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84 कोसी परिक्रमा के लिए जुटे साधु-संत
basti
Updated Sat, 31 Mar 2018 11:28 PM IST
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मखौड़ा धाम में जुटे साधु-संत।
- फोटो : amar ujala
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परशुरामपुर/बस्ती। मखौड़ा धाम से शुरू होने वाली 84 कोसी परिक्रमा रविवार से होगी। परिक्रमा के लिए शनिवार से ही साधु-संतों का जमावड़ा मंदिर परिसर और उसके इर्द-गिर्द लग गया है। साधु-संत शिविर डालकर शुभ मुहूर्त का इंतजार कर रहे हैं, रविवार की भोर से परिक्रमा शुरू हो जाएगी।
चैत्र पूर्णिमा पर होने वाली 84 कोसी परिक्रमा को लेकर साधु-संतों का जत्था इलाहाबाद, बनारस, अयोध्या, नैमिषारण्य, गया, जनकपुर और नेपाल से मखौड़ा पहुंचने लगा है। इनके आने का क्रम लगातार जारी है। रात भर मखौड़ा धाम में गुजारने के बाद भोर में चार बजे से परिक्रमा शुरू होगी। संत राघव रामदास, राजाराम दास, संत रामदास आदि ने बताया कि 84 कोसी परिक्रमा से मनुष्य को 84 लाख योनियों में भ्रमण से मुक्ति मिलती है। वह धर्म, अर्थ, काम से मोक्ष की प्राप्ति करते हुए मानव जीवन को सार्थक बनाता है।
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चैत्र पूर्णिमा पर होने वाली 84 कोसी परिक्रमा को लेकर साधु-संतों का जत्था इलाहाबाद, बनारस, अयोध्या, नैमिषारण्य, गया, जनकपुर और नेपाल से मखौड़ा पहुंचने लगा है। इनके आने का क्रम लगातार जारी है। रात भर मखौड़ा धाम में गुजारने के बाद भोर में चार बजे से परिक्रमा शुरू होगी। संत राघव रामदास, राजाराम दास, संत रामदास आदि ने बताया कि 84 कोसी परिक्रमा से मनुष्य को 84 लाख योनियों में भ्रमण से मुक्ति मिलती है। वह धर्म, अर्थ, काम से मोक्ष की प्राप्ति करते हुए मानव जीवन को सार्थक बनाता है।
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