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Basti News: 28 साल से टूटी सड़क से यात्रा कर रही 25 हजार की आबादी
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। बहादुरपुर ब्लॉक के पोखरनी गांव के अंदर से होकर मैनाजोत गांव जाने वाली सड़क की हालत 28 साल में दयनीय हो चुकी है। सड़क जगह-जगह टूट कर खतरनाक गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। इन दिनों बरसात के कारण इनमें कीचड़ हो गया है, जिससे लोगों का आवागमन बाधित हो रहा है। इसके बावजूद कोई भी जिम्मेदार सुध नहीं ले रहा है।
बस्ती-कलवारी यानी कि लुंबिनी-दुद्धी मार्ग से पोखरनी-पोखरा मार्ग पर पोखरनी गांव से होकर मैनाजोत व खाईनारा समेत करीब आधा दर्जन गांवों को जोड़ने वाली सड़क का निर्माण 1995 में मंडी परिषद ने किया था। इस सड़क को गांव के बाहर ले जाकर महाकाल मंदिर के पास अधूरा छोड़ दिया गया। बाद में ग्रामीणों ने इसके लिए बहुत प्रयास किया, लेकिन न तो सड़क का निर्माण आगे पूरा किया गया और न ही दोबारा किसी ने इस सड़क के पुनरुद्धार के लिए कोई प्रयास किया, जबकि यह सड़क निर्माण के दो साल बाद ही जगह-जगह टूट कर जमींदोज हो गई और तभी से यहां के लोग सड़क की दुश्वारी झेल रहे हैं।
यही नहीं चूंकि इस मुख्य मार्ग से आसपास के गांव मैनाजोत, खाईनारा, पकरीमिश्राइन, पिपरौला, कैथवलिया लाला, दुभरा व अन्य गांवों के तकरीबन 25 हजार लोगों का आवागमन होता है, इसलिए यह सड़क इस क्षेत्र के लिए उपयोगी साबित होती है। इसके बावजूद इस सड़क के पुनरुद्धार को लेकर न तो जनप्रतिनिधि गंभीर हो रहे हैं और न ही मंडी परिषद इसके लिए कोई कार्ययोजना बना रही है।
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यह हमारे क्षेत्र की मुख्य सड़क है, इसी से हम लोग जिला, तहसील व ब्लॉक मुख्यालय पहुंचते हैं। 25 साल से हम इसके नवीनीकरण की राह देख रहे हैं। सबसे अधिक बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी होती है।
-श्वेता
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जब इस सड़क का निर्माण हो रहा था तभी हम लोगों ने इसको गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए आवाज उठाई थी लेकिन ठेकेदार व विभाग के इंजीनियरों ने ध्यान नहीं दिया। दो साल बाद ही सड़क टूट गई।
-मीना देवी
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यह सड़क हमारे गांव समेत आधा दर्जन गांवों को जोड़ती है। इस सड़क पर चलना मुश्किल हो गया है। बरसात में तो इस सड़क की हालत और भी दयनीय हो जाती है। जब तेज बरसात होती है तो चलने लायक नहीं रह जाता है।
-जेपी श्रीवास्तव
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इसी मुख्य सड़क पर पंचायत भवन, प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूल समेत अन्य संस्थान स्थापित हैं। इससे कई गांवों के राहगीर आवागमन करते हैं। जबकि इसकी हालत जर्जर होने से परेशानी उठानी पड़ रही है।
-ओंकार नाथ
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सड़क का सर्वे करवा कर दुरुस्त कराने का प्रयास किया जाएगा। ताकि राहगीरों को परेशानी न उठानी पड़े।
-सरोज कुमार, उप निदेशक (निर्माण), मंडी परिषद
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बस्ती। बहादुरपुर ब्लॉक के पोखरनी गांव के अंदर से होकर मैनाजोत गांव जाने वाली सड़क की हालत 28 साल में दयनीय हो चुकी है। सड़क जगह-जगह टूट कर खतरनाक गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। इन दिनों बरसात के कारण इनमें कीचड़ हो गया है, जिससे लोगों का आवागमन बाधित हो रहा है। इसके बावजूद कोई भी जिम्मेदार सुध नहीं ले रहा है।
बस्ती-कलवारी यानी कि लुंबिनी-दुद्धी मार्ग से पोखरनी-पोखरा मार्ग पर पोखरनी गांव से होकर मैनाजोत व खाईनारा समेत करीब आधा दर्जन गांवों को जोड़ने वाली सड़क का निर्माण 1995 में मंडी परिषद ने किया था। इस सड़क को गांव के बाहर ले जाकर महाकाल मंदिर के पास अधूरा छोड़ दिया गया। बाद में ग्रामीणों ने इसके लिए बहुत प्रयास किया, लेकिन न तो सड़क का निर्माण आगे पूरा किया गया और न ही दोबारा किसी ने इस सड़क के पुनरुद्धार के लिए कोई प्रयास किया, जबकि यह सड़क निर्माण के दो साल बाद ही जगह-जगह टूट कर जमींदोज हो गई और तभी से यहां के लोग सड़क की दुश्वारी झेल रहे हैं।
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यही नहीं चूंकि इस मुख्य मार्ग से आसपास के गांव मैनाजोत, खाईनारा, पकरीमिश्राइन, पिपरौला, कैथवलिया लाला, दुभरा व अन्य गांवों के तकरीबन 25 हजार लोगों का आवागमन होता है, इसलिए यह सड़क इस क्षेत्र के लिए उपयोगी साबित होती है। इसके बावजूद इस सड़क के पुनरुद्धार को लेकर न तो जनप्रतिनिधि गंभीर हो रहे हैं और न ही मंडी परिषद इसके लिए कोई कार्ययोजना बना रही है।
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यह हमारे क्षेत्र की मुख्य सड़क है, इसी से हम लोग जिला, तहसील व ब्लॉक मुख्यालय पहुंचते हैं। 25 साल से हम इसके नवीनीकरण की राह देख रहे हैं। सबसे अधिक बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी होती है।
-श्वेता
जब इस सड़क का निर्माण हो रहा था तभी हम लोगों ने इसको गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए आवाज उठाई थी लेकिन ठेकेदार व विभाग के इंजीनियरों ने ध्यान नहीं दिया। दो साल बाद ही सड़क टूट गई।
-मीना देवी
यह सड़क हमारे गांव समेत आधा दर्जन गांवों को जोड़ती है। इस सड़क पर चलना मुश्किल हो गया है। बरसात में तो इस सड़क की हालत और भी दयनीय हो जाती है। जब तेज बरसात होती है तो चलने लायक नहीं रह जाता है।
-जेपी श्रीवास्तव
इसी मुख्य सड़क पर पंचायत भवन, प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूल समेत अन्य संस्थान स्थापित हैं। इससे कई गांवों के राहगीर आवागमन करते हैं। जबकि इसकी हालत जर्जर होने से परेशानी उठानी पड़ रही है।
-ओंकार नाथ
सड़क का सर्वे करवा कर दुरुस्त कराने का प्रयास किया जाएगा। ताकि राहगीरों को परेशानी न उठानी पड़े।
-सरोज कुमार, उप निदेशक (निर्माण), मंडी परिषद