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Basti News: पुलिस चाहती थी दाह संस्कार, परिवार के लोग दफन करने पर अड़े रहे
Sun, 24 Sep 2023 01:07 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sun, 24 Sep 2023 01:07 AM IST
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बारिश के बीच आमी नदी के किनारे एक ही कब्र में दफन किया गया दंपती का शव
संवाद न्यूज एजेंसी
रुधौली, बस्ती। रुधौली सामूहिक दुष्कर्म कांड के बाद जहर खाकर मौत को गले लगाने वाले दंपती के शवों को पुलिस और घरवालों की खींचतान के बीच शनिवार की सुबह आमी नदी के किनारे एक ही कब्र में दफन कर दिया गया। हालांकि, पुलिस चाहती थी कि पति-पत्नी के शव को हिंदू रीति-रिवाज के मुताबिक जलाकर अंतिम संस्कार किया जाए, मगर परिवार के लोग इससे हिचक रहे थे। पहले तो घरवाले शव घाट पर ले जाने में आनाकानी करते रहे, लेकिन काफी खींचतान और मान-मनौव्वल के बाद तैयार हुए।
भारी पुलिस फोर्स के साथ शव को घाट पर ले जाने के बाद घरवाले और रिश्तेदार कब्र खोदने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। पुलिस शव को जलवाना चाहती थी। परिवार के लोगों ने यह तर्क दिया कि मृतक के बच्चे छोटे हैं। वे शव जलाने के बाद 16 दिन तक क्रियाकर्म के विधि-विधान को नहीं निभा पाएंगे, पर पुलिस अंतिम समय तक इस प्रयास में जुटी रही कि दोनों की चिता बनाकर दाह संस्कार किया जाए। इसी बीच वहां बारिश होने लगी। महिलाएं भी काफी तादाद जुट गईं। वे सब शव को दफन करने पर अड़ गईं। तेज बारिश के बीच पॉलिथीन तानकर एक चाैड़ी कब्र खोदी गई जिसमें दंपती को एक साथ दफन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में रिश्तेदार, कस्बे के लोग मौजूद रहे।
इससे पहले शुक्रवार रात करीब 11 बजे तक शवों के अंतिम संस्कार को लेकर खींचतान चलती रही। पुलिस ने पहले से मन बनाया हुआ था कि पोस्टमार्टम के बाद दंपती का शव घर पहुंचे तो जितनी जल्दी हो सके, अंतिम संस्कार करवा दिया जाए, मगर शव पहुंचने में देर हो गई। इसके बाद परिवार के लोगों ने रात में अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। यह सुनकर पुलिस के हाथ पांव फूल गए। सोनहा, रुधौली, मुंडेरवा और वाल्टरगंज थाने की फोर्स पहुंच गई। देर रात तक मान-मनौवल होता रहा। पुलिस किसी भी कीमत पर रात में ही शव का अंतिम संस्कार कराने को कोशिश करती रही। उन्हें डर था कि सुबह कहीं परिवार के लोग शव रखकर कोई हंगामा न खड़ा कर दें, मगर परिवार के लोगों ने पुलिस की एक नहीं सुनी। उन्हें सुबह अंतिम संस्कार करने का आश्वासन देकर टाल दिया था। सुबह फिर दो घंटे से ज्यादा नूराकुश्ती चली। आखिरकार पुलिस को ही बैकफुट होना पड़ा।
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रुधौली, बस्ती। रुधौली सामूहिक दुष्कर्म कांड के बाद जहर खाकर मौत को गले लगाने वाले दंपती के शवों को पुलिस और घरवालों की खींचतान के बीच शनिवार की सुबह आमी नदी के किनारे एक ही कब्र में दफन कर दिया गया। हालांकि, पुलिस चाहती थी कि पति-पत्नी के शव को हिंदू रीति-रिवाज के मुताबिक जलाकर अंतिम संस्कार किया जाए, मगर परिवार के लोग इससे हिचक रहे थे। पहले तो घरवाले शव घाट पर ले जाने में आनाकानी करते रहे, लेकिन काफी खींचतान और मान-मनौव्वल के बाद तैयार हुए।
भारी पुलिस फोर्स के साथ शव को घाट पर ले जाने के बाद घरवाले और रिश्तेदार कब्र खोदने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। पुलिस शव को जलवाना चाहती थी। परिवार के लोगों ने यह तर्क दिया कि मृतक के बच्चे छोटे हैं। वे शव जलाने के बाद 16 दिन तक क्रियाकर्म के विधि-विधान को नहीं निभा पाएंगे, पर पुलिस अंतिम समय तक इस प्रयास में जुटी रही कि दोनों की चिता बनाकर दाह संस्कार किया जाए। इसी बीच वहां बारिश होने लगी। महिलाएं भी काफी तादाद जुट गईं। वे सब शव को दफन करने पर अड़ गईं। तेज बारिश के बीच पॉलिथीन तानकर एक चाैड़ी कब्र खोदी गई जिसमें दंपती को एक साथ दफन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में रिश्तेदार, कस्बे के लोग मौजूद रहे।
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इससे पहले शुक्रवार रात करीब 11 बजे तक शवों के अंतिम संस्कार को लेकर खींचतान चलती रही। पुलिस ने पहले से मन बनाया हुआ था कि पोस्टमार्टम के बाद दंपती का शव घर पहुंचे तो जितनी जल्दी हो सके, अंतिम संस्कार करवा दिया जाए, मगर शव पहुंचने में देर हो गई। इसके बाद परिवार के लोगों ने रात में अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। यह सुनकर पुलिस के हाथ पांव फूल गए। सोनहा, रुधौली, मुंडेरवा और वाल्टरगंज थाने की फोर्स पहुंच गई। देर रात तक मान-मनौवल होता रहा। पुलिस किसी भी कीमत पर रात में ही शव का अंतिम संस्कार कराने को कोशिश करती रही। उन्हें डर था कि सुबह कहीं परिवार के लोग शव रखकर कोई हंगामा न खड़ा कर दें, मगर परिवार के लोगों ने पुलिस की एक नहीं सुनी। उन्हें सुबह अंतिम संस्कार करने का आश्वासन देकर टाल दिया था। सुबह फिर दो घंटे से ज्यादा नूराकुश्ती चली। आखिरकार पुलिस को ही बैकफुट होना पड़ा।
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