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साढ़े चार साल से मदरसा शिक्षकों को नहीं मिला मानदेय
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साढ़े चार साल से मदरसा शिक्षकों को नहीं मिला मानदेय
नगर बाजार (बस्ती)। मदरसा शिक्षकों को विगत साढ़े चार वर्ष से मानदेय नहीं मिला है। जिसके चलते कई परिवार भुखमरी के कगार पर हैं।
अखिल भारतीय मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष मेंहदी हसन ने कहा कि मदरसा आधुनिक शिक्षकों की हालत बद से बदतर हो गई है। वह कर्ज की हालात में डूबे हुए हैं। न ही अपने परिवार और न ही अपने बच्चों का भरण-पोषण कर पा रहे हैं। उनकी स्थित बहुत ही दयनीय हो गई है। मदरसा शिक्षक इरफान अंसारी ने बताया मदरसा आधुनिक शिक्षक संघ ने सूबे के मुख्यमंत्री मंत्री से मिलकर अपने व्यथा को बताया है, लेकिन अभी तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। ऐनुल हसन ने बताया कि परिवार का भरण- पोषण करने में बड़ी दिक्कत हो रही है। वहीं, मदरसा शिक्षक नूर मोहम्मद ने बताया कि प्रदेश में 25500 मदरसा शिक्षकों के परिवार कर्ज में डूब गए हैं। बीएसए जगदीश शुक्ल ने बताया कि मामला शासन स्तर पर विचाराधीन है। इस संबंध में मुख्यालय को पत्र लिखा गया है।
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नगर बाजार (बस्ती)। मदरसा शिक्षकों को विगत साढ़े चार वर्ष से मानदेय नहीं मिला है। जिसके चलते कई परिवार भुखमरी के कगार पर हैं।
अखिल भारतीय मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष मेंहदी हसन ने कहा कि मदरसा आधुनिक शिक्षकों की हालत बद से बदतर हो गई है। वह कर्ज की हालात में डूबे हुए हैं। न ही अपने परिवार और न ही अपने बच्चों का भरण-पोषण कर पा रहे हैं। उनकी स्थित बहुत ही दयनीय हो गई है। मदरसा शिक्षक इरफान अंसारी ने बताया मदरसा आधुनिक शिक्षक संघ ने सूबे के मुख्यमंत्री मंत्री से मिलकर अपने व्यथा को बताया है, लेकिन अभी तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। ऐनुल हसन ने बताया कि परिवार का भरण- पोषण करने में बड़ी दिक्कत हो रही है। वहीं, मदरसा शिक्षक नूर मोहम्मद ने बताया कि प्रदेश में 25500 मदरसा शिक्षकों के परिवार कर्ज में डूब गए हैं। बीएसए जगदीश शुक्ल ने बताया कि मामला शासन स्तर पर विचाराधीन है। इस संबंध में मुख्यालय को पत्र लिखा गया है।