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घट रहा सरयू का जलस्तर, कटान का डर बढ़ा

Wed, 23 Jun 2021 10:00 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 23 Jun 2021 10:00 PM IST
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Saryu's water level is decreasing, fear of erosion increased
घट रहा सरयू का जलस्तर, कटान का डर बढ़ा
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विक्रमजोत। सरयू नदी का जलस्तर कम होने लगा है। इससे प्रभावित गांवों में कटान का खतरा बढ़ गया है और ग्रामीण सहमे हुए हैं।
अयोध्या स्थित केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, नदी का जलस्तर बुधवार की सुबह आठ बजे एक बार 92.700 मीटर पहुंचने के बाद से घट रहा है। दोपहर तीन बजे 92.550 मीटर पर आ गया। तेजी से घट रहे जलस्तर से नदी किनारे बसे गांवों में एक बार फिर तेज कटान होने का डर सताने लगा है। विक्रमजोत के कल्यानपुर, संदलपुर में नदी का दबाव लगातार बना हुआ है।
वहीं, बाढ़ खंड की ओर से संदलपुर में बालू और मिट्टी भरी बोरियों के सहारे कटान रोकने का भगीरथ प्रयास जारी है। पर नदी के वेग के सामने बेकार साबित हो रहा है। बाढ़ खंड कर्मियों की ओर से लगातार नदी की गहराई में बोरियां डालकर कटानरोधी स्पर बनाने का काम किया जा रहा है। एसडीएम हर्रैया सुखबीर सिंह ने बताया कि नदी की कटान पर नजर रखी जा रही है। तटबंधों के आसपास मरम्मत जारी है। ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाए जा रहे हैं।
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तीन गांवों के 210 घर हर साल झेल रहे बाढ़, कटान का दंश
विक्रमजोत विकास क्षेत्र के भरथापुर, कल्यानपुर और बीडी बांध के किनारे बसे संदलपुर गांव के करीब 210 घरों के लिए सरयू नदी हर साल खतरा बनती है। गांवों में रहने वाली करीब एक हजार से ऊपर की आबादी बारिश के चार माह मुसीबतों में गुजारती है।
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ग्रामीणों को बाढ़ में फसलों तथा अपने घरों में पानी भरने का डर रहता है। वहीं, नदी के घटने पर कटान में घर खोने का डर रहता है। किसानों की जमीनें पहले ही नदी में बहकर रेत में बदल चुकी हैं। कल्यानपुर और भरथापुर के 175 घरों तथा संदलपुर पुरवे के करीब 1200 से ज्यादा की आबादी वाले गांवों के ग्रामीणों को आपदा से बचाव के लिए प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस उपाय नहीं उठाया गया है।

2013 में शुरू हुए तटबंध निर्माण से लोगों को गांव में सुरक्षा की आस जगी थी, पर इन दिनों काम बंद है। लगातार सात वर्षों में कटान के चलते नदी गांव से सट गई। अब तटबंध गांव छोड़कर बनाया जा रहा है। वहीं, ग्रामीणों की मांग पर देर से शुरू हुआ रिंग बांध का काम बारिश और नदी में पानी बढ़ने के चलते रुक गया।
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