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लूट के लिए की गई थी सेल्समैन विनय सिंह की हत्या
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बलरामपुर के ध्यानार्थ---
सेल्समैन विनय सिंह हत्याकांड का पर्दाफाश
तीन हत्यारोपी गिरफ्तार, तमंचा व 20 हजार रुपये बरामद
10 अप्रैल को लूट के दौरान गांव के बदमाश को पहचान गए थे विनय
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। परशुरामपुर थाने के शृंगीनारी स्थित बियर की दुकान के सेल्समैन विनय सिंह हत्याकांड का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। लूट के दौरान पहचान जाने की वजह से बदमाशों ने विनय सिंह पर ताबड़तोड़ गोली चला दी थी जिससे उनकी मौत हो गई थी। हत्याकांड में शामिल 22-23 वर्ष के तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। जिनमें दो कड़सरा गांव के ही हैं, जहां रहकर विनय सिंह दुकान पर आते-जाते थे। पकड़े गए आरोपितों के पास से लूटे गए 34 हजार रुपये में से 20 हजार रुपये नकद व एक तमंचा बरामद कर लिया गया है। घटना में प्रयुक्त बाइक पुलिस अभी नहीं बरामद कर सकी है।
एसपी आशीष श्रीवास्तव की तरफ से यह खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार रुपये पुरस्कार दिया गया है। एएसपी दीपेंद्र नाथ चौधरी ने शुक्रवार दोपहर पुलिस कार्यालय में प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि घटना में शामिल कड़सरा निवासी इरफान, रोहन सिंह उर्फ चमन और गोंडा जिले के छपिया थाने के सुरुआर निवासी मोहम्मद इस्लाम का एक आपराधिक गिरोह है जिसमें 10-12 बदमाश शामिल हैं। घटना से एक सप्ताह पूर्व दुकान से अपनी ससुराल कड़सरा जाते समय विनय सिंह बाइक से फिसलकर गिर गया था जिससे उसके बैग में रखे करीब 70 हजार रुपये जमीन पर बिखर गए थे। आसपास मौजूद रोहन सिंह और इरफान ने ही इन रुपयों को उठाकर विनय सिंह को दिया था। इकट्ठा रुपयों को देखकर इन दोनों को लालच आ गई थी। उन दिनों इनके गिरोह को रुपयों की सख्त जरूरत थी जिसे पूरा करने के लिए योजना बनाकर विनय सिंह से लूट करने पहुंच गए। पुलिस के मुताबिक घुनियाभीटी मोड़ (घटना स्थल) के पास विनय सिंह को रोककर तमंचा सटा दिया और रुपये मांगने लगे लेकिन विनय सिंह इरफान को पहचान गए। इस पर उसने विनय सिंह को गोली मार दी और बैग छीनकर भाग निकले।
लूट गए 34 हजार रुपये में से 20 हजार रुपये इरफान ने ले लिया और बाकी सात-सात हजार रुपये रोहन और इस्लाम को मिले। इरफान वहां से भागकर पूना महाराष्ट्र चला गया। इसके गिरोह के सूत्रों के जरिए पुलिस ने पता लगा लिया और पुलिस टीम पूना महाराष्ट्र जाकर 17 मई को इरफान को गिरफ्तार कर लिया। ट्रांजिट रिमांड पर यहां लाया गया। उससे पूछताछ के आधार पर बृहस्पतिवार को गन्नीपुर के पास से इस्लाम को और अगले दिन यानी शुक्रवार को कड़सरा तालाब के पास से रोहन उर्फ चमन को गिरफ्तार कर लिया।
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दुर्लभ कश्यप का फालोवर था रोहन
