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Basti News: सड़क किनारे उगीं झाड़ियाें से हादसे का बढ़ा खतरा
Tue, 28 Oct 2025 01:51 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Tue, 28 Oct 2025 01:51 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज (बस्ती)। हर्रैया क्षेत्र के ने हाईवे से सटे भदावल गांव से मानपुर (मितवापुर) तक करीब आठ किमी लंबी सड़क के दोनों किनारों पर घनी झाड़ियां उग आई हैं। इससे राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। झाड़ियों के कारण सड़क संकरी हो गई है और हर दिन छोटी-मोटी दुर्घटनाएं हो रही हैं।
तापसी धाम तक जाने वाली इस सड़क से कई बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी आ चुके हैं। सरकार से बजट मिलने के बावजूद इस सड़क की स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। यह मार्ग चिलमा, सैनियां, दुबौलिया समेंत करीब 50 गांवों को जोड़ता है।
स्थानीय लोग कम दूरी की वजह से इसी रास्ते से हरैया तहसील तक आते-जाते हैं। मरवट से पेंदा गांव तक सड़क पर 40 से अधिक मोड़ हैं। सड़क के दोनों ओर उगी वन तुलसी, मदार, मूंजा, काश, बैर और मकैचा जैसी झाड़ियों से हादसे की आशंका बढ़ गई है।
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नहर के किनारे बसे इन गांवों में सुबह-शाम लोग इस मार्ग का टहलने, दौड़ लगाने आदि के लिए इस्तेमाल करते हैं। इस संबंध में पीडब्ल्यूडी के जेई सुरेश गुप्ता ने बताया कि विभाग के पास इस समय कोई बजट नहीं है।
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महराजगंज (बस्ती)। हर्रैया क्षेत्र के ने हाईवे से सटे भदावल गांव से मानपुर (मितवापुर) तक करीब आठ किमी लंबी सड़क के दोनों किनारों पर घनी झाड़ियां उग आई हैं। इससे राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। झाड़ियों के कारण सड़क संकरी हो गई है और हर दिन छोटी-मोटी दुर्घटनाएं हो रही हैं।
तापसी धाम तक जाने वाली इस सड़क से कई बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी आ चुके हैं। सरकार से बजट मिलने के बावजूद इस सड़क की स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। यह मार्ग चिलमा, सैनियां, दुबौलिया समेंत करीब 50 गांवों को जोड़ता है।
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स्थानीय लोग कम दूरी की वजह से इसी रास्ते से हरैया तहसील तक आते-जाते हैं। मरवट से पेंदा गांव तक सड़क पर 40 से अधिक मोड़ हैं। सड़क के दोनों ओर उगी वन तुलसी, मदार, मूंजा, काश, बैर और मकैचा जैसी झाड़ियों से हादसे की आशंका बढ़ गई है।
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नहर के किनारे बसे इन गांवों में सुबह-शाम लोग इस मार्ग का टहलने, दौड़ लगाने आदि के लिए इस्तेमाल करते हैं। इस संबंध में पीडब्ल्यूडी के जेई सुरेश गुप्ता ने बताया कि विभाग के पास इस समय कोई बजट नहीं है।