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सड़क निर्माण में गोलमाल के छह आरोपी जेई रिलीव
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सड़क निर्माण में गोलमाल के छह आरोपी जेई रिलीव
बस्ती। पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड में 39 करोड़ के सड़क निर्माण में हुए गोलमाल का मामला अब भी गरम है। इस मामले के अवर अभियंता हरीश वर्मा की मौत के बाद कुछ दिनों तक ठहरी कार्रवाई फिर से गरमाने लगी है। इस मामले के दोषी आठ अवर अभियंताओं में से एक की मौत तथा एक की पदोन्नति जांच से पहले होने के कारण शेष छह जेई के स्थगित स्थानांतरण को फिर से लागू करते हुए उन्हें रिलीव कर दिया गया है। जबकि जेई से एई बने एक अभियंता को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा गया है।
करीब वर्ष भर पहले पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड में एक्सईएन आलोक रमन के खिलाफ 39 करोड़ के सड़क निर्माण में घोटाले का आरोप लगा। इसे लेकर जन प्रतिनिधियों ने सवाल उठाए। जांच हुई तो यह तथ्य सामने आया कि सड़क निर्माण का धन खर्च तो किया गया, मगर जिन प्रस्तावित सड़क के लिए शासन ने धन दिया था उसके बजाय दूसरे सड़कों का निर्माण करा दिया गया है। इस दौरान एक्सईएन का तबादला शासन ने कर दिया और उनके स्थान पर नए एक्सईएन इं. एके गुप्ता को तैनाती मिली। इसके बाद शासन स्तर से इसकी जांच हुई। जांच में लखनऊ की टीम ने कराए गए कार्यों को नियम विरुद्ध बताते हुए व्ययवर्तन की रिपोर्ट दी गई। इस प्रकरण में आठ जेई की भूमिका भी संदिग्ध बताई गई। रिपोर्ट के आधार पर शासन ने अवर अभियंताओं पर कार्रवाई करते हुए उन्हें लखनऊ से संबद्ध कर दिया। इसी बीच 16 दिसंबर को स्थानांतरित अवर अभियंता हरीश वर्मा की हार्ट अटैक से मौत हो गई, जबकि जांच से पहले ही अवर अभियंता ओम प्रकाश को पदोन्नति देते हुए सिद्धार्थनगर एवं बाद में निर्माण खंड मुख्यालय पर बतौर सहायक अभियंता तैनाती दी गई। हरीश वर्मा की मौत के बाद जेई संगठन ने आंदोलन शुरू कर दिया, जिस पर तत्काल प्रभाव से अवर अभियंताओं का स्थानांतरण स्थगित कर दिया गया। मामला ठंडा पड़ते ही अवर अभियंता काजू प्रसाद, सैय्यद शकील अहमद रिजवी, राजेश कुमार, प्रवीन कुमार श्रीवास्तव, राजकुमार यादव व कृष्ण कुमार राय को पहले नोटिस दी गई। इसके बाद इसी हफ्ते सभी को रिलीव कर दिया गया है। अधीक्षण अभियंता पीडब्ल्यूडी रामानंद राम ने कहा कि शासन के निर्देशों के क्रम में स्थानांतरित अवर अभियंताओं को रिलीव कर दिया गया है। जांच अब भी जारी है। निर्माण खंड के एक्सईएन शुभनरायन राव ने कहा कि पदोन्नति के बाद ओम प्रकाश निर्माण खंड में बतौर सहायक अभियंता तैनात हैं। उन्हें उक्त प्रकरण में नोटिस दे दी गई है।
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बस्ती। पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड में 39 करोड़ के सड़क निर्माण में हुए गोलमाल का मामला अब भी गरम है। इस मामले के अवर अभियंता हरीश वर्मा की मौत के बाद कुछ दिनों तक ठहरी कार्रवाई फिर से गरमाने लगी है। इस मामले के दोषी आठ अवर अभियंताओं में से एक की मौत तथा एक की पदोन्नति जांच से पहले होने के कारण शेष छह जेई के स्थगित स्थानांतरण को फिर से लागू करते हुए उन्हें रिलीव कर दिया गया है। जबकि जेई से एई बने एक अभियंता को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा गया है।
करीब वर्ष भर पहले पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड में एक्सईएन आलोक रमन के खिलाफ 39 करोड़ के सड़क निर्माण में घोटाले का आरोप लगा। इसे लेकर जन प्रतिनिधियों ने सवाल उठाए। जांच हुई तो यह तथ्य सामने आया कि सड़क निर्माण का धन खर्च तो किया गया, मगर जिन प्रस्तावित सड़क के लिए शासन ने धन दिया था उसके बजाय दूसरे सड़कों का निर्माण करा दिया गया है। इस दौरान एक्सईएन का तबादला शासन ने कर दिया और उनके स्थान पर नए एक्सईएन इं. एके गुप्ता को तैनाती मिली। इसके बाद शासन स्तर से इसकी जांच हुई। जांच में लखनऊ की टीम ने कराए गए कार्यों को नियम विरुद्ध बताते हुए व्ययवर्तन की रिपोर्ट दी गई। इस प्रकरण में आठ जेई की भूमिका भी संदिग्ध बताई गई। रिपोर्ट के आधार पर शासन ने अवर अभियंताओं पर कार्रवाई करते हुए उन्हें लखनऊ से संबद्ध कर दिया। इसी बीच 16 दिसंबर को स्थानांतरित अवर अभियंता हरीश वर्मा की हार्ट अटैक से मौत हो गई, जबकि जांच से पहले ही अवर अभियंता ओम प्रकाश को पदोन्नति देते हुए सिद्धार्थनगर एवं बाद में निर्माण खंड मुख्यालय पर बतौर सहायक अभियंता तैनाती दी गई। हरीश वर्मा की मौत के बाद जेई संगठन ने आंदोलन शुरू कर दिया, जिस पर तत्काल प्रभाव से अवर अभियंताओं का स्थानांतरण स्थगित कर दिया गया। मामला ठंडा पड़ते ही अवर अभियंता काजू प्रसाद, सैय्यद शकील अहमद रिजवी, राजेश कुमार, प्रवीन कुमार श्रीवास्तव, राजकुमार यादव व कृष्ण कुमार राय को पहले नोटिस दी गई। इसके बाद इसी हफ्ते सभी को रिलीव कर दिया गया है। अधीक्षण अभियंता पीडब्ल्यूडी रामानंद राम ने कहा कि शासन के निर्देशों के क्रम में स्थानांतरित अवर अभियंताओं को रिलीव कर दिया गया है। जांच अब भी जारी है। निर्माण खंड के एक्सईएन शुभनरायन राव ने कहा कि पदोन्नति के बाद ओम प्रकाश निर्माण खंड में बतौर सहायक अभियंता तैनात हैं। उन्हें उक्त प्रकरण में नोटिस दे दी गई है।
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