{"_id":"63b8502f4c51951f2d4f73b2","slug":"roadways-bus-conduction-slow-basti-news-gkp463432563","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: ठंड की वजह से कम हो गया बसों का संचालन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: ठंड की वजह से कम हो गया बसों का संचालन
विज्ञापन
रोडवेज स्टेशन पर खड़ी बसें।
- फोटो : BASTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ठंड की वजह से कम हो गया बसों का संचालन
- यात्रियों की कमी के चलते आ रही दिक्कत
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। कड़ाके की ठंड और कोहरे की वजह से बसों के संचालन पर असर पड़ा है। लंबी रूट की बसें कम हो गई हैं। वहीं, यात्रियों के कम निकलने की वजह से रोडवेज को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
ठंड के चलते यात्रियों की संख्या कम हुई तो कई बसों के पहिये थम गए हैं। इससे रोडवेज को रोजाना तीन लाख रुपये राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। लक्ष्य के सापेक्ष आमदनी न होने से जिम्मेदार काफी परेशान हैं। ठंड के चलते अधिकतर बसों का प्रस्थान गंतव्य के लिए नहीं हो पा रहा है। पिछले एक सप्ताह से रोडवेज को लक्ष्य की पूर्ति नहीं हो पा रही है। 11 लाख से घट कर राजस्व आठ से नौ लाख रुपये तक पहुंच गया है। डिपो के बेडे में निगम की 94 व 26 अनुबंधित बसें शामिल हैं। निगम की बसों को लंबी दूरी पर जबकि अनुबंधित बसों को लोकल यात्रियों को कवर करने के लिए लगाया जाता है।
लंबी दूरी के लिए बढ़नी व सोनौली से दो बसें बस्ती होकर लखनऊ व दिल्ली तक सेवा देती थीं। इसके अलावा बस्ती से नियमित दो बसें इसी रूट पर रवाना होती थीं। जबकि इस समय सिर्फ सोनौली व बढ़नी की बसें ही थोड़े बहुत यात्रियों को लेकर लंबी रूट पर निकल पा रही हैं।
विज्ञापन
डिपो के एआरएम आयुष भटनागर ने बताया कि कोहरे को देखते हुए सभी बसों को चाक चौबंद रखा गया है। बसों में आल वेदर लाइट लगे हुए हैं। भीषण ठंड के कारण यात्रियों की संख्या में गिरावट आई है। डिपो में पर्याप्त बसें उपलब्ध हैं, जैसे-जैसे यात्री जुटते हैं, उसी अनुसार बसों को रवाना किया जा रहा है।
विज्ञापन
- यात्रियों की कमी के चलते आ रही दिक्कत
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। कड़ाके की ठंड और कोहरे की वजह से बसों के संचालन पर असर पड़ा है। लंबी रूट की बसें कम हो गई हैं। वहीं, यात्रियों के कम निकलने की वजह से रोडवेज को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
ठंड के चलते यात्रियों की संख्या कम हुई तो कई बसों के पहिये थम गए हैं। इससे रोडवेज को रोजाना तीन लाख रुपये राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। लक्ष्य के सापेक्ष आमदनी न होने से जिम्मेदार काफी परेशान हैं। ठंड के चलते अधिकतर बसों का प्रस्थान गंतव्य के लिए नहीं हो पा रहा है। पिछले एक सप्ताह से रोडवेज को लक्ष्य की पूर्ति नहीं हो पा रही है। 11 लाख से घट कर राजस्व आठ से नौ लाख रुपये तक पहुंच गया है। डिपो के बेडे में निगम की 94 व 26 अनुबंधित बसें शामिल हैं। निगम की बसों को लंबी दूरी पर जबकि अनुबंधित बसों को लोकल यात्रियों को कवर करने के लिए लगाया जाता है।
विज्ञापन
लंबी दूरी के लिए बढ़नी व सोनौली से दो बसें बस्ती होकर लखनऊ व दिल्ली तक सेवा देती थीं। इसके अलावा बस्ती से नियमित दो बसें इसी रूट पर रवाना होती थीं। जबकि इस समय सिर्फ सोनौली व बढ़नी की बसें ही थोड़े बहुत यात्रियों को लेकर लंबी रूट पर निकल पा रही हैं।
विज्ञापन
डिपो के एआरएम आयुष भटनागर ने बताया कि कोहरे को देखते हुए सभी बसों को चाक चौबंद रखा गया है। बसों में आल वेदर लाइट लगे हुए हैं। भीषण ठंड के कारण यात्रियों की संख्या में गिरावट आई है। डिपो में पर्याप्त बसें उपलब्ध हैं, जैसे-जैसे यात्री जुटते हैं, उसी अनुसार बसों को रवाना किया जा रहा है।