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आगरा हादसा : नई नौकरी की राह में खड़ी मिल गई मौत
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आगरा हादसा। बस्ती के अंकुर श्रीवास्तव । फाइल फोटो
- फोटो : BASTI
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आगरा हादसा :
नई नौकरी की राह में खड़ी मिल गई मौत
फोटो....
बंगलूरू से इस्तीफा देकर दिल्ली ज्वाइन करने जा रहे थे
शहर के बैरिहवा के रिटायर्ड कानूनगो के पुत्र थे इंजीनियर अंकुर
हाल में ही हुई थी सगाई, जल्द तय होनी थी शादी की तारीख
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। सेवानिवृत्त राजस्व निरीक्षक सूर्यवंश लाल श्रीवास्तव के इंजीनियर पुत्र अंकुर श्रीवास्तव को दिल्ली जाना था। बंगलूरू के प्राइवेट कंपनी की नौकरी से इस्तीफा देकर वहां की एक मल्टी नेशनल कंपनी में ज्वाइन करना था। दो दिन पहले ही अंकुर की गोरखपुर में सगाई हुई थी।
कोतवाली क्षेत्र के बैरिहवा मोहल्ले के निवासी अंकुर पांच बहनों में इकलौते भाई होने के नाते सबके दुलारे थे। कंपनी की तरफ से इंजीनियर अंकुर अमेरिका सहित कई देशों की यात्रा भी कर चुके थे। घर के लोग बताते हैं कि रविवार शाम वह दिल्ली जाने के लिए निकला था। लखनऊ पहुंचने पर दिल्ली जाने वाली डबल डेकर एसी बस फुल हो चुकी थी। इसलिए वैकल्पिक रूप से डिपो से भेजी गई दूसरी रूट की बस में सवार हुए। कानपुर-आगरा एक्सप्रेसवे से होकर आगरा बस पहुंची। वहां से यमुना एक्सप्रेस वे पर बस हादसे की शिकार हो गई। सुबह जब दिल्ली जाने वाली बस के हादसे की परिवार वालों को जानकारी हुई, तो अनहोनी की आशंका से सहम गए। पूरा परिवार संपर्क करने के लिए परेशान हो गया। इस बीच हादसे का डिटेल जैसे-जैसे आता गया, मातम का माहौल छाता गया। दोपहर करीब 1:30 बजे जब अंकुर के इस दुनिया में न होने की खबर आई तो कोहराम मच गया। बड़ी संख्या में लोग ढांढस बंधाने पहुंचने लगे।
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नई नौकरी की राह में खड़ी मिल गई मौत
फोटो....
बंगलूरू से इस्तीफा देकर दिल्ली ज्वाइन करने जा रहे थे
शहर के बैरिहवा के रिटायर्ड कानूनगो के पुत्र थे इंजीनियर अंकुर
हाल में ही हुई थी सगाई, जल्द तय होनी थी शादी की तारीख
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। सेवानिवृत्त राजस्व निरीक्षक सूर्यवंश लाल श्रीवास्तव के इंजीनियर पुत्र अंकुर श्रीवास्तव को दिल्ली जाना था। बंगलूरू के प्राइवेट कंपनी की नौकरी से इस्तीफा देकर वहां की एक मल्टी नेशनल कंपनी में ज्वाइन करना था। दो दिन पहले ही अंकुर की गोरखपुर में सगाई हुई थी।
कोतवाली क्षेत्र के बैरिहवा मोहल्ले के निवासी अंकुर पांच बहनों में इकलौते भाई होने के नाते सबके दुलारे थे। कंपनी की तरफ से इंजीनियर अंकुर अमेरिका सहित कई देशों की यात्रा भी कर चुके थे। घर के लोग बताते हैं कि रविवार शाम वह दिल्ली जाने के लिए निकला था। लखनऊ पहुंचने पर दिल्ली जाने वाली डबल डेकर एसी बस फुल हो चुकी थी। इसलिए वैकल्पिक रूप से डिपो से भेजी गई दूसरी रूट की बस में सवार हुए। कानपुर-आगरा एक्सप्रेसवे से होकर आगरा बस पहुंची। वहां से यमुना एक्सप्रेस वे पर बस हादसे की शिकार हो गई। सुबह जब दिल्ली जाने वाली बस के हादसे की परिवार वालों को जानकारी हुई, तो अनहोनी की आशंका से सहम गए। पूरा परिवार संपर्क करने के लिए परेशान हो गया। इस बीच हादसे का डिटेल जैसे-जैसे आता गया, मातम का माहौल छाता गया। दोपहर करीब 1:30 बजे जब अंकुर के इस दुनिया में न होने की खबर आई तो कोहराम मच गया। बड़ी संख्या में लोग ढांढस बंधाने पहुंचने लगे।
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