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Basti News: इस अनदेखी से हादसे का अंदेशा... लटक रहे बिजली के खंभे

Thu, 28 May 2026 02:17 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 28 May 2026 02:17 AM IST
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Risk of an Accident Due to Negligence... Teetering Electricity Poles
झुके हुए पोल।
बस्ती। गर्मी के मौसम में पारा चढ़ते ही पोल, तार, ट्रांसफार्मर चकाचक होने की डिजिटल रिपोर्ट की पोल खुल गई। ताबड़तोड़ ट्रांसफार्मर जलने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। 42 डिग्री तापमान को 10 एवं 25 केवी के ट्रांसफार्मर नहीं झेल पा रहे हैं। तार और जंपर भी टूटकर गिर जा रहे हैं। मई महीने में अभी तक 140 ट्रांसफार्मर फुंक चुके हैं। समस्या इतना ही नहीं है। निगम की अनदेखी से जगह-जगह हादसे का अंदेशा भी है। शहर के आबादी वाले क्षेत्र में बिजली के 20 लोहे के खंभे जमीन और सड़क की तरफ लटक रहे हैं। इन पर झूलते तारों से हर किसी को खतरा महसूस हो रहा है।
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अभी दो दिन पहले आई आंधी-तूफान के चलते कई जगहों पर बिजली के खंभे और तार टूटकर गिर गए हैं। इसके चलते अभी भी कुछ जगहों पर बिजली की आपूर्ति बाधित है। इसके बाद जिम्मेदार सबक नहीं ले रहे हैं। शहर से लेकर गांव तक पुराने जर्जर लोहे के पोल बदले कहीं लटक रहे हैं तो कहीं जमीन से जुड़ा उसका निचला हिस्सा जंग खाकर खोखला हो चुका है। पोल लटकने के कारण उस पर दौड़ाए गए तार भी ढीले पड़ गए हैं। शहर के मालवीय मार्ग, गांधीनगर मार्ग पर 12 मीटर लंबाई वाले 20 लोहे के खंभे मरम्मत के अभाव में लटक गए हैं। इसके आसपास आबादी भी है। ऐसे में यदि आंधी-पानी तेज आई तो लटकते खंभे कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। यह हाल तब है जब पिछले साल नवंबर में अभियान चलाकर पोल-तार दुरुस्त कराने की रिपोर्ट उच्च स्तर पर भेजी जा चुकी है। इसके अलावा कई जगहों पर ट्रांसफार्मर भी असुरक्षित छोड़ दिए गए हैं। अधिकांश ट्रांसफार्मर बिना सुरक्षा घेरे के हैं। शहर से लेकर गांव तक तार भी ढीले पड़े हैं। भीषण गर्मी में बिजली कटौती उपभोक्ताओं को खूब रुला रही है। पिछले साल गर्मी के सीजन में निगम की किरकिरी होने के बाद ऊर्जा मंत्री के तेवर सख्त हो गए थे। उस समय अगस्त से नवंबर तक युद्ध स्तर पर लाइन, ट्रांसफाॅर्मर, खंभों का मरम्मत कार्य करके आपूर्ति व्यवस्था सुचारू करने के निर्देश दिए गए थे। केवल कुछ जगहों पर बिजली के तारों के आसपास पेड़ों की टहनियों की कटाई करके कोरम पूरा कर दिया गया था। जरूरत के हिसाब से न तो ट्रांसफाॅर्मरों की क्षमता बढ़ाई गई और न ही जर्जर तार बदले गए। लोहे के पोल जंग खाकर खोखले हो चुके पुराने पोल तक नहीं दुरुस्त किए गए। वहीं निगम के रिकार्ड में सबकुछ चकाचक है।
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