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Basti News: बारिश थमी... जलभराव का संकट बरकरार
Mon, 30 Sep 2024 01:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Mon, 30 Sep 2024 01:04 AM IST
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शहर के एक दर्जन मोहल्लों में जलभराव का संकट, घरों से निकलना दूभर
नाले-नालियां जाम होने से नहीं निकल पा रहा पानी, धूप खिलने का इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। लगातार दो दिन तक हुई बारिश शनिवार दोपहर बाद से थम गई। मगर, मौसम का मिजाज बहुत बदला नहीं है। रविवार को दिन भर बादल के साथ धुंध छाए रहे। यदा-कदा बारिश के फुहारें भी पड़ीं। मौसम पूरी तरह खुशनुमा हो चुका है। हालांकि, मानसून जाते-जाते गर्मी को बेअसर कर दिया । कसक है तो बारिश बंद होने के 24 घंटे बाद भी शहरी जनजीवन के पटरी पर न लौटने की। जहां देखो वहीं जलभराव का संकट है। लोगों का घरों से निकलना दूभर बना हुआ है। कुछ जगहों पर बारिश बंद होने के बाद घरों के अंदर सफाई चल रही है। घरों केे अंदर पानी भर जाने के कारण कमरों को फिर से सफाई कर रहने योग्य बनाया जा रहा है।
बारिश में शहर की जलनिकासी व्यवस्था धत बोल गई। 45 किमी लंबाई में बनाए गए मुख्य नाले भी पानी का बहाव न कर पाने से ओवरफ्लो हो गए थे। गलियों और सड़कों के किनारे बनाई गई नालियां पानी में गुम हो गई थी। कहीं-कहीं इस कदर जलभराव हुआ कि सड़क और नाली का पता ही नहीं चल पाया। इससे निचली सतह के घरों में पानी घुस गए।
लोगों का रहना, खाना, नहाना सब दुश्वार हो गया। शहर के एक दर्जन से अधिक मोहल्लों में बारिश बंद होने के 24 घंटे बाद भी समस्या से निजात नहीं मिल पाई। इन मोहल्लों की अधिकतर सड़कों पर पानी भरा रहा। घरों के भीतर से पानी खिसका तो पूरे दिन सफाई में लग गया। बाहर का पानी घुसने से घरों के अंदर गंदगी जमा हो गई थी। बीमारी फैलने की डर से लोग सफाई करने में दिनभर जुटे रहे।
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शहर की सबसे वीआईपी आवास विकास कॉलोनी में जलभराव का संकट बारिश के दौरान गहरा गया था। यहां जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने से लोगों के घरों के सामने सड़क पर पानी भर गया है। जिनके मकान पुराने हैं, उनमें भीतर तक पानी भर गया। आवास विकास कॉलोनी की परमिला ने बताया कि उनका मकान पुराना है। बारिश के दौरान घर में पानी आ जाता है। नालियां जाम होने से गंदा पानी उल्टा घर में आता है। एक बार बारिश होती है तो दो से तीन दिन रहन-सहन दुरुस्त करने में लग जाता है।
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मुरलीजोत के वाशिंदे झेल रहे मुसीबत
दक्षिण दरवाजा से टीबी अस्पताल को जोड़ने वाली सड़क पर 400 से अधिक घरों की कॉलोनी है। यह क्षेत्र मुरलीजोत वार्ड का आंशिक हिस्सा है। यहां बारिश के बाद सबसे ज्यादा मुसीबत खड़ी हो गई है। मुख्य सड़क पर रविवार को घुटने भर पानी लगा है। आसपास गंदगी का अंबार है। बारिश के दौरान यह बहकर सड़क पर आ गया है। गंदगी की वजह से इसमें घुसकर चलने लायक नहीं है। सुअर और मुर्गी पालन का कारोबार होने के नाते इस मोहल्ले में सड़ांध उठ रही है। प्रशासन की तरफ से छिड़काव एवं सफाई का कार्य नहीं कराया गया है। इन दुश्वारियाें में करीब ढाई से तीन हजार आबादी रहने को विवश है। मोहल्ले के कादिर, बबलू, राम जियावन आदि ने बताया कि बारिश के समय वह लोग बाइक से नहीं निकल पाते हैं। अपनी गाड़ी मुख्य सड़क रेलवे स्टेशन मार्ग पर खड़ी पैदल घर आते हैं।
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इन मोहल्लों में भी समस्या
शहर के चाईबारी, इटैलिया, दक्षिण दरवाजा निषाद टोला, मंगल बाजार, मुरलीजोत, बभनगांवा, रौतापार, लैबुड़वा आदि मोहल्लों में भी लोग जलभराव के संकट से जूझ रहे हैं। यहां कई घरों में पानी घुसने से दुश्वारियां बढ़ गई हैं। कामकाज छोड़कर पूरा का पूरा परिवार घरों की सफाई में जुटा है।
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बारिश की वजह से कुछ मोहल्लों में जलभराव का संकट हुआ है। इसकी जानकारी मिलते ही पंपसेट आदि लगवाकर पानी निकलवाया जा रहा है। सभी मोहल्लों में सफाई के भी निर्देश दिए गए हैं। जहां अधिक गंदगी है वहां टीम भेजी जा रही है।
