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घटने लगा सरयू का पानी, राहत की आस
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दुबौलिया ब्लॉक क्षेत्र में बाढ़ का पानी भरने से खराब हो रही है धान की फसल। संवाद
- फोटो : BASTI
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घटने लगा सरयू का पानी, राहत की आस
विक्रमजोत/दुबौलिया(बस्ती)। सरयू नदी का जलस्तर कम होने लगा है। तटवर्ती गांवों के ग्रामीण राहत के लिए टकटकी लगाए हैं, लेकिन फसलों के नुकसान से चिंतित हैं। जल आयोग अयोध्या के अनुसार शनिवार को सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान 92.73 से 47 सेंटी मीटर नीचे यानी 93.20 मीटर दर्ज किया गया। कर्मियों की मानें तो नदी का जलस्तर धीरे-धीरे कम हो रहा है। गांव में बाढ़ के पानी से दुश्वारियां कम नहीं हो रही हैं।
विक्रमजोत प्रतिनधि के अनुसार ब्लॉक क्षेत्र के भरथापुर, कल्यानपुर, पड़ाव, संदलपुर निवासी नन्हके सिंह, हेमंत, भरत लाल, श्याम सुंदर, केशव चंद, कमलाकांत, संजय आदि ने बताया कि बाढ़ का पानी संपर्क मार्गों पर भरा हुआ है। फसलें खराब हो गई हैं। मवेशियों के लिए चारे का संकट पैदा हो गया है। प्रशासन की ओर से अब तक कोई मदद नहीं मिली है।
दुबौलिया प्रतिनिधि के अनुसार सुविखा बाबू गांव को बाढ़ से राहत मिलती नहीं दिख रही है। यह गांव चारों ओर से पानी से घिरा हुआ है। विशुनदासपुर अनुसूचित बस्ती के ग्रामीण मवेशी सहित तटबंध पर पन्नी तानकर शरण लिए हुए हैं। बाढ़ प्रवावित गांवों में प्रशासन की ओर से नाव की व्यवस्था की गई है। आंशिक रूप से बाढ़ प्रभावित श्रीराम पुरवा, आंशिक टेढ़वा, अशोकपुर ग्राम पंचायत के कई पुरवों, भुवरिया आदि गांव से पानी उतरने लगा है। कटरिया-चांदपुर व गौरा-सैफाबाद तटबंध पर पानी का दबाव बना हुआ है। अवर अभियंता संजय यादव ने बताया की जलस्तर घट रहा है। तटबंध पर स्थिति सामान्य बनी हुई है।
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प्रभावित होगी रबी फसलों की बुआई
दुबौलिया। अक्तूबर आखिरी में बैराजों के पानी से दियारा क्षेत्र में आई बाढ़ से हजारों बीघा धान की फसल बर्बाद हो गई है। आजकल तापमान अधिकतम 31.5 डिग्री तक है। धीरे-धीरे इसके और कम होने का अनुमान है। किसान रामजियावन यादव, तिलकराम यादव, रामचंद्र आदि ने बताया कि ठंड शुरू हो रही है। ऐसे में पानी आसानी से नहीं सूखेगा। इससे गेहूं की बुआई प्रभावित होगी। किसानों ने बुआई पिछड़ने की चिंता व्यक्त की है। संवाद
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विक्रमजोत/दुबौलिया(बस्ती)। सरयू नदी का जलस्तर कम होने लगा है। तटवर्ती गांवों के ग्रामीण राहत के लिए टकटकी लगाए हैं, लेकिन फसलों के नुकसान से चिंतित हैं। जल आयोग अयोध्या के अनुसार शनिवार को सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान 92.73 से 47 सेंटी मीटर नीचे यानी 93.20 मीटर दर्ज किया गया। कर्मियों की मानें तो नदी का जलस्तर धीरे-धीरे कम हो रहा है। गांव में बाढ़ के पानी से दुश्वारियां कम नहीं हो रही हैं।
विक्रमजोत प्रतिनधि के अनुसार ब्लॉक क्षेत्र के भरथापुर, कल्यानपुर, पड़ाव, संदलपुर निवासी नन्हके सिंह, हेमंत, भरत लाल, श्याम सुंदर, केशव चंद, कमलाकांत, संजय आदि ने बताया कि बाढ़ का पानी संपर्क मार्गों पर भरा हुआ है। फसलें खराब हो गई हैं। मवेशियों के लिए चारे का संकट पैदा हो गया है। प्रशासन की ओर से अब तक कोई मदद नहीं मिली है।
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दुबौलिया प्रतिनिधि के अनुसार सुविखा बाबू गांव को बाढ़ से राहत मिलती नहीं दिख रही है। यह गांव चारों ओर से पानी से घिरा हुआ है। विशुनदासपुर अनुसूचित बस्ती के ग्रामीण मवेशी सहित तटबंध पर पन्नी तानकर शरण लिए हुए हैं। बाढ़ प्रवावित गांवों में प्रशासन की ओर से नाव की व्यवस्था की गई है। आंशिक रूप से बाढ़ प्रभावित श्रीराम पुरवा, आंशिक टेढ़वा, अशोकपुर ग्राम पंचायत के कई पुरवों, भुवरिया आदि गांव से पानी उतरने लगा है। कटरिया-चांदपुर व गौरा-सैफाबाद तटबंध पर पानी का दबाव बना हुआ है। अवर अभियंता संजय यादव ने बताया की जलस्तर घट रहा है। तटबंध पर स्थिति सामान्य बनी हुई है।
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प्रभावित होगी रबी फसलों की बुआई
दुबौलिया। अक्तूबर आखिरी में बैराजों के पानी से दियारा क्षेत्र में आई बाढ़ से हजारों बीघा धान की फसल बर्बाद हो गई है। आजकल तापमान अधिकतम 31.5 डिग्री तक है। धीरे-धीरे इसके और कम होने का अनुमान है। किसान रामजियावन यादव, तिलकराम यादव, रामचंद्र आदि ने बताया कि ठंड शुरू हो रही है। ऐसे में पानी आसानी से नहीं सूखेगा। इससे गेहूं की बुआई प्रभावित होगी। किसानों ने बुआई पिछड़ने की चिंता व्यक्त की है। संवाद