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Basti News: सरयू लाल निशान से अब भी 45 सेमी ऊपर...कटान का खतरा
Sun, 07 Sep 2025 02:13 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sun, 07 Sep 2025 02:13 AM IST
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सुबिका बाबू में मोटरबोट से आते- जाते ग्रामीण।
विक्रमजोत। सरयू नदी का जलस्तर शुक्रवार शाम से कम भले होने लगा है लेकिन, खतरा बरकरार है। ग्रामीणों को थोड़ी सी राहत है कि गांव से पानी खिसकने लगा है। फिर भी नदी लाल निशान से ऊपर बह रही है। जलस्तर घटने से कटान का खतरा बढ़ गया है। जगह-जगह दरकती जमीन तबाही का संकेत दे रही है। ग्रामीण दहशत में हैं।
केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अनुसार सरयू नदी का जलस्तर शनिवार को शाम करीब 4 बजे लाल निशान 92.73 मीटर से करीब 44 सेमी ऊपर 93.170 मीटर पर रिकाॅर्ड किया गया है। बताया कि नदी लगातार घट रही है। इससे कटान का खतरा बढ़ गया है। बीते दिनों नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के चलते विक्रमजोत विकास क्षेत्र के करीब आधा दर्जन गांव चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिर चुके हैं।
जलस्तर घटने के बाद गांवों से पानी खिसकने लगा है। लेकिन, ग्रामीणों की समस्याएं बनी हुई है। संवेदनशील जगहों पर नदी भीतर ही भीतर कटान कर रही है। एलवी तटबंध के रानीपुर कठवनियां, केशवपुर, बाघानाला भरथापुर के पास नदी तटबंध से सटकर बह रही है। कल्यानपुर व पड़ाव, चांदपुर के पास नदी का पानी निचले इलाकों में भर गया है। बीडी तटबंध के संदलपुर, छतौना माझा, शंभूपुर, कन्हईपुर, खेमराजपुर के पास पानी आबादी से सट गया है। पकड़ी संग्राम, अर्जुनपुर, माझा किताअव्वल, मड़ना माझा आदि गांवों के चारों ओर पानी भरा है।
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पकड़ी संग्राम गांव के झिनकाई निषाद, शशि कपूर, शिव प्रताप आदि लोगों ने बताया कि नदी का जलस्तर बड़ी आबादी को प्रभावित कर रहा है। सबसे ज्यादा समस्या पशुओं के चारा का हो गया है। पानी भरने से उनके रहने में भी कठिनाई हो रही है। इस बीच बीमार पड़ रहे लोगों को अस्पताल ले जाने में कठिनाई हो रही है। चारों तरफ पानी भरने से लोगों को मरीजों को बाहर ले जाने में सांसत झेलनी पड़ रही है। रास्तों पर सील्ट और कीचड़ के चलते मदद के लिए भी लोग गांव तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।
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बाढ़ चौकियों पर हो रही निगरानी
लोलपुर- विक्रमजोत तटबंध पर जिले के सीमावर्ती रानीपुर कठवनिया गांव में स्थित बाढ चौकी घघौवा पर बाढ़ खंड प्रथम में जेई गौरव सिंह और मेट राकेश कुमार तैनात हैं। विक्रमजोत-धुसवा तटबंध पर जेई आर के नायक और जेई शिवचरन को निगरानी के लिए तैनात किया गया है। चौकी पर मौजूद मिले जेई गौरव सिंह ने बताया बीते 10 घंटे से जलस्तर लगातार कम होने के संकेत मिल रहे हैं। सरयू नदी बलिया जिले में गंगा नदी से मिलती है। आजकल गंगा नदी ओवरफ्लो बह रही है। जिससे सरयू के पानी का बहाव कम है।
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यहां बढ़ गई कटान की आशंका