-सुनिष्ठा सिंह, प्रभारी ईओ/एसडीएम
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नाले-नालियां जाम होने से नहीं निकल पा रहा पानी, धूप खिलने का इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। लगातार दो दिन तक हुई बारिश शनिवार दोपहर बाद से थम गई। मगर, मौसम का मिजाज बहुत बदला नहीं है। रविवार को दिन भर बादल के साथ धुंध छाए रहे। यदा-कदा बारिश के फुहारें भी पड़ीं। मौसम पूरी तरह खुशनुमा हो चुका है। हालांकि, मानसून जाते-जाते गर्मी को बेअसर कर दिया । कसक है तो बारिश बंद होने के 24 घंटे बाद भी शहरी जनजीवन के पटरी पर न लौटने की। जहां देखो वहीं जलभराव का संकट है। लोगों का घरों से निकलना दूभर बना हुआ है। कुछ जगहों पर बारिश बंद होने के बाद घरों के अंदर सफाई चल रही है। घरों केे अंदर पानी भर जाने के कारण कमरों को फिर से सफाई कर रहने योग्य बनाया जा रहा है।
बारिश में शहर की जलनिकासी व्यवस्था धत बोल गई। 45 किमी लंबाई में बनाए गए मुख्य नाले भी पानी का बहाव न कर पाने से ओवरफ्लो हो गए थे। गलियों और सड़कों के किनारे बनाई गई नालियां पानी में गुम हो गई थी। कहीं-कहीं इस कदर जलभराव हुआ कि सड़क और नाली का पता ही नहीं चल पाया। इससे निचली सतह के घरों में पानी घुस गए।
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लोगों का रहना, खाना, नहाना सब दुश्वार हो गया। शहर के एक दर्जन से अधिक मोहल्लों में बारिश बंद होने के 24 घंटे बाद भी समस्या से निजात नहीं मिल पाई। इन मोहल्लों की अधिकतर सड़कों पर पानी भरा रहा। घरों के भीतर से पानी खिसका तो पूरे दिन सफाई में लग गया। बाहर का पानी घुसने से घरों के अंदर गंदगी जमा हो गई थी। बीमारी फैलने की डर से लोग सफाई करने में दिनभर जुटे रहे।
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शहर की सबसे वीआईपी आवास विकास कॉलोनी में जलभराव का संकट बारिश के दौरान गहरा गया था। यहां जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने से लोगों के घरों के सामने सड़क पर पानी भर गया है। जिनके मकान पुराने हैं, उनमें भीतर तक पानी भर गया। आवास विकास कॉलोनी की परमिला ने बताया कि उनका मकान पुराना है। बारिश के दौरान घर में पानी आ जाता है। नालियां जाम होने से गंदा पानी उल्टा घर में आता है। एक बार बारिश होती है तो दो से तीन दिन रहन-सहन दुरुस्त करने में लग जाता है।
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मुरलीजोत के वाशिंदे झेल रहे मुसीबत
दक्षिण दरवाजा से टीबी अस्पताल को जोड़ने वाली सड़क पर 400 से अधिक घरों की कॉलोनी है। यह क्षेत्र मुरलीजोत वार्ड का आंशिक हिस्सा है। यहां बारिश के बाद सबसे ज्यादा मुसीबत खड़ी हो गई है। मुख्य सड़क पर रविवार को घुटने भर पानी लगा है। आसपास गंदगी का अंबार है। बारिश के दौरान यह बहकर सड़क पर आ गया है। गंदगी की वजह से इसमें घुसकर चलने लायक नहीं है। सुअर और मुर्गी पालन का कारोबार होने के नाते इस मोहल्ले में सड़ांध उठ रही है। प्रशासन की तरफ से छिड़काव एवं सफाई का कार्य नहीं कराया गया है। इन दुश्वारियाें में करीब ढाई से तीन हजार आबादी रहने को विवश है। मोहल्ले के कादिर, बबलू, राम जियावन आदि ने बताया कि बारिश के समय वह लोग बाइक से नहीं निकल पाते हैं। अपनी गाड़ी मुख्य सड़क रेलवे स्टेशन मार्ग पर खड़ी पैदल घर आते हैं।
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इन मोहल्लों में भी समस्या
शहर के चाईबारी, इटैलिया, दक्षिण दरवाजा निषाद टोला, मंगल बाजार, मुरलीजोत, बभनगांवा, रौतापार, लैबुड़वा आदि मोहल्लों में भी लोग जलभराव के संकट से जूझ रहे हैं। यहां कई घरों में पानी घुसने से दुश्वारियां बढ़ गई हैं। कामकाज छोड़कर पूरा का पूरा परिवार घरों की सफाई में जुटा है।
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बारिश की वजह से कुछ मोहल्लों में जलभराव का संकट हुआ है। इसकी जानकारी मिलते ही पंपसेट आदि लगवाकर पानी निकलवाया जा रहा है। सभी मोहल्लों में सफाई के भी निर्देश दिए गए हैं। जहां अधिक गंदगी है वहां टीम भेजी जा रही है।
-सुनिष्ठा सिंह, प्रभारी ईओ/एसडीएम