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Basti News: उबड़ खाबड़ रास्ते, राहगीरों का चलना मुश्किल

Tue, 05 Sep 2023 12:40 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Tue, 05 Sep 2023 12:40 AM IST
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Rough roads, difficult for pedestrians to walk
बस्ती। शहर के वार्ड संख्या-12 पिकौरा बक्स की भी हालत दयनीय है। यहां की मुख्य सड़क मलवीय मार्ग पर वर्ष भर से अधिक समय से कोई काम नहीं हुआ, जबकि गांधी नगर को जोड़ने वाली करीब एक किमी सड़क पर टूट कर गड्ढों में तब्दील हो गई है।
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वार्ड में चारों ओर दुश्वारियों का बोलबाला है। गड्ढों में हिचकोले खाकर मुहल्लेवासी सड़कों पर चल रहे हैं। जगह-जगह खुली नालियां हैं तो थोड़ी सी बारिश में यह सड़क लबालब हो जाती है, जिसे आसपास के नागरिक परेशान हैं।
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बजट के अभाव में नगर पालिका परिषद की शहरी विकास व्यवस्था बेपटरी हो गई है। मुहल्लों की बिगड़ी तस्वीर इसकी गवाही दे रही है। पिकौरा बक्स की समस्याओं का जीता जागता उदाहरण है। गंदगी, बजबजाती नालियां और टूटी सड़कें यहां की पहचान हो गई हैं। अधिकांश सड़कें टूटकर खस्ताहाल हैं। जिन पर चलने लायक नहीं है। गड्ढों में छोटे पहिए के वाहन स्कूटी, ई-रिक्शा बड़े मुश्किल से चल पा रहे हैं।
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मुख्य मार्ग बदहाल

मालवीय मार्ग, त्रिपाठी गली व धर्मशाला रोड यहां की मुख्य सड़क है। मालवीय रोड की स्थिति यह है कि इसपर एक कदम भी चलना मुश्किल है। नाले भी खुले हैं, जरा सी चूक होने पर कोई भी राहगीर गिर सकता है। बारिश के समय यहां सड़क पर पानी भर जाता है। यही हाल त्रिपाठी गली का है, यहां सड़क किनारे लोग कूड़ा रखते हैं। इसके अलावा धर्मशाला मुख्य मार्ग जो गांधीनगर को जोड़ती है पर जर्जर है। यहां बड़े-बड़े गड्ढे हैं।







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नहीं हो पा रही नियमित



वार्ड के विभिन्न मुहल्लों में नगर पालिका की तरफ से नियमित सफाई नहीं कराई जा रही है। इसके अलावा पूरे वार्ड के लिए महज एक कूड़ा वाहन है। जिससे कूड़े करकट का प्रत्येक मुहल्ले से प्रतिदिन उठना संभव नहीं है। जब तक एक मुहल्ले की बारी आती है दूसरे मुहल्ले में कूड़े का ढेर लग जाता है।

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पांच साल से अधिक हो गया मेरे वार्ड में कोई विकास कार्य नहीं हुआ है। सड़कों पर चलने लायक नहीं है। हम लोगों की दुर्दशा हो गई है। सफाई भी नियमित नहीं हो रही है।
-वीरेंद्र लाल श्रीवास्तव

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सड़क टूट गई है। जिससे गलियों में झाडू नहीं लग पा रहा है। गंदगी के चलते बीमारी फैलने का खतरा है। नालियां खुली हैं। संभलकर न चलिए तो गिरने का खतरा रहता है।

-प्रदीप कुमार, धर्मशाला रोड



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सीएमएस स्कूल के पीछे पिछले पांच साल से नाली का निर्माण नहीं हुआ है। 12 महीने यहां सड़क पर जलभराव की स्थिति रहती है। बारिश में तो मार्ग परिवर्तित करके आना जाना पड़ता है।



-शशि, पिकौरा बक्स
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नियमित सफाई न होने से खुले जगहों पर कूड़े करकट का ढेर है। जिससे दुर्गंध उठती है। घरों में रहना दुश्वार है। हर समय फाटक बंद रखना पड़ता है। सबसे ज्यादा दिक्कत बच्चों के लिए हैं।


-मुन्नी देवी,



बोर्ड के प्रस्ताव में पिकौरा धर्मशाला व त्रिपाठी गली की सड़कें शामिल की गई हैं। शीघ्र ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। टूटी नालियों की मरम्मत भी कराई जाएगी।

-दुर्गेश्वर त्रिपाठी, ईओ, नगर पालिका परिषद
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