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जेल में छापा, बैरकों की कराई तीन बार तलाशी
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जेल में छापा, तीन बार कराई बैरकों की तलाशी
लखनऊ रेंज के डीआईजी भारी-भरकम फोर्स के साथ पहुंचे
बैरकों, संवेदनशील स्थलों का कई बार निरीक्षण, खाली हाथ लौटी टीम
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। जिला कारागार में बुधवार तड़के भारी-भरकम फोर्स के साथ अचानक पहुंचे जेल अधिकारियों ने जेल का चप्पा-चप्पा खंगाल डाला। बैरकों की तीन बार तलाशी कराने के साथ ही कई बंदियों से भी टीम ने सुरागकशी करने की कोशिश की। हालांकि, टीम के हाथ कुछ नहीं लगा। इस दौरान कुछ भी आपत्तिजनक न मिलने पर जेल प्रशासन ने राहत की सांस ली। पहली बार ऐसा हुआ जब गैर रेंज के डीआईजी स्तर के अधिकारी ने छापेमारी करके करीब तीन घंटे तक छानबीन की।
सुबह करीब साढ़े पांच बजे डीआईजी जेल उमेश कुमार श्रीवास्तव करीब 38 की संख्या में पुलिस टीम लेकर जेल पर पहुंचे। गेट के भीतर प्रवेश करते ही बैरकों की तलाशी शुरू कर दी गई। तीन बार तलाशी के बावजूद कुछ भी आपत्तिजनक वस्तु हाथ नहीं लगी। डीआईजी रेंज ने जेल अधिकारियों को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि कारागार में किसी प्रकार की भी आपत्तिजनक वस्तुएं नहीं पहुंचनी चाहिए। अगर प्रतिबंधित वस्तुएं निरीक्षण में मिलती हैं तो संबंधित जेल अधिकारी पर एक्शन होगा।
नवागत जेलर ने ग्रहण किया कार्यभार
नवागत जेलर सतीश चंद्र त्रिपाठी ने बुधवार रात कारागार का कार्यभार संभाल लिया है। गाजीपुर में तैनात रहे त्रिपाठी को यहां तैनात जेलर अनिल कुमार सुधाकर के तबादले के बाद यहां तैनात किया है। सुधाकर को शासन ने जिला जेल सोनभद्र स्थानांतरित कर दिया है। जेलर ने कहा कि कारागार में बंदियों के साथ सम व्यवहार किया जाएगा। किसी भी तरह की आपत्तिजनक वस्तुएं को जेल में नहीं जाने दी जाएंगी।
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लखनऊ रेंज के डीआईजी भारी-भरकम फोर्स के साथ पहुंचे
बैरकों, संवेदनशील स्थलों का कई बार निरीक्षण, खाली हाथ लौटी टीम
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। जिला कारागार में बुधवार तड़के भारी-भरकम फोर्स के साथ अचानक पहुंचे जेल अधिकारियों ने जेल का चप्पा-चप्पा खंगाल डाला। बैरकों की तीन बार तलाशी कराने के साथ ही कई बंदियों से भी टीम ने सुरागकशी करने की कोशिश की। हालांकि, टीम के हाथ कुछ नहीं लगा। इस दौरान कुछ भी आपत्तिजनक न मिलने पर जेल प्रशासन ने राहत की सांस ली। पहली बार ऐसा हुआ जब गैर रेंज के डीआईजी स्तर के अधिकारी ने छापेमारी करके करीब तीन घंटे तक छानबीन की।
सुबह करीब साढ़े पांच बजे डीआईजी जेल उमेश कुमार श्रीवास्तव करीब 38 की संख्या में पुलिस टीम लेकर जेल पर पहुंचे। गेट के भीतर प्रवेश करते ही बैरकों की तलाशी शुरू कर दी गई। तीन बार तलाशी के बावजूद कुछ भी आपत्तिजनक वस्तु हाथ नहीं लगी। डीआईजी रेंज ने जेल अधिकारियों को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि कारागार में किसी प्रकार की भी आपत्तिजनक वस्तुएं नहीं पहुंचनी चाहिए। अगर प्रतिबंधित वस्तुएं निरीक्षण में मिलती हैं तो संबंधित जेल अधिकारी पर एक्शन होगा।
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नवागत जेलर ने ग्रहण किया कार्यभार
नवागत जेलर सतीश चंद्र त्रिपाठी ने बुधवार रात कारागार का कार्यभार संभाल लिया है। गाजीपुर में तैनात रहे त्रिपाठी को यहां तैनात जेलर अनिल कुमार सुधाकर के तबादले के बाद यहां तैनात किया है। सुधाकर को शासन ने जिला जेल सोनभद्र स्थानांतरित कर दिया है। जेलर ने कहा कि कारागार में बंदियों के साथ सम व्यवहार किया जाएगा। किसी भी तरह की आपत्तिजनक वस्तुएं को जेल में नहीं जाने दी जाएंगी।
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