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Basti News: वाल्टरगंज में कार्रवाई से पीछे हटा रेल प्रशासन... कस्बेवासियों का हुआ धरना समाप्त
Sun, 12 Jan 2025 05:03 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sun, 12 Jan 2025 05:03 AM IST
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जनप्रतिनिधियों की मध्यस्थता के बाद जिला और रेल प्रशासन के साथ आंदोलनकारियों की हुई वार्ता सफल
कोर्ट के आदेश होने तक कार्रवाई न करने की बनी सहमति, कस्बावासी बोले- स्टे के लिए हाईकोर्ट में की गई है अपील
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। वाल्टरगंज में रेलवे के नाले की भूमि पर किए गए अतिक्रमण के विवाद का शनिवार को अस्थायी पटाक्षेप फिलहाल हो गया है। मकान, दुकान के ध्वस्तीकरण के अल्टीमेटम पर कार्रवाई करने से रेल प्रशासन पीछे हट गया। धरना स्थल पर आंदोलित कस्बेवासियों के साथ जिला प्रशासन और रेलवे के अधिकारियों की घंटों वार्ता चली। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मध्यस्थता की। सभी पक्षों की सहमति बनी कि कोर्ट के आदेश आने तक इंतजार किया जाएगा। इस अवधि में रेलवे की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं होगी।
पिछले दिनों रेलवे की तरफ से वाल्टरगंज कस्बे मेंं करीब सौ दुकान-मकान को अतिक्रमण के दायरे में चिह्नित करते हुए 11 जनवरी तक हटाने की चेतावनी दी गई थी। इसी के बाद कस्बे के व्यापारी भड़क उठे। पिछले तीन दिन से कस्बावासी और आसपास के ग्रामीण सामूहिक रूप से धरने पर बैठे रहे। चर्चा थी कि शनिवार को रेलवे प्रशासन ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर सकता हैं। क्योंकि रेलवे के अनुसार जिन दुकान और मकान को चिह्नित कर नोटिस चस्पा की गई है, उनका निर्माण रेलवे के नाले के जमीन में हुआ है।
वहीं कस्बावासियों का कहना है कि वे कई पीढि़यों से यहां दुकान-मकान बनाकर रह रहे हैं। उन्हें अतिक्रमण किए जाने संबंधी कोई जानकारी नहीं है। कस्बावासी और रेलवे प्रशासन इस मसले को लेकर साल भीतर दूसरी बार आमने-सामने नजर आया। कस्बेवासियों के समर्थन में राजनीतिक संगठनों के अलावा जिला पंचायत अध्यक्ष संजय चौधरी, नगर पालिका अध्यक्ष के प्रतिनिधि भाजपा नेता अंकुर वर्मा भी पहुंचे।
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जनप्रतिनिधियों की मध्यस्थता में जिला प्रशासन की तरफ से एसडीएम सदर शत्रुहन पाठक, सीओ सिटी सत्येंद्र भूषण तिवारी और आरपीएफ सीओ एके उपाध्याय, जीआरपी इंस्पेक्टर एमपी चतुर्वेदी, रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर विजयांक गर्ग आदि के साथ आंदोलित कस्बावासियों से वार्ता शुरू की गई। आंदोलन की अगुवाई कर रहे ग्राम प्रधान अमरनाथ चौधरी के अलावा कस्बावासियों ने बताया कि तीन जून 2024 को कागजात दुरुस्तीकरण के लिए एसडीएम सदर के कोर्ट में वाद दाखिल किया गया है। अब तक मामले में लेखपाल की ओर से रिपोर्ट नहीं लगाई गई है। इसी माह में सिविल जज जूनियर डिविजन बस्ती के न्यायालय में भी यह मामला दाखिल किया गया है। इसके आधार पर 10 जनवरी को हाईकोर्ट में स्थगन आदेश के लिए याचिका दायर की गई है।
