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Basti News: घरों को लील रही सरयू... पलायन कर रहे ग्रामीण
Sun, 25 Aug 2024 01:53 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sun, 25 Aug 2024 01:53 AM IST
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- कटान रोकने में कामयाब नहीं हो रहा बाढ़खंड, राहत कार्य महज खानापूर्ति
- मायके, रिश्तेदार, किराये के मकान में सुरक्षित कर रहे गृहस्थी का सामान
- विक्रमजोत ब्लॉक क्षेत्र के दर्जनभर गांवों में खेती की जमीन पर हो रही कटान
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सरयू नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। नदी लगातार कटान कर रही है। तटवर्ती इलाकों में कटान से दहशत फैली हुई है। कलवारी रामपुर तटबंध के दक्षिण मदरहवा पुरवे व मईपुर बड़कापुरवा और विक्रमजोत के संदलपुर में शनिवार को कटान हुई। तीनों जगहों पर नदी आबादी से सटकर बह रही है। अब तक कई घर धारा में विलीन हो चुके हें। कलवारी क्षेत्र में लोगों अपना मकान तोड़कर सुरक्षित स्थान पर शरण ले रहे हैं।
गायघाट संवाद के अनुसार, सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव से लोग भयभीत हैं। शनिवार को मईपुर बडकापुरवा के हरिहर प्रसाद, सुग्रीव पासवान, राम सहाय, रामसूरत, बुधिराम, राम अवध पासवान सहित दो दर्जन लोगों ने काटन के कारण घर से सामान निकाल कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाते हुए मिले। पुष्पा काटन के डर से समान गोरखपुर अपने मायके भिजवा रही थीं, तो राम अवध ने गृहस्थी का सामना फूलपुर रिश्तेदार के घर ले जाते हुए मिले। वही मदरहवा पुरवे पर शनिवार को राकेश पासवान का छप्पर कटान की जद में आ गया। देखते ही देखते छप्पर नदी में समा गया। इससे पहले राम भवन पासवान और मनीष पासवान का भी छप्पर सरयू नदी में समा चुका है। सुरेंद्र पासवान, जोगेंद्र पासवान, गंगाराम, राम भोले पासवान, मनोज, प्रेमचंद, मुकेश, राधेश्याम, आसाराम आदि बुलडोजर की मदद से पक्के मकान को तोड़वाकर मलबे तटबंध के उत्तर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाते हुए मिले। मदरहवा पुरवे पर करीब 70 लोगों ने अपने घर से सामान निकाल कर रिश्तेदारी या किराए पर मकान लेकर सुरक्षित रख दिया है। शनिवार करीब 150 मजदूर के काटन को रोकने के लिए प्लास्टिक की बोरी में मिट्टी व ईंट भरकर नदी में डाल रहे थे। इसके अलावा परकोपाइन लगाकर भी कटान रोकने का प्रयास किया जा रहा था, लेकिन, इसमें कोई सफलता मिलती हुई नहीं दिखी।
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विक्रमजाेत क्षेत्र के दर्जनभर गांवों में हो रही कटान
विक्रमजोत। सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से तटबंध विहीन गावों में बाढ़ का संकट गहराने लगा है। दूसरी ओर नदी की कटान से तमाम गांव अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, शनिवार को नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 38 सेमी ऊपर दर्ज किया गया। नदी लगातार माझा क्षेत्र व तटवर्ती गांवों की कृषि योग्य जमीन की कटान कर रही है। क्षेत्र के संदलपुर, छतौना माझा, भौसिया, कन्हईपुर, खेमराजपुर, लकड़ी, पकड़ी संग्रामपुर सहित दर्जन भर गांवों की खेती की जमीन पर कटान हो रही है। शुक्रवार व शनिवार को सदलपुर में हुई भीषण कटान से लोग दहशत में हैं। क्षेत्र के नेतवर पट्टी प्रधान प्रतिनिधि संतोष कुमार शुक्ल ने बताया कि राजस्व गांव संदलपुर में हो रही कटान की सूचना बाढ़ खंड को दी गई लेकिन, मौके पर कोई देखने तक नहीं आया।
