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UP News: पूर्व विधायक पर बस्ती में फर्जी दस्तावेज से हथियार लेने की रिपोर्ट, उच्च न्यायालय ने DM को किया तलब
Sat, 04 Mar 2023 10:13 AM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी हर्रैया (बस्ती)।
संवाद न्यूज एजेंसी हर्रैया (बस्ती)।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 04 Mar 2023 10:13 AM IST
सार
पैकोलिया थाना क्षेत्र के धीरनपुर गांव निवास राम जनम यादव ने वर्ष 2021 में एमपी-एमएलए विशेष न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया था, जिसमें इंद्रभूषण तिवारी पर धोखाधड़ी कर शस्त्र लाइसेंस हासिल करने के मामले में केस दर्ज करने की मांग की गई थी। इस अर्जी को छह सितंबर 2022 को खारिज कर दिया गया।
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पूर्व विधायक व भाजपा नेता इंद्र प्रताप उर्फ खब्बू तिवारी।
- फोटो : सोशल मीडिया।
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विस्तार
अयोध्या के गोसाईंगंज विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक व भाजपा नेता इंद्र प्रताप उर्फ खब्बू तिवारी के खिलाफ हर्रैया थाने में फर्जी दस्तावेज से रायफल का लाइसेंस लेने की रिपोर्ट दर्ज की गई है। पूर्व विधायक के नाम वर्ष 1995 में लाइसेंस जारी हुआ था। प्रकरण में उच्च न्यायालय ने जिलाधिकारी को स्वयं उपस्थित होकर कार्रवाई से अवगत कराने का निर्देश दिया है। इसके बाद शुक्रवार को एसएचओ हर्रैया शैलेष सिंह की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई।
अयोध्या के कोतवाली नगर थाना क्षेत्र के देवकली निवासी इंद्र प्रताप तिवारी ने रायफल का लाइसेंस लेते समय खुद को हर्रैया थाना क्षेत्र के गौहनिया नेपाल सिंह गांव का निवासी होने के दस्तावेज प्रस्तुत किए थे। मामला संज्ञान में आने के बाद जुलाई 1996 में यह लाइसेंस निरस्त कर दिया गया। मगर तिवारी ने लाइसेंस पर ली गई रायफल जमा नहीं की। पुलिस भी यह कहकर मामले को टालती रही कि खब्बू तिवारी जेल में निरुद्ध हैं। इसलिए वह रायफल जमा नहीं कराई जा सकी।
इस मामले को लेकर पैकोलिया थाना क्षेत्र के धीरनपुर गांव निवास राम जनम यादव ने वर्ष 2021 में एमपी-एमएलए विशेष न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया था, जिसमें इंद्रभूषण तिवारी पर धोखाधड़ी कर शस्त्र लाइसेंस हासिल करने के मामले में केस दर्ज करने की मांग की गई थी। इस अर्जी को छह सितंबर 2022 को खारिज कर दिया गया।
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इस पर वादी ने उच्च न्यायालय में निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी। उच्च न्यायालय ने मामले का संज्ञान लेकर जिलाधिकारी को तीन मार्च को न्यायालय के समक्ष उपस्थित होकर की गई कार्रवाई पर अपना पक्ष प्रस्तुत करने का आदेश दिया। इसके बाद आनन-फानन दो मार्च की रात पूर्व विधायक के विरुद्ध धोखाधड़ी, जालसाजी, आयुध अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हुई।
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अयोध्या के कोतवाली नगर थाना क्षेत्र के देवकली निवासी इंद्र प्रताप तिवारी ने रायफल का लाइसेंस लेते समय खुद को हर्रैया थाना क्षेत्र के गौहनिया नेपाल सिंह गांव का निवासी होने के दस्तावेज प्रस्तुत किए थे। मामला संज्ञान में आने के बाद जुलाई 1996 में यह लाइसेंस निरस्त कर दिया गया। मगर तिवारी ने लाइसेंस पर ली गई रायफल जमा नहीं की। पुलिस भी यह कहकर मामले को टालती रही कि खब्बू तिवारी जेल में निरुद्ध हैं। इसलिए वह रायफल जमा नहीं कराई जा सकी।
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इस मामले को लेकर पैकोलिया थाना क्षेत्र के धीरनपुर गांव निवास राम जनम यादव ने वर्ष 2021 में एमपी-एमएलए विशेष न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया था, जिसमें इंद्रभूषण तिवारी पर धोखाधड़ी कर शस्त्र लाइसेंस हासिल करने के मामले में केस दर्ज करने की मांग की गई थी। इस अर्जी को छह सितंबर 2022 को खारिज कर दिया गया।
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इस पर वादी ने उच्च न्यायालय में निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी। उच्च न्यायालय ने मामले का संज्ञान लेकर जिलाधिकारी को तीन मार्च को न्यायालय के समक्ष उपस्थित होकर की गई कार्रवाई पर अपना पक्ष प्रस्तुत करने का आदेश दिया। इसके बाद आनन-फानन दो मार्च की रात पूर्व विधायक के विरुद्ध धोखाधड़ी, जालसाजी, आयुध अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हुई।