत्तियों की जब्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। सरगना रविंद्र सिंह सिद्धू निवासी दुबर्जी चौक थाना सुल्तान विंड, जनपद अमृतसर (पंजाब) और मनोज अधिकारी निवासी संतगढ़, थाना तिलकनगर, नई दिल्ली शामिल हैं। एसपी आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि गिरोह का सरगना रवींद्र सिंह सिद्धू पहले ही पकड़ा जा चुका था। वह इस समय तिहाड़ जेल में बंद है। मनोज अधिकारी को कोतवाली पुलिस ने 15 जुलाई 2020 को गिरफ्तार किया था।
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बस्ती। फर्जी चिटफंड कंपनी बनाकर घोटाला करने के आरोपितों द्वारा 284 करोड़ की संपत्तियां अर्जित करने की जानकारी पुलिस को हुई है। पिछले हफ्ते गोरखपुर के जीडीए टॉवर में फर्जी चिटफंड कंपनी की सवा तीन करोड़ की व्यावसायिक संपत्ति पुलिस-प्रशासन ने जब्त की थी।
एसपी आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपितों ने कुल 284 करोड़ की संपत्ति अर्जित की है। अब तक की तहकीकात में इसका पता चला है। इसके अभी और बढ़ने की उम्मीद है। किम इंफ्रास्ट्रक्चर, नेक्टर कामर्शियल, किम फ्यूचर विजन और हेल्प फाइनेंस के नाम से चार कंपनियां बनाकर तीन सौ करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने का आरोप है। एसपी ने बताया कि दिसंबर 2019 में जिले की कोतवाली क्षेत्र में हेल्प फाइनेंस कंपनी के नाम से 74 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था। तफ्तीश के दौरान पुलिस मनोज अधिकारी को गिरफ्तार कर चुकी है। उसके पास से फ्राड से जुड़े कई अभिलेख बरामद किए गए हैं।
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मनोज ने शहर के रोडवेज के पास शाखा खोलकर शिकायतकर्ता से 74 लाख रुपये जमा कराए थे। केस दर्ज होने के बाद जांच में पुलिस ने पंजाब के पठानकोट बस स्टैंड के पीछे दो करोड़ की जमीन, होशियारपुर में 50 लाख का फ्लैट, राजेंद्र पैलेस नई दिल्ली में दो करोड़ के छह कमरे, मानवाला अमृतसर में करीब 200 करोड़ का 46 एकड़ का प्लाट, चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल एरिया में 13 करोड़ का पेंट हाउस, फतेहपुर जिले के खागा तहसील के मंझनपुर में 70 लाख का फ्लैट, आगरा जनपद के कार्यालय भवन में 90 लाख का फ्लैट, ग्वालियर राजस्थान में 30 करोड़ की जमीन, कोटा राजस्थान में 35 लाख की जमीन, बूंदी राजस्थान में 22 लाख की जमीन, गुजरात के अहमदाबाद में सवा करोड़ का ऑफिस, पंजाब के अमृतसर में छह करोड़ का चार मंजिला मकान, जनकपुरी विकास टॉवर, दिल्ली में 56 लाख की संपत्ति, न्यू अमृतसर पंजाब में 70 लाख का कार्यालय भवन, बिहार के सिवान में टोल प्लाजा में करीब डेढ़ करोड़ की तीन बीघा जमीन का पता लगाया है।
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इसके अलावा नेक्टर कामर्शियल एस्टेट लिमिटेड के नाम से गोरखपुर में सवा तीन करोड़ की जीडीए टॉवर में स्थित संपत्ति, मुंबई में डेढ़ करोड़ का कार्यालय भवन और राजस्थान के उदयपुर में 20 लाख रुपये का प्लाट का भी पता चला है। इसी तरह बाकी दो फर्म किम फ्यूचर विजन, हेल्प फाइनेंस कंपनी की संपत्ति को आरबीआई ने सील कर दिया है। उसका भी पता पुलिस ने लगाया लिया है। एसपी के अनुसार, गिरफ्तार मनोज व अन्य आरोपितों ने जो धन फर्जी कंपनी से एकत्रित किए हैं, उसके बारे में डीजीपी को लिखा जा रहा है।
गैंगस्टर के तहत हुई थी कार्रवाई
कोतवाली पुलिस कंपनियों के दोनों निदेशकों पर 17 जनवरी को गैंगस्टर के तहत कार्रवाई कर चुकी है। उनकी संपत्तियों की जब्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। सरगना रविंद्र सिंह सिद्धू निवासी दुबर्जी चौक थाना सुल्तान विंड, जनपद अमृतसर (पंजाब) और मनोज अधिकारी निवासी संतगढ़, थाना तिलकनगर, नई दिल्ली शामिल हैं। एसपी आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि गिरोह का सरगना रवींद्र सिंह सिद्धू पहले ही पकड़ा जा चुका था। वह इस समय तिहाड़ जेल में बंद है। मनोज अधिकारी को कोतवाली पुलिस ने 15 जुलाई 2020 को गिरफ्तार किया था।