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सरयू की कटान तेज, तटबंधो की तरफ बढी धारा
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दुबौलिया क्षेत्र में सरयू नदी कर रही कटान।
- फोटो : BASTI
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सरयू की कटान तेज, तटबंधों की तरफ बढ़ी धारा
दुबौलिया (बस्ती)। सरयू नदी का जलस्तर तेजी से घट रहा है। जलस्तर घटने के बाद से कटान तेज हो गई है। नदी लगातार कृषि योग्य जमीन लील रही है। कुछ स्थानों पर सरयू जहां तटबंध से दूर थी, लेकिन नदी तेजी से कटान करते हुए तटबंध की तरफ बढ़ रही है। ऐसे में तटवर्ती गांव के लोग दहशत में है। नदी सुबिखाबाबू, कटरिया, बंजरिया, बिसुंदासपुर, खजांचीपुर, भनखरपुर, गौरा, टकटकवा आदि गांव की के पास कटान तेजी से कर रही है, जिससे कृषि योग्य जमीन नदी की धारा मे विलीन हो रही है। टकटकवा, भनखरपुर गांव के पास नदी की धारा गौरा सैफाबाद तटबंध से बस कुछ ही दूरी पर है। इन स्थितियों के चलते यहां के ग्रामीण दहशत में हैं। नदी के तेजी से कटान के चलते बंधे पर खतरा मंडराने लगा है।
इन स्थितियों के बावजूद बाढ खंड हाथ पर हांथ धरे बैठा है। गौरा सैफाबाद तटबंध के अवर अभियंता लवकुश सिंह का कहना है की अभी टकटकवा गांव के पास धारा करीब सौ मीटर दूर है पचास मीटर पंहुचने पर तटबंध को सुरक्षित रखने के लिए कार्य शुरू करा दिया जाएगा। फिलहाल कोई खतरे की बात नहीं है। टकटकवा गांव के पास कटान रोकने के लिए बनाए गए रोक काफी पहले कटान से धारा मे विलीन हो चुका है। बुधवार को केंद्रीय जल आयोग अयोध्या कार्यालय के अनुसार नदी का जलस्तर खतरे के निशान 92.73 मीटर से 57 सेमी नीचे यानी जलस्तर 92.16 मीटर दर्ज किया गया। कटरिया-चांदपुर तटबंध पर बने स्पर दबाव के चलते क्षतिग्रस्त हो रहे हैं वही बैकरोल से तटबंध को सुरक्षित रखने के लिए परकोपाइन लगा रहे है। कटरिया चांदपुर तटबंध के सहायक अभियंता जितेंद्र कुमार ने बताया तटबंध सुरक्षित है, जहां आवश्यकता पड़ रही है स्परों का मरम्मत कार्य कराया जा रहा है।
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दुबौलिया (बस्ती)। सरयू नदी का जलस्तर तेजी से घट रहा है। जलस्तर घटने के बाद से कटान तेज हो गई है। नदी लगातार कृषि योग्य जमीन लील रही है। कुछ स्थानों पर सरयू जहां तटबंध से दूर थी, लेकिन नदी तेजी से कटान करते हुए तटबंध की तरफ बढ़ रही है। ऐसे में तटवर्ती गांव के लोग दहशत में है। नदी सुबिखाबाबू, कटरिया, बंजरिया, बिसुंदासपुर, खजांचीपुर, भनखरपुर, गौरा, टकटकवा आदि गांव की के पास कटान तेजी से कर रही है, जिससे कृषि योग्य जमीन नदी की धारा मे विलीन हो रही है। टकटकवा, भनखरपुर गांव के पास नदी की धारा गौरा सैफाबाद तटबंध से बस कुछ ही दूरी पर है। इन स्थितियों के चलते यहां के ग्रामीण दहशत में हैं। नदी के तेजी से कटान के चलते बंधे पर खतरा मंडराने लगा है।
इन स्थितियों के बावजूद बाढ खंड हाथ पर हांथ धरे बैठा है। गौरा सैफाबाद तटबंध के अवर अभियंता लवकुश सिंह का कहना है की अभी टकटकवा गांव के पास धारा करीब सौ मीटर दूर है पचास मीटर पंहुचने पर तटबंध को सुरक्षित रखने के लिए कार्य शुरू करा दिया जाएगा। फिलहाल कोई खतरे की बात नहीं है। टकटकवा गांव के पास कटान रोकने के लिए बनाए गए रोक काफी पहले कटान से धारा मे विलीन हो चुका है। बुधवार को केंद्रीय जल आयोग अयोध्या कार्यालय के अनुसार नदी का जलस्तर खतरे के निशान 92.73 मीटर से 57 सेमी नीचे यानी जलस्तर 92.16 मीटर दर्ज किया गया। कटरिया-चांदपुर तटबंध पर बने स्पर दबाव के चलते क्षतिग्रस्त हो रहे हैं वही बैकरोल से तटबंध को सुरक्षित रखने के लिए परकोपाइन लगा रहे है। कटरिया चांदपुर तटबंध के सहायक अभियंता जितेंद्र कुमार ने बताया तटबंध सुरक्षित है, जहां आवश्यकता पड़ रही है स्परों का मरम्मत कार्य कराया जा रहा है।
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