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Basti News: बदलते मौसम में बच्चों में गले के संक्रमण का खतरा
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जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती बच्चे की जांच करते चिकित्सक डॉ. पीएस पटेल संवाद
बस्ती। मौसम में बदलाव के साथ बच्चों में गले का संक्रमण बढ़ने लगा है। जिला अस्पताल में बीते एक सप्ताह से प्रतिदिन चार से पांच बच्चे इस बीमारी से पीड़ित मिल रहे हैं। अब तक करीब 20 बच्चों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। सांस लेने में परेशानी होने पर कई बच्चों को पीआईसीयू में ऑक्सीजन पर रखना पड़ रहा है। वहीं, करीब एक माह से बंद ऑक्सीजन प्लांट चालू नहीं होने के कारण अस्पताल में सिलिंडर से आपूर्ति की जा रही है। ऐसे में सिलिंडर में ऑक्सीजन कम होने पर प्रेशर घटने की समस्या सामने आ रही है।
दिन और रात के तापमान में अंतर के कारण मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अस्पताल की ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक मरीज पहुंच रहे हैं। वयस्कों में सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार की शिकायत है, जबकि छोटे बच्चों में ब्रोंकियोलाइटिस के मामले सामने आ रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल शर्मा ने बताया कि ठंड के मौसम में नवजात और छोटे बच्चों में निमोनिया की शिकायत आम है लेकिन इस बार ब्रोंकियोलाइटिस से पीड़ित बच्चे भी अस्पताल पहुंच रहे हैं।
शनिवार को बाल रोग विभाग की ओपीडी में 120 बच्चों का इलाज किया गया, जिनमें छह बच्चे इस बीमारी से पीड़ित मिले। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पीएस पटेल के अनुसार, ब्रोंकियोलाइटिस से पीड़ित बच्चों को सांस लेने में परेशानी होती है। उन्हें जरूरत के अनुसार ऑक्सीजन दी जा रही है और भाप भी दिलाई जा रही है। छह माह तक के बच्चों में इस संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। ऑक्सीजन देने के दौरान कभी-कभी प्रेशर कम होने की समस्या आती है। इसकी वजह सिलिंडर में ऑक्सीजन की मात्रा कम होना है।
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सिलिंडर के जरिये की जा रही आपूर्ति
ऑक्सीजन प्लांट बंद होने से वार्ड और ऑपरेशन थिएटर (ओटी) में भी सिलिंडर के जरिये आपूर्ति की जा रही है। ओटी के चिकित्सक डॉ. आलोक और डॉ. वीके वर्मा ने बताया कि सिलिंडर में ऑक्सीजन कम होने पर प्रेशर घटने की समस्या आती है। इसकी सूचना तकनीशियन को देकर सिलिंडर बदलवा दिया जाता है। शनिवार को चिल्ड्रेन वार्ड में 28 बच्चे भर्ती थे, इसमें पीआईसीयू में छह बच्चे थे। इसमें एक निमोनिया, दो झटके वाले और तीन बच्चे ब्रोंकियोलाइटिस के हैं। वहीं, मेडिकल वार्ड में 20 मरीज भर्ती हैं। एसआईसी के अनुसार, शनिवार को 1079 मरीजों ने परामर्श लिया। बाल रोग और मेडिसिन विभाग में सर्वाधिक मरीज रहे।
पहले सर्दी-जुकाम, फिर सांस लेने में परेशानी
डॉ. पीएस पटेल ने बताया कि ब्रोंकियोलाइटिस के शुरुआती लक्षण सामान्य सर्दी-जुकाम जैसे होते हैं। बाद में खांसी, सांस छोड़ते समय सीटी जैसी आवाज और सांस लेने में परेशानी हो सकती है। यह वायरस के कारण होने वाला संक्रमण है, जिसमें फेफड़ों की छोटी श्वासनलियों में सूजन आ जाती है और बलगम जमा होने लगता है। इसके लक्षण एक से दो सप्ताह तक रह सकते हैं।
