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मुंबई में राजगीर की मौत, शव घर लाने पर मचा कोहराम
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मुंबई में राजगीर की मौत, शव घर लाने पर मचा कोहराम
कप्तानगंज के परसपुरा निवासी जैनुल की छह जून को हुई थी मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज (बस्ती)। कप्तानगंज थानाक्षेत्र के परसपुरा गांव निवासी जैनुल का मुंबई से शव घर लाने पर कोहराम मच गया। परिजनों की चीख-पुकार सुनकर पूरे गांव में मातम छा गया। परिजनों ने शव को दफना दिया।
39 वर्षीय जैनुल मुंबई में रहकर राजगीर का काम करते थे। एक जून को शटरिंग करते समय वह गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। परिवार के लोगों ने मुंबई के बाला साहब ठाकरे हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। इलाज के दौरान छह जून की सुबह उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिवार वालों को सौंप दिया। मुंबई में ही रहने वाले जैनुल के भाई शव को एंबुलेंस से लेकर बुधवार सुबह चार बजे परसपुरा पहुंचे। जैनुल के पिता का जन्नत अली की मौत पांच साल पहले हो गई थी। जबकि माता शहीदुननिशा की 10 साल पहले मौत हो गई थी। वह चार भाइयों में दूसरे नंबर के थे। बड़े भाई अजमल मुंबई में वायरिंग का काम करते हैं। तीसरे नंबर के भाई हसनैन बस्ती के टाटा मोटर्स में काम करते हैं। सबसे छोटा भाई लाले मुंबई में रहकर अपना कारोबार करता है। परिवार में पत्नी आईशा खातून के अलावा बच्चों का रो रोकर बुरा हाल है।
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कप्तानगंज के परसपुरा निवासी जैनुल की छह जून को हुई थी मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज (बस्ती)। कप्तानगंज थानाक्षेत्र के परसपुरा गांव निवासी जैनुल का मुंबई से शव घर लाने पर कोहराम मच गया। परिजनों की चीख-पुकार सुनकर पूरे गांव में मातम छा गया। परिजनों ने शव को दफना दिया।
39 वर्षीय जैनुल मुंबई में रहकर राजगीर का काम करते थे। एक जून को शटरिंग करते समय वह गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। परिवार के लोगों ने मुंबई के बाला साहब ठाकरे हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। इलाज के दौरान छह जून की सुबह उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिवार वालों को सौंप दिया। मुंबई में ही रहने वाले जैनुल के भाई शव को एंबुलेंस से लेकर बुधवार सुबह चार बजे परसपुरा पहुंचे। जैनुल के पिता का जन्नत अली की मौत पांच साल पहले हो गई थी। जबकि माता शहीदुननिशा की 10 साल पहले मौत हो गई थी। वह चार भाइयों में दूसरे नंबर के थे। बड़े भाई अजमल मुंबई में वायरिंग का काम करते हैं। तीसरे नंबर के भाई हसनैन बस्ती के टाटा मोटर्स में काम करते हैं। सबसे छोटा भाई लाले मुंबई में रहकर अपना कारोबार करता है। परिवार में पत्नी आईशा खातून के अलावा बच्चों का रो रोकर बुरा हाल है।
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