इन मामलों में कुछ निर्णय आने के बाद रेलवे की तरफ से कार्रवाई की जानी चाहिए। इस पर रेलवे के सेक्शन इंजीनियर विजयांक गर्ग ने बताया कि फिलहाल अभी कार्रवाई स्थगित की जा रही है। कस्बेवासियों को न्यायालय से स्पष्ट आदेश लाना चाहिए। एसडीएम सदर ने कहा कि रेलवे विभाग से सामंजस्य बनाकर इस मामले का हल निकाला जाए। इस पर लोगों ने सहमति जताते हुए आंदोलन समाप्त किया।
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धरने में हुआ हनुमान चालीसा का पाठ
वाल्टरगंज कस्बे में धरने के दौरान तीसरे दिन स्थानीय व्यापारियों के अलावा बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कस्बे के अलावा भिटिया चौराहा, मनौरी चौराहा, बकसई चौराहा आदि के दुकानदार अपनी दुकानें बंद कर आंदोलन में शामिल हुए। धरना स्थल पर लोगों ने हनुमानजी, भगवान श्रीराम की तस्वीर रखकर हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। इस दौरा पुलिस और आरपीएफ व जीआरपी के जवान तैनात रहे। जिला पंचायत अध्यक्ष संजय चौधरी, भाजपा नेता अंकुर वर्मा, रोलू सिंह, भासपा के राष्ट्रीय सचिव विनोद राजभर, विजय चौहान, मनोज राजभर आदि लोग मौजूद रहे।
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कोट
कस्बेवासी नोटिस के खिलाफ स्थगन आदेश के लिए हाईकोर्ट गए हुए हैं। इस मामले में निर्णय आने तक रेलवे प्रशासन इंतजार करेगा। तब तक के लिए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई रोकी जा रही है।
विजयांक गर्ग, सेक्शन इंजीनियर
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रेलवे और कस्बावासियों के बीच सार्थक वार्ता हुई है। दोनों पक्ष न्यायालय के आदेश का इंतजार करने पर मान गए हैं। फिलहाल अभी किसी तरह की कार्रवाई नहीं होगी।
शत्रुहन पाठक, एसडीएम सदर
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कोर्ट के आदेश होने तक कार्रवाई न करने की बनी सहमति, कस्बावासी बोले- स्टे के लिए हाईकोर्ट में की गई है अपील
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। वाल्टरगंज में रेलवे के नाले की भूमि पर किए गए अतिक्रमण के विवाद का शनिवार को अस्थायी पटाक्षेप फिलहाल हो गया है। मकान, दुकान के ध्वस्तीकरण के अल्टीमेटम पर कार्रवाई करने से रेल प्रशासन पीछे हट गया। धरना स्थल पर आंदोलित कस्बेवासियों के साथ जिला प्रशासन और रेलवे के अधिकारियों की घंटों वार्ता चली। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मध्यस्थता की। सभी पक्षों की सहमति बनी कि कोर्ट के आदेश आने तक इंतजार किया जाएगा। इस अवधि में रेलवे की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं होगी।
पिछले दिनों रेलवे की तरफ से वाल्टरगंज कस्बे मेंं करीब सौ दुकान-मकान को अतिक्रमण के दायरे में चिह्नित करते हुए 11 जनवरी तक हटाने की चेतावनी दी गई थी। इसी के बाद कस्बे के व्यापारी भड़क उठे। पिछले तीन दिन से कस्बावासी और आसपास के ग्रामीण सामूहिक रूप से धरने पर बैठे रहे। चर्चा थी कि शनिवार को रेलवे प्रशासन ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर सकता हैं। क्योंकि रेलवे के अनुसार जिन दुकान और मकान को चिह्नित कर नोटिस चस्पा की गई है, उनका निर्माण रेलवे के नाले के जमीन में हुआ है।