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- मायके, रिश्तेदार, किराये के मकान में सुरक्षित कर रहे गृहस्थी का सामान
- विक्रमजोत ब्लॉक क्षेत्र के दर्जनभर गांवों में खेती की जमीन पर हो रही कटान
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सरयू नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। नदी लगातार कटान कर रही है। तटवर्ती इलाकों में कटान से दहशत फैली हुई है। कलवारी रामपुर तटबंध के दक्षिण मदरहवा पुरवे व मईपुर बड़कापुरवा और विक्रमजोत के संदलपुर में शनिवार को कटान हुई। तीनों जगहों पर नदी आबादी से सटकर बह रही है। अब तक कई घर धारा में विलीन हो चुके हें। कलवारी क्षेत्र में लोगों अपना मकान तोड़कर सुरक्षित स्थान पर शरण ले रहे हैं।
गायघाट संवाद के अनुसार, सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव से लोग भयभीत हैं। शनिवार को मईपुर बडकापुरवा के हरिहर प्रसाद, सुग्रीव पासवान, राम सहाय, रामसूरत, बुधिराम, राम अवध पासवान सहित दो दर्जन लोगों ने काटन के कारण घर से सामान निकाल कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाते हुए मिले। पुष्पा काटन के डर से समान गोरखपुर अपने मायके भिजवा रही थीं, तो राम अवध ने गृहस्थी का सामना फूलपुर रिश्तेदार के घर ले जाते हुए मिले। वही मदरहवा पुरवे पर शनिवार को राकेश पासवान का छप्पर कटान की जद में आ गया। देखते ही देखते छप्पर नदी में समा गया। इससे पहले राम भवन पासवान और मनीष पासवान का भी छप्पर सरयू नदी में समा चुका है। सुरेंद्र पासवान, जोगेंद्र पासवान, गंगाराम, राम भोले पासवान, मनोज, प्रेमचंद, मुकेश, राधेश्याम, आसाराम आदि बुलडोजर की मदद से पक्के मकान को तोड़वाकर मलबे तटबंध के उत्तर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाते हुए मिले। मदरहवा पुरवे पर करीब 70 लोगों ने अपने घर से सामान निकाल कर रिश्तेदारी या किराए पर मकान लेकर सुरक्षित रख दिया है। शनिवार करीब 150 मजदूर के काटन को रोकने के लिए प्लास्टिक की बोरी में मिट्टी व ईंट भरकर नदी में डाल रहे थे। इसके अलावा परकोपाइन लगाकर भी कटान रोकने का प्रयास किया जा रहा था, लेकिन, इसमें कोई सफलता मिलती हुई नहीं दिखी।
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विक्रमजाेत क्षेत्र के दर्जनभर गांवों में हो रही कटान
विक्रमजोत। सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से तटबंध विहीन गावों में बाढ़ का संकट गहराने लगा है। दूसरी ओर नदी की कटान से तमाम गांव अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, शनिवार को नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 38 सेमी ऊपर दर्ज किया गया। नदी लगातार माझा क्षेत्र व तटवर्ती गांवों की कृषि योग्य जमीन की कटान कर रही है। क्षेत्र के संदलपुर, छतौना माझा, भौसिया, कन्हईपुर, खेमराजपुर, लकड़ी, पकड़ी संग्रामपुर सहित दर्जन भर गांवों की खेती की जमीन पर कटान हो रही है। शुक्रवार व शनिवार को सदलपुर में हुई भीषण कटान से लोग दहशत में हैं। क्षेत्र के नेतवर पट्टी प्रधान प्रतिनिधि संतोष कुमार शुक्ल ने बताया कि राजस्व गांव संदलपुर में हो रही कटान की सूचना बाढ़ खंड को दी गई लेकिन, मौके पर कोई देखने तक नहीं आया।
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