कोट :: ऑक्सीजन प्लांट को चालू कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। अभी जरूरी पार्ट नहीं आया है, इसलिए सिलिंडर के जरिये ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है। प्रेशर कम होने की शिकायत पर तत्काल सिलिंडर बदलने के निर्देश दिए गए हैं। उनके अनुसार, सिलिंडर बदलने की व्यवस्था होने से समस्या का समाधान कर लिया जाता है। -डॉ. अनिल कुमार, एसआईसी, जिला अस्पताल, बस्ती।
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दिन और रात के तापमान में अंतर के कारण मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अस्पताल की ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक मरीज पहुंच रहे हैं। वयस्कों में सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार की शिकायत है, जबकि छोटे बच्चों में ब्रोंकियोलाइटिस के मामले सामने आ रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल शर्मा ने बताया कि ठंड के मौसम में नवजात और छोटे बच्चों में निमोनिया की शिकायत आम है लेकिन इस बार ब्रोंकियोलाइटिस से पीड़ित बच्चे भी अस्पताल पहुंच रहे हैं।
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शनिवार को बाल रोग विभाग की ओपीडी में 120 बच्चों का इलाज किया गया, जिनमें छह बच्चे इस बीमारी से पीड़ित मिले। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पीएस पटेल के अनुसार, ब्रोंकियोलाइटिस से पीड़ित बच्चों को सांस लेने में परेशानी होती है। उन्हें जरूरत के अनुसार ऑक्सीजन दी जा रही है और भाप भी दिलाई जा रही है। छह माह तक के बच्चों में इस संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। ऑक्सीजन देने के दौरान कभी-कभी प्रेशर कम होने की समस्या आती है। इसकी वजह सिलिंडर में ऑक्सीजन की मात्रा कम होना है।
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सिलिंडर के जरिये की जा रही आपूर्ति
ऑक्सीजन प्लांट बंद होने से वार्ड और ऑपरेशन थिएटर (ओटी) में भी सिलिंडर के जरिये आपूर्ति की जा रही है। ओटी के चिकित्सक डॉ. आलोक और डॉ. वीके वर्मा ने बताया कि सिलिंडर में ऑक्सीजन कम होने पर प्रेशर घटने की समस्या आती है। इसकी सूचना तकनीशियन को देकर सिलिंडर बदलवा दिया जाता है। शनिवार को चिल्ड्रेन वार्ड में 28 बच्चे भर्ती थे, इसमें पीआईसीयू में छह बच्चे थे। इसमें एक निमोनिया, दो झटके वाले और तीन बच्चे ब्रोंकियोलाइटिस के हैं। वहीं, मेडिकल वार्ड में 20 मरीज भर्ती हैं। एसआईसी के अनुसार, शनिवार को 1079 मरीजों ने परामर्श लिया। बाल रोग और मेडिसिन विभाग में सर्वाधिक मरीज रहे।
पहले सर्दी-जुकाम, फिर सांस लेने में परेशानी
डॉ. पीएस पटेल ने बताया कि ब्रोंकियोलाइटिस के शुरुआती लक्षण सामान्य सर्दी-जुकाम जैसे होते हैं। बाद में खांसी, सांस छोड़ते समय सीटी जैसी आवाज और सांस लेने में परेशानी हो सकती है। यह वायरस के कारण होने वाला संक्रमण है, जिसमें फेफड़ों की छोटी श्वासनलियों में सूजन आ जाती है और बलगम जमा होने लगता है। इसके लक्षण एक से दो सप्ताह तक रह सकते हैं।
कोट :: ऑक्सीजन प्लांट को चालू कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। अभी जरूरी पार्ट नहीं आया है, इसलिए सिलिंडर के जरिये ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है। प्रेशर कम होने की शिकायत पर तत्काल सिलिंडर बदलने के निर्देश दिए गए हैं। उनके अनुसार, सिलिंडर बदलने की व्यवस्था होने से समस्या का समाधान कर लिया जाता है। -डॉ. अनिल कुमार, एसआईसी, जिला अस्पताल, बस्ती।