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निजी नर्सरियां खिला रही हैं आंगन के फूल

Tue, 11 Feb 2020 11:21 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 11 Feb 2020 11:21 PM IST
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Private nurseries are feeding the flowers of the courtyard
फूलों की र्नसरी - फोटो : BASTI
निजी नर्सरियां खिला रही हैं आंगन के फूल
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बस्ती। औद्यानिक प्रशिक्षण केंद्र स्थित फूलों की नर्सरी से गर्मी की पौध गायब है। विभाग जब नर्सरी तैयार कर बेहन लगाता है तब तक शौकिया बागवानी करने वालों की जेब कट चुकी होती है। मौसमी फूलों की पौध देर से तैयार कर बेंचना उद्यान कर्मियों की आदतों में शुमार है। इसका फायदा उठाकर निजी नर्सरियां मनमाने दाम में पौधों की बिक्री करती हैं।
गर्मी के मौसम में हरियाली और मनमोहक फूल सभी को आकर्षित करते हैं। इस मौसम में गुड़हल, सूरजमुखी, पोटिंटेला, डहेलिया, ग्लेडियोलस, सदाफूली, कनेर, गेंदा, सिलोसिया, पोर्टुलाका, गैलार्डिया, गोम्फ्रेना, अमरेन्थस आदि फूल लगाए जाते हैं। नाममात्र की कीमत में उद्यान विभाग मौसमी फूलों की पौध का वितरण करता है। हालांकि अभी तक विभाग की ओर से नर्सरी तैयार नहीं की गई है। जिसका फायदा उठाकर निजी नर्सरियां 20 से 50 रुपये प्रति पौध वसूल रही हैं। फूल प्रभारी धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि अभी बीज प्राप्त नहीं हुआ है। 15 मार्च तक नर्सरी तैयार हो पाएगी।
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चार हेक्टेयर भूमि पर की जा रही फूलों की खेती
2015-16 के आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल जोत भूमि का रकबा 210750 लाख हेक्टेयर है। जिसमें महज चार हेक्टेयर भूमि पर फूलों की खेती की जा रही है। उद्यान निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार चौधरी बताते हैं कि विक्रमजोत, परशुरामपुर, हर्रैया, सांऊघाट व रामनगर के कुछ किसान गेंदे की खेती कर रहे हैं। बताते हैं कि शासन से प्राप्त लक्ष्य जितना खेती की जा रही है।
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