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Basti News: ठंड में बढ़ रहे सांस रोगी...यूरिन में भी परेशानी
Thu, 13 Nov 2025 01:08 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Thu, 13 Nov 2025 01:08 AM IST
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जिला अस्पताल में मरीज देखते डॉक्टर- संवाद
बस्ती। ठंड बढ़ने से अब बुजुर्गों में कई तरह की परेशानी आ रही है। सांस लेने में जहां दिक्कत हैं वहीं, अब यूरिन में भी परेशानी आ रही है। चिकित्सक इसके अनुसार जांच कर कर दवाएं दे रहे हैं और अधिक पानी पीने के लिए सलाह दे रहे हैं। मौसम में अचानक आए बदलाव से जहां ठंड में इजाफा हुआ है, वहीं सांस और दमा से पीड़ित मरीजों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं।
सुबह-शाम लग रही ठंड और दिन में हल्की धूप के कारण तापमान में उतार-चढ़ाव हो रहा है। ऐसे में एलर्जी, खांसी, जुकाम और सांस की समस्या वाले रोगियों की संख्या अस्पतालों में बढ़ने लगी है। पिछले दिनों हुई बारिश का असर अभी भी है। इधर कई दिनों से सुबह और शाम में ठंड हवा चलने के कारण तापमान कम हो गया। इसका असर दिखाई देने लगा है।
जिला चिकित्सालय में पिछले कुछ दिनों से सांस की तकलीफ, खांसी और अस्थमा के मरीज बढ़े हैं। डॉक्टरों के अनुसार मौसम में नमी और तापमान में गिरावट के चलते पुरानी सांस संबंधी बीमारियों वाले मरीज सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। बुधवार की ओपीडी में करीब 60 मरीज सांस की समस्या लेकर डॉक्टरों के पास पहुंचे।
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चेस्ट फिजिशियन डॉ. शैलेंद्र कुमार ने बताया कि तापमान गिरने और ठंड के चलते पुराने अस्थमा पीड़ितों के सामने संकट है। चेस्ट की जांच करा रहे। एक्स-रे रिपोर्ट के बाद बचाव संबंधी टिप्स दे रहे।
फिजिशियन डॉ. रामजी सोनी ने बताया कि कई ऐसे मरीज आए जिनमें यूरिन की समस्या थी। इसमें अधिकांश कम पानी पीने वाले थे। जिन्हें दवा दी गई है। अल्ट्रासाउंड जांच रिपोर्ट के अनुसार दवाएं दी जा रही। एमडी डॉ. पीएल गुप्ता के अनुसार कम पानी पीने से यूरिन में जलन आदि की समस्या है। पेशाब थैली में सूजन आने से जलन, पेशाब खुलकर नहीं होता। दर्द भी होता है। यह प्रोस्टेट बढ़े होने का संकेत है। एसआईसी डॉ. खालिद रिजवान अहमद का कहना है कि मौसम बदलने पर वायरल संक्रमण और सांस की समस्या आम है। दमा और एलर्जी वाले मरीज धूल, ठंडी हवा और धुएं से बचें। गर्म पानी का सेवन करें। उन्होंने बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी। बुधवार को 1124 मरीजों को ओपीडी में परामर्श दिया गया। मेडिसिन विभाग में अधिक मरीज आए।
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सुबह-शाम लग रही ठंड और दिन में हल्की धूप के कारण तापमान में उतार-चढ़ाव हो रहा है। ऐसे में एलर्जी, खांसी, जुकाम और सांस की समस्या वाले रोगियों की संख्या अस्पतालों में बढ़ने लगी है। पिछले दिनों हुई बारिश का असर अभी भी है। इधर कई दिनों से सुबह और शाम में ठंड हवा चलने के कारण तापमान कम हो गया। इसका असर दिखाई देने लगा है।
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जिला चिकित्सालय में पिछले कुछ दिनों से सांस की तकलीफ, खांसी और अस्थमा के मरीज बढ़े हैं। डॉक्टरों के अनुसार मौसम में नमी और तापमान में गिरावट के चलते पुरानी सांस संबंधी बीमारियों वाले मरीज सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। बुधवार की ओपीडी में करीब 60 मरीज सांस की समस्या लेकर डॉक्टरों के पास पहुंचे।
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चेस्ट फिजिशियन डॉ. शैलेंद्र कुमार ने बताया कि तापमान गिरने और ठंड के चलते पुराने अस्थमा पीड़ितों के सामने संकट है। चेस्ट की जांच करा रहे। एक्स-रे रिपोर्ट के बाद बचाव संबंधी टिप्स दे रहे।
फिजिशियन डॉ. रामजी सोनी ने बताया कि कई ऐसे मरीज आए जिनमें यूरिन की समस्या थी। इसमें अधिकांश कम पानी पीने वाले थे। जिन्हें दवा दी गई है। अल्ट्रासाउंड जांच रिपोर्ट के अनुसार दवाएं दी जा रही। एमडी डॉ. पीएल गुप्ता के अनुसार कम पानी पीने से यूरिन में जलन आदि की समस्या है। पेशाब थैली में सूजन आने से जलन, पेशाब खुलकर नहीं होता। दर्द भी होता है। यह प्रोस्टेट बढ़े होने का संकेत है। एसआईसी डॉ. खालिद रिजवान अहमद का कहना है कि मौसम बदलने पर वायरल संक्रमण और सांस की समस्या आम है। दमा और एलर्जी वाले मरीज धूल, ठंडी हवा और धुएं से बचें। गर्म पानी का सेवन करें। उन्होंने बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी। बुधवार को 1124 मरीजों को ओपीडी में परामर्श दिया गया। मेडिसिन विभाग में अधिक मरीज आए।