पुलिस की मानें तो रोहन सिंह फेसबुक व्हाट्सएस जैसी सोशल मीडिया के जरिए अपराध करने वाले मध्य प्रदेश के कुख्यात दुर्लभ कश्यप को फालो करता है। दुर्लभ कश्यप की तरह कम उम्र में अपराध के जरिए अधिक से अधिक रुपये और नाम कमाने की सनक सवार हो गई थी। उसने 10-12 हम उम्र लड़कों का गिरोह बना रखा है जो गैंगेस्टर की तरह किसी के विवाद झगड़े में रुपये लेकर दखल देते हैं। इनमें ज्यादा चालाक होने की वजह से इरफान ही गिरोह की अगुवाई करता है।
यह थी घटना
बलरामपुर जनपद के थाना सादुल्लाह नगर के जफराबाद गांव निवासी विनय कुमार सिंह की परशुरामपुर थाना क्षेत्र के कड़सरा गांव में ससुराल थी। वह शृंगीनारी बाजार में स्थित बियर की दुकान पर सेल्समैन थे। अपनी ससुराल से ही रोज आया-जाया करते थे। रोज की तरह 10 अप्रैल-2022 की रात करीब 10 बजे विनय सिंह दुकान बंद करके अपनी ससुराल कड़सरा गांव जा रहे थे। दुकान से करीब ढाई किलोमीटर दूर धुनिया भीटी गांव के पास बाइक से पहुंचे अज्ञात हमलावरों ने उनको गोली मार दी। पेट और सीने के पास तीन गोली लगने के बाद वह गिर गए। शुरुआती जांच में यह पता ही नहीं चल पा रहा था कि यह लूट के लिए हत्या की गई है या किसी से उनकी रंजिश थी। अंतत: पुलिस ने पर्दाफाश किया कि लूट के दौरान पहचान जाने की वजह से बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी।
इस टीम को मिला 25 हजार इनाम
हत्याकांड का पर्दाफाश करने में एसओ परशुरामपुर अरविंद कुुमार शाही, एंटी व्हीकल थेफ्ट टीम के गजेंद्र प्रताप सिंह, एसओजी प्रभारी उमेश चंद्र वर्मा, एसएसआई शैलेंद्र सिंह, सुरेश कुमार, हेड कांस्टेबल राम सुरेश यादव, राघवेंद्र दुबे, राकेश यादव, कांस्टेबल देवेंद्र निषाद, महेंद्र यादव, हेड कांस्टेबल दिलीप कुमार, अभिषेक तिवारी, अंकित राय व सुनील कुमार शामिल रहे।
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सेल्समैन विनय सिंह हत्याकांड का पर्दाफाश
तीन हत्यारोपी गिरफ्तार, तमंचा व 20 हजार रुपये बरामद
10 अप्रैल को लूट के दौरान गांव के बदमाश को पहचान गए थे विनय
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। परशुरामपुर थाने के शृंगीनारी स्थित बियर की दुकान के सेल्समैन विनय सिंह हत्याकांड का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। लूट के दौरान पहचान जाने की वजह से बदमाशों ने विनय सिंह पर ताबड़तोड़ गोली चला दी थी जिससे उनकी मौत हो गई थी। हत्याकांड में शामिल 22-23 वर्ष के तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। जिनमें दो कड़सरा गांव के ही हैं, जहां रहकर विनय सिंह दुकान पर आते-जाते थे। पकड़े गए आरोपितों के पास से लूटे गए 34 हजार रुपये में से 20 हजार रुपये नकद व एक तमंचा बरामद कर लिया गया है। घटना में प्रयुक्त बाइक पुलिस अभी नहीं बरामद कर सकी है।
एसपी आशीष श्रीवास्तव की तरफ से यह खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार रुपये पुरस्कार दिया गया है। एएसपी दीपेंद्र नाथ चौधरी ने शुक्रवार दोपहर पुलिस कार्यालय में प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि घटना में शामिल कड़सरा निवासी इरफान, रोहन सिंह उर्फ चमन और गोंडा जिले के छपिया थाने के सुरुआर निवासी मोहम्मद इस्लाम का एक आपराधिक गिरोह है जिसमें 10-12 बदमाश शामिल हैं। घटना से एक सप्ताह पूर्व दुकान से अपनी ससुराल कड़सरा जाते समय