{"_id":"656b7355f75361e57f0aefd6","slug":"rahul-kidnapping-case-14-testified-in-the-case-of-five-accused-basti-news-c-207-1-sgkp1004-7834-2023-12-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"राहुल अपहरणकांड : पांच आरोपियों के केस में 14 को गवाही","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राहुल अपहरणकांड : पांच आरोपियों के केस में 14 को गवाही
Sat, 02 Dec 2023 11:41 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sat, 02 Dec 2023 11:41 PM IST
विज्ञापन
पूर्व मंत्री अमरमणि से जुड़े मामले से अलग चल रही है पांच आरोपियों के केस की फाइल
बस्ती। शहर के व्यवसायी धर्मराज मद्धेशिया के पुत्र राहुल मद्धेशिया के अपहरण के 22 साल पुराने मामले में 14 दिसंबर को गवाही होगी।
अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ( विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट) के न्यायाधीश प्रमोद कुमार गिरि की अदालत में चल रहे केस में 16 नवंबर को पांच आरोपियों राम विलास, अजय मिश्रा, आनंद सिंह, जग प्रसाद और हनुमान शुक्ला पर आरोप तय हो चुका है। अदालत ने गवाहों को समन जारी कर 14 दिसंबर को तलब किया है।
बता दें कि पांचों आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताते हुए हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल की थी। उनका कहना था कि पुलिस चार्जशीट में उन पर अपहरण का आरोप साबित नहीं होता है। उनके कब्जे से न तो अपहृत की बरामदगी हुई और न ही उनके किसी संसाधन का इस्तेमाल हुआ है। आरोपियों की इस दलील को नकारते हुए न्यायालय ने डिस्चार्ज आवेदन खारिज करते हुए आरोप तय कर दिया था।
इन धाराओं में दाखिल हुई चार्जशीट
न्यायालय ने आईपीसी की धारा 364, 364ए, 216 ए, 212 और 120 बी के तहत आरोप तय किया गया है। चार भागों में दिए गए आदेश में नाबालिग का अपहरण, दूसरे के घर में बंधक बनाने, फिरौती के लिए अपहरण और जानबूझकर अपहरणकर्ताओं को पनाह देने का आरोप तय किया गया है।
विज्ञापन
यह है मामला
छह दिसंबर 2001 को शहर के व्यापारी धर्मराज मद्धेशिया के बेटे राहुल के अपहरण मामले में सात आरोपियों पर केस दर्ज किया गया था। इसमें हनुमान शुक्ला उर्फ काका, अजय मिश्रा, आनंद सिंह, राम विलास, जग प्रताप वर्मा, नैनीष शर्मा और शिवम आरोपी बनाए गए। तफ्तीश के दौरान पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी का नाम भी केस में जोड़ा गया। पुलिस ने संदीप, हनुमान, अजय, आनंद, राम विलास, जग प्रताप को गिरफ्तार कर लिया। इन पर कोर्ट में पेश कर आरोप तय किया गया। सभी का ट्रायल शुरू हो गया, लेकिन नैनीष, शिवम और अमरमणि एक बार भी कोर्ट में पेश नहीं हुए। न ही तीनों की गिरफ्तारी हो सकी। बाद में मुख्य आरोपी संदीप की मौत हो गई।
न्यायालय में हाजिर हो चुके राम विलास, अजय मिश्रा, आनंद सिंह, जग प्रसाद व हनुमान शुक्ला ने केस में अपनी फाइल अलग करवा ली। इस तरह से दो फाइल तैयार हुई। एक फाइल में राम विलास, अजय मिश्रा, आनंद सिंह और जग प्रसाद तथा हनुमान शुक्ला हैं, तो दूसरी फाइल में अमरमणि, नैनीष और शिवम का नाम है। इस वजह से पांच आरोपियों की फाइल में ट्रायल चल रहा है।
विज्ञापन
बस्ती। शहर के व्यवसायी धर्मराज मद्धेशिया के पुत्र राहुल मद्धेशिया के अपहरण के 22 साल पुराने मामले में 14 दिसंबर को गवाही होगी।
अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ( विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट) के न्यायाधीश प्रमोद कुमार गिरि की अदालत में चल रहे केस में 16 नवंबर को पांच आरोपियों राम विलास, अजय मिश्रा, आनंद सिंह, जग प्रसाद और हनुमान शुक्ला पर आरोप तय हो चुका है। अदालत ने गवाहों को समन जारी कर 14 दिसंबर को तलब किया है।
बता दें कि पांचों आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताते हुए हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल की थी। उनका कहना था कि पुलिस चार्जशीट में उन पर अपहरण का आरोप साबित नहीं होता है। उनके कब्जे से न तो अपहृत की बरामदगी हुई और न ही उनके किसी संसाधन का इस्तेमाल हुआ है। आरोपियों की इस दलील को नकारते हुए न्यायालय ने डिस्चार्ज आवेदन खारिज करते हुए आरोप तय कर दिया था।
विज्ञापन
इन धाराओं में दाखिल हुई चार्जशीट
न्यायालय ने आईपीसी की धारा 364, 364ए, 216 ए, 212 और 120 बी के तहत आरोप तय किया गया है। चार भागों में दिए गए आदेश में नाबालिग का अपहरण, दूसरे के घर में बंधक बनाने, फिरौती के लिए अपहरण और जानबूझकर अपहरणकर्ताओं को पनाह देने का आरोप तय किया गया है।
विज्ञापन
यह है मामला
छह दिसंबर 2001 को शहर के व्यापारी धर्मराज मद्धेशिया के बेटे राहुल के अपहरण मामले में सात आरोपियों पर केस दर्ज किया गया था। इसमें हनुमान शुक्ला उर्फ काका, अजय मिश्रा, आनंद सिंह, राम विलास, जग प्रताप वर्मा, नैनीष शर्मा और शिवम आरोपी बनाए गए। तफ्तीश के दौरान पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी का नाम भी केस में जोड़ा गया। पुलिस ने संदीप, हनुमान, अजय, आनंद, राम विलास, जग प्रताप को गिरफ्तार कर लिया। इन पर कोर्ट में पेश कर आरोप तय किया गया। सभी का ट्रायल शुरू हो गया, लेकिन नैनीष, शिवम और अमरमणि एक बार भी कोर्ट में पेश नहीं हुए। न ही तीनों की गिरफ्तारी हो सकी। बाद में मुख्य आरोपी संदीप की मौत हो गई।
न्यायालय में हाजिर हो चुके राम विलास, अजय मिश्रा, आनंद सिंह, जग प्रसाद व हनुमान शुक्ला ने केस में अपनी फाइल अलग करवा ली। इस तरह से दो फाइल तैयार हुई। एक फाइल में राम विलास, अजय मिश्रा, आनंद सिंह और जग प्रसाद तथा हनुमान शुक्ला हैं, तो दूसरी फाइल में अमरमणि, नैनीष और शिवम का नाम है। इस वजह से पांच आरोपियों की फाइल में ट्रायल चल रहा है।