दुबौलिया। जलस्तर घटने से कटान की आशंका बढ़ गई है। बाढ़ प्रभावित गांव में आज भी लोगो की दिन चर्या मोटर बोट के सहारे है। माझा की दूसरी सोती मे लगातार कटान होने लगी है। मैरुंड गांव सुबिका बाबू के लोग मोटर बोट से आ जा रहे है। यहां के लोगों को राहत सामग्री की दरकार है। ग्रामीण मिथुन, राम लाल, देवकुमार कहते हैं कि फसल बर्बाद हो रही है। पशुपालकों के सामने चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। कटरिया-चांदपुर तटबंध के कटरिया गांव के सामने ठोकर नंबर एक पर दबाव बना हुआ है।
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केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अनुसार सरयू नदी का जलस्तर शनिवार को शाम करीब 4 बजे लाल निशान 92.73 मीटर से करीब 44 सेमी ऊपर 93.170 मीटर पर रिकाॅर्ड किया गया है। बताया कि नदी लगातार घट रही है। इससे कटान का खतरा बढ़ गया है। बीते दिनों नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के चलते विक्रमजोत विकास क्षेत्र के करीब आधा दर्जन गांव चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिर चुके हैं।
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जलस्तर घटने के बाद गांवों से पानी खिसकने लगा है। लेकिन, ग्रामीणों की समस्याएं बनी हुई है। संवेदनशील जगहों पर नदी भीतर ही भीतर कटान कर रही है। एलवी तटबंध के रानीपुर कठवनियां, केशवपुर, बाघानाला भरथापुर के पास नदी तटबंध से सटकर बह रही है। कल्यानपुर व पड़ाव, चांदपुर के पास नदी का पानी निचले इलाकों में भर गया है। बीडी तटबंध के संदलपुर, छतौना माझा, शंभूपुर, कन्हईपुर, खेमराजपुर के पास पानी आबादी से सट गया है। पकड़ी संग्राम, अर्जुनपुर, माझा किताअव्वल, मड़ना माझा आदि गांवों के चारों ओर पानी भरा है।
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पकड़ी संग्राम गांव के झिनकाई निषाद, शशि कपूर, शिव प्रताप आदि लोगों ने बताया कि नदी का जलस्तर बड़ी आबादी को प्रभावित कर रहा है। सबसे ज्यादा समस्या पशुओं के चारा का हो गया है। पानी भरने से उनके रहने में भी कठिनाई हो रही है। इस बीच बीमार पड़ रहे लोगों को अस्पताल ले जाने में कठिनाई हो रही है। चारों तरफ पानी भरने से लोगों को मरीजों को बाहर ले जाने में सांसत झेलनी पड़ रही है। रास्तों पर सील्ट और कीचड़ के चलते मदद के लिए भी लोग गांव तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।
बाढ़ चौकियों पर हो रही निगरानी
लोलपुर- विक्रमजोत तटबंध पर जिले के सीमावर्ती रानीपुर कठवनिया गांव में स्थित बाढ चौकी घघौवा पर बाढ़ खंड प्रथम में जेई गौरव सिंह और मेट राकेश कुमार तैनात हैं। विक्रमजोत-धुसवा तटबंध पर जेई आर के नायक और जेई शिवचरन को निगरानी के लिए तैनात किया गया है। चौकी पर मौजूद मिले जेई गौरव सिंह ने बताया बीते 10 घंटे से जलस्तर लगातार कम होने के संकेत मिल रहे हैं। सरयू नदी बलिया जिले में गंगा नदी से मिलती है। आजकल गंगा नदी ओवरफ्लो बह रही है। जिससे सरयू के पानी का बहाव कम है।
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यहां बढ़ गई कटान की आशंका
दुबौलिया। जलस्तर घटने से कटान की आशंका बढ़ गई है। बाढ़ प्रभावित गांव में आज भी लोगो की दिन चर्या मोटर बोट के सहारे है। माझा की दूसरी सोती मे लगातार कटान होने लगी है। मैरुंड गांव सुबिका बाबू के लोग मोटर बोट से आ जा रहे है। यहां के लोगों को राहत सामग्री की दरकार है। ग्रामीण मिथुन, राम लाल, देवकुमार कहते हैं कि फसल बर्बाद हो रही है। पशुपालकों के सामने चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। कटरिया-चांदपुर तटबंध के कटरिया गांव के सामने ठोकर नंबर एक पर दबाव बना हुआ है।

सुबिका बाबू में मोटरबोट से आते- जाते ग्रामीण।