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वहीं कस्बावासियों का कहना है कि वे कई पीढि़यों से यहां दुकान-मकान बनाकर रह रहे हैं। उन्हें अतिक्रमण किए जाने संबंधी कोई जानकारी नहीं है। कस्बावासी और रेलवे प्रशासन इस मसले को लेकर साल भीतर दूसरी बार आमने-सामने नजर आया। कस्बेवासियों के समर्थन में राजनीतिक संगठनों के अलावा जिला पंचायत अध्यक्ष संजय चौधरी, नगर पालिका अध्यक्ष के प्रतिनिधि भाजपा नेता अंकुर वर्मा भी पहुंचे।
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जनप्रतिनिधियों की मध्यस्थता में जिला प्रशासन की तरफ से एसडीएम सदर शत्रुहन पाठक, सीओ सिटी सत्येंद्र भूषण तिवारी और आरपीएफ सीओ एके उपाध्याय, जीआरपी इंस्पेक्टर एमपी चतुर्वेदी, रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर विजयांक गर्ग आदि के साथ आंदोलित कस्बावासियों से वार्ता शुरू की गई। आंदोलन की अगुवाई कर रहे ग्राम प्रधान अमरनाथ चौधरी के अलावा कस्बावासियों ने बताया कि तीन जून 2024 को कागजात दुरुस्तीकरण के लिए एसडीएम सदर के कोर्ट में वाद दाखिल किया गया है। अब तक मामले में लेखपाल की ओर से रिपोर्ट नहीं लगाई गई है। इसी माह में सिविल जज जूनियर डिविजन बस्ती के न्यायालय में भी यह मामला दाखिल किया गया है। इसके आधार पर 10 जनवरी को हाईकोर्ट में स्थगन आदेश के लिए याचिका दायर की गई है।
इन मामलों में कुछ निर्णय आने के बाद रेलवे की तरफ से कार्रवाई की जानी चाहिए। इस पर रेलवे के सेक्शन इंजीनियर विजयांक गर्ग ने बताया कि फिलहाल अभी कार्रवाई स्थगित की जा रही है। कस्बेवासियों को न्यायालय से स्पष्ट आदेश लाना चाहिए। एसडीएम सदर ने कहा कि रेलवे विभाग से सामंजस्य बनाकर इस मामले का हल निकाला जाए। इस पर लोगों ने सहमति जताते हुए आंदोलन समाप्त किया।
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धरने में हुआ हनुमान चालीसा का पाठ
वाल्टरगंज कस्बे में धरने के दौरान तीसरे दिन स्थानीय व्यापारियों के अलावा बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कस्बे के अलावा भिटिया चौराहा, मनौरी चौराहा, बकसई चौराहा आदि के दुकानदार अपनी दुकानें बंद कर आंदोलन में शामिल हुए। धरना स्थल पर लोगों ने हनुमानजी, भगवान श्रीराम की तस्वीर रखकर हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। इस दौरा पुलिस और आरपीएफ व जीआरपी के जवान तैनात रहे। जिला पंचायत अध्यक्ष संजय चौधरी, भाजपा नेता अंकुर वर्मा, रोलू सिंह, भासपा के राष्ट्रीय सचिव विनोद राजभर, विजय चौहान, मनोज राजभर आदि लोग मौजूद रहे।
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कोट
कस्बेवासी नोटिस के खिलाफ स्थगन आदेश के लिए हाईकोर्ट गए हुए हैं। इस मामले में निर्णय आने तक रेलवे प्रशासन इंतजार करेगा। तब तक के लिए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई रोकी जा रही है।
विजयांक गर्ग, सेक्शन इंजीनियर
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रेलवे और कस्बावासियों के बीच सार्थक वार्ता हुई है। दोनों पक्ष न्यायालय के आदेश का इंतजार करने पर मान गए हैं। फिलहाल अभी किसी तरह की कार्रवाई नहीं होगी।
शत्रुहन पाठक, एसडीएम सदर

बंद पड़ा ग्राम रामबोझा का आरोग्य मंदिर।संवाद