विनय सिंह बाइक से फिसलकर गिर गया था जिससे उसके बैग में रखे करीब 70 हजार रुपये जमीन पर बिखर गए थे। आसपास मौजूद रोहन सिंह और इरफान ने ही इन रुपयों को उठाकर विनय सिंह को दिया था। इकट्ठा रुपयों को देखकर इन दोनों को लालच आ गई थी। उन दिनों इनके गिरोह को रुपयों की सख्त जरूरत थी जिसे पूरा करने के लिए योजना बनाकर विनय सिंह से लूट करने पहुंच गए। पुलिस के मुताबिक घुनियाभीटी मोड़ (घटना स्थल) के पास विनय सिंह को रोककर तमंचा सटा दिया और रुपये मांगने लगे लेकिन विनय सिंह इरफान को पहचान गए। इस पर उसने विनय सिंह को गोली मार दी और बैग छीनकर भाग निकले।
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लूट गए 34 हजार रुपये में से 20 हजार रुपये इरफान ने ले लिया और बाकी सात-सात हजार रुपये रोहन और इस्लाम को मिले। इरफान वहां से भागकर पूना महाराष्ट्र चला गया। इसके गिरोह के सूत्रों के जरिए पुलिस ने पता लगा लिया और पुलिस टीम पूना महाराष्ट्र जाकर 17 मई को इरफान को गिरफ्तार कर लिया। ट्रांजिट रिमांड पर यहां लाया गया। उससे पूछताछ के आधार पर बृहस्पतिवार को गन्नीपुर के पास से इस्लाम को और अगले दिन यानी शुक्रवार को कड़सरा तालाब के पास से रोहन उर्फ चमन को गिरफ्तार कर लिया।
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दुर्लभ कश्यप का फालोवर था रोहन
पुलिस की मानें तो रोहन सिंह फेसबुक व्हाट्सएस जैसी सोशल मीडिया के जरिए अपराध करने वाले मध्य प्रदेश के कुख्यात दुर्लभ कश्यप को फालो करता है। दुर्लभ कश्यप की तरह कम उम्र में अपराध के जरिए अधिक से अधिक रुपये और नाम कमाने की सनक सवार हो गई थी। उसने 10-12 हम उम्र लड़कों का गिरोह बना रखा है जो गैंगेस्टर की तरह किसी के विवाद झगड़े में रुपये लेकर दखल देते हैं। इनमें ज्यादा चालाक होने की वजह से इरफान ही गिरोह की अगुवाई करता है।
यह थी घटना
बलरामपुर जनपद के थाना सादुल्लाह नगर के जफराबाद गांव निवासी विनय कुमार सिंह की परशुरामपुर थाना क्षेत्र के कड़सरा गांव में ससुराल थी। वह शृंगीनारी बाजार में स्थित बियर की दुकान पर सेल्समैन थे। अपनी ससुराल से ही रोज आया-जाया करते थे। रोज की तरह 10 अप्रैल-2022 की रात करीब 10 बजे विनय सिंह दुकान बंद करके अपनी ससुराल कड़सरा गांव जा रहे थे। दुकान से करीब ढाई किलोमीटर दूर धुनिया भीटी गांव के पास बाइक से पहुंचे अज्ञात हमलावरों ने उनको गोली मार दी। पेट और सीने के पास तीन गोली लगने के बाद वह गिर गए। शुरुआती जांच में यह पता ही नहीं चल पा रहा था कि यह लूट के लिए हत्या की गई है या किसी से उनकी रंजिश थी। अंतत: पुलिस ने पर्दाफाश किया कि लूट के दौरान पहचान जाने की वजह से बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी।
इस टीम को मिला 25 हजार इनाम
हत्याकांड का पर्दाफाश करने में एसओ परशुरामपुर अरविंद कुुमार शाही, एंटी व्हीकल थेफ्ट टीम के गजेंद्र प्रताप सिंह, एसओजी प्रभारी उमेश चंद्र वर्मा, एसएसआई शैलेंद्र सिंह, सुरेश कुमार, हेड कांस्टेबल राम सुरेश यादव, राघवेंद्र दुबे, राकेश यादव, कांस्टेबल देवेंद्र निषाद, महेंद्र यादव, हेड कांस्टेबल दिलीप कुमार, अभिषेक तिवारी, अंकित राय व सुनील कुमार शामिल रहे।