{"_id":"6acd524bc5cc249d5704eba0","slug":"saryu-73-cm-below-danger-mark-erosion-continues-basti-news-c-207-1-bst1005-169251-2026-10-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: सरयू खतरे के निशान से 73 सेंटीमीटर नीचे, कटान जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: सरयू खतरे के निशान से 73 सेंटीमीटर नीचे, कटान जारी
विज्ञापन
बस्ती। सरयू नदी ने दुबौलिया, विक्रमजोत, कुदरहा क्षेत्र में जलस्तर बढ़ने और घटने से हुई कटान ने भारी तबाही मचाई है। मकान और नदी तट किनारे की जमीन नदी में समा चुकी है। कहीं-कहीं कटान जारी है।
दुबौलिया संवाद के अनुसार, 24 घंटे में सरयू नदी का जलस्तर दो सेमी घटकर खतरे के निशान से 73 सेमी पर आ गया। बाढ़ प्रभावित गांवों में लोगों की दिनचर्या में तेजी से सुधार हो रहा है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या कार्यालय के अनुसार, शाम पांच बजे जलस्तर 92.00 मीटर रहा, जो खतरे के निशान 92.73 मीटर से 73 सेंटीमीटर नीचे है। अभी सुविका बाबू गांव में संकट टला नहीं है। हालांकि पानी उतर गया है, लेकिन फॉगिंग और एंटीलार्वा छिड़काव न होने से संक्रामक रोग फैलने का संकट बरकरार है। कुदरहा क्षेत्र के मईपुर व महुआपार गांव में अभी ग्रामीण कटान को लेकर डरे हुए हैं।
जलस्तर घटा, लेकिन कटान का खतरा बरकरार, ग्रामीणों की बढ़ी चिंता
विक्रमजोत। सरयू नदी का जलस्तर पिछले 24 घंटे में दो सेंटीमीटर घटा है। इससे बाढ़ प्रभावित गांवों में जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य होने लगा है, लेकिन कटान की आशंका से तटवर्ती ग्रामीणों की चिंता बरकरार है। जलस्तर घटने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है, लेकिन बीडी तटबंध के भीतर बसे शंभूपुर, पकड़ी संग्राम, लकड़ी पांडेय, लकड़ी दूबे और अर्जुनपुर समेत कई गांवों में कटान का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों के मुताबिक, बाढ़ के दौरान ही नदी कई स्थानों पर कटान कर चुकी है। अब जलस्तर घटने के साथ कटान तेज होने की आशंका ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। उधर, बाढ़ का पानी उतरने के बाद भी दुश्वारियां कम नहीं हुई हैं। मवेशियों के लिए चारे की कमी से पशुपालक परेशान हैं। वहीं, जलमग्न खेतों में सड़ रही फसलों और वनस्पतियों से दुर्गंध उठ रही है। इससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ने और संक्रामक बीमारियां फैलने की आशंका है। ग्रामीणों ने कटान से बचाव के साथ प्रभावित इलाकों में साफ-सफाई और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की जरूरत जताई है। संवाद
विज्ञापन
कोट::
कटान का खतरा अब नहीं है। संवेदनशील तटबंधों की निगरानी अभी की जा रही है। -दिनेश कुमार, एक्सईएन बाढ़ खंड, बस्ती।
विज्ञापन
दुबौलिया संवाद के अनुसार, 24 घंटे में सरयू नदी का जलस्तर दो सेमी घटकर खतरे के निशान से 73 सेमी पर आ गया। बाढ़ प्रभावित गांवों में लोगों की दिनचर्या में तेजी से सुधार हो रहा है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या कार्यालय के अनुसार, शाम पांच बजे जलस्तर 92.00 मीटर रहा, जो खतरे के निशान 92.73 मीटर से 73 सेंटीमीटर नीचे है। अभी सुविका बाबू गांव में संकट टला नहीं है। हालांकि पानी उतर गया है, लेकिन फॉगिंग और एंटीलार्वा छिड़काव न होने से संक्रामक रोग फैलने का संकट बरकरार है। कुदरहा क्षेत्र के मईपुर व महुआपार गांव में अभी ग्रामीण कटान को लेकर डरे हुए हैं।
विज्ञापन
जलस्तर घटा, लेकिन कटान का खतरा बरकरार, ग्रामीणों की बढ़ी चिंता
विक्रमजोत। सरयू नदी का जलस्तर पिछले 24 घंटे में दो सेंटीमीटर घटा है। इससे बाढ़ प्रभावित गांवों में जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य होने लगा है, लेकिन कटान की आशंका से तटवर्ती ग्रामीणों की चिंता बरकरार है। जलस्तर घटने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है, लेकिन बीडी तटबंध के भीतर बसे शंभूपुर, पकड़ी संग्राम, लकड़ी पांडेय, लकड़ी दूबे और अर्जुनपुर समेत कई गांवों में कटान का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों के मुताबिक, बाढ़ के दौरान ही नदी कई स्थानों पर कटान कर चुकी है। अब जलस्तर घटने के साथ कटान तेज होने की आशंका ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। उधर, बाढ़ का पानी उतरने के बाद भी दुश्वारियां कम नहीं हुई हैं। मवेशियों के लिए चारे की कमी से पशुपालक परेशान हैं। वहीं, जलमग्न खेतों में सड़ रही फसलों और वनस्पतियों से दुर्गंध उठ रही है। इससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ने और संक्रामक बीमारियां फैलने की आशंका है। ग्रामीणों ने कटान से बचाव के साथ प्रभावित इलाकों में साफ-सफाई और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की जरूरत जताई है। संवाद
विज्ञापन
कोट::
कटान का खतरा अब नहीं है। संवेदनशील तटबंधों की निगरानी अभी की जा रही है। -दिनेश कुमार, एक्सईएन बाढ़ खंड, बस्ती।