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Basti News: दरोगा की बाइक के पीछे भटक रही पुलिस की जांच
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बस्ती। परशुरामपुर थाने से लापता हुए दरोगा अजय गौड़ का सरयू नदी में शव मिलने के बाद उभरे हत्या और आत्महत्या के रहस्य से परदा उठाना पुलिस के लिए चुनौती बन गया है। सोमवार से ही इस मामले की जांच में पुलिस की पांच टीमें लगी हुईं हैं। सीसीटीवी फुटेज में दरोगा बाइक से सरयू पुल की तरफ जाते दिखे थे। बाद में बाइक अमहट घाट पर लावारिस मिली। अमहट घाट की तरफ भी सीसीटीवी में एक बाइक सवार जाते दिखा लेकिन उसकी पहचान नहीं हो सकी। बाइक सरयू घाट से अमहट तक कैसे पहुंची यह बड़ा सवाल बना हुआ है।
थाने से दरोगा अजय गौड़ के लापता होने के बाद शुरुआती छानबीन में पुलिस अधिकारी यह कहते सुने जा रहे थे कि उन्हें सकुशल खोज लिया जाएगा। दरोगा के लापता होने के बाद अगले दिन उनकी बाइक एसपी आवास के पास अमहट घाट पर लावारिस हालत में खड़ी मिली थी इसलिए एहतियातन दो दिन शनिवार और रविवार को कुआनो नदी में एसडीआरएफ टीम की मदद से सर्च अभियान चलाया गया। रविवार की शाम चार बजे अचानक सर्च अभियान बंद हुआ तो लोगों को यह अंदाजा हो गया कि पुलिस को कोई पुख्ता जानकारी मिल चुकी है। उसी दिन शाम छह बजे पता चला कि लापता दरोगा अजय का शव अयोध्या के छावनी क्षेत्र में सरयू में उतराया मिला है। इसके बाद पुलिस टीम और दरोगा के परिजन भागकर अयोध्या पहुंचे। पुलिस के अनुसार, दरोगा की लाश बस्ती सीमा में सरयू पुल से करीब पांच किमी की दूरी पर पाई गई।
लाश मिलने के बाद पुलिस की जांच की दिशा ही बदल गई। पहले पुलिस की टीमें परशुरामपुर से अमहट तक घरों एवं दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरे खंगालने में जुटी थी लेकिन लाश मिलने के बाद परशुरामपुर से अयोध्या की तरफ के सीसीटीवी कैमरे खंगाले जाने लगे। पुलिस के अनुसार, डिजिटल साक्ष्य के रूप में कुछ सीसीटीवी फुटेज बरामद हुए हैं। इसमें दरोगा अपने बाइक से सरयू पुल की तरफ अकेले जा रहे हैं।
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पुल से दो सौ मीटर पहले तक उन्हें जाते हुए फुटेज में देखा जा रहा है। इसके आगे का फुटेज पुलिस के हाथ नहीं लग सका है। इसके लिए बस्ती की पुलिस टीमें अयोध्या पुलिस के साथ मिलकर साक्ष्य जुटा रहीं हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दरोगा सरयू पुल पार कर आगे कहां तक गए। सीओ हर्रैया स्वर्णिमा सिंह खुद जांच टीम की मॉनिटरिंग कर रही हैं। एसपी यशवीर सिंह और एएसपी श्यामकांत पल-पल की जांच रिपोर्ट से अवगत हो रहे हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी कुछ स्पष्ट नहीं
दरोगा की लाश मिलने के अगले दिन पुलिस अधिकारियों को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार था मगर देर शाम मिली रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी। इससे पुलिस और उलझ गई है। जांच के लिए विसरा सुरक्षित कर लिया गया है। दरोगा की मौत नदी में डूबने से हुई या किसी अन्य वजह से यह साफ करने के लिए विसरा जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा जाएगा। दरोगा की खुदकुशी और हत्या दोनों ही एंगिल पर पुलिस जांच कर रही है। दरोगा के एडीएम भाई अरुण कुमार और पत्नी रंजीता पहले ही उनकी मौत के पीछे गहरी साजिश की आशंका जता चुके हैं।
किसी अन्य शख्स की भूमिका का भी संदेह
इस मामले में पुलिस को किसी अन्य शख्स की भूमिका का भी संदेह है। वजह यह कि, जिस बाइक पर वह सरयू पुल पर दो सौ मीटर के करीब अयोध्या की तरफ जाते देखे गए थे वह बाइक अगले दिन बस्ती में एसपी आवास के पास अमहट घाट पर लावारिस हालत में मिली। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दरोगा की बाइक अमहट घाट तक कैसे पहुंची। इसके लिए बस्ती-अयोध्या फोरलेन पर स्थित चौकड़ी टोल प्लाजा के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। यदि बाइक लाने वाले शख्स की पहचान हो जाए तो घटना का राज खोलने में पुलिस को काफी आसानी होगी।
परिजनों ने पुलिस पर लगाया लापरवाही का आरोप
दरोगा की पत्नी रंजीता और एडीएम भाई अरुण कुमार गौड़ समेत अन्य परिजनों ने इस मामले में पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि थाने का प्रभार होने के बावजूद अजय थाने से अचानक लापता हो गए और अगले दिन शाम तक महकमे के किसी जिम्मेदार को पता ही नहीं चला। पत्नी रंजीता का कहना है कि जिस दिन अजय थाने से लापता हुए उसी दिन 3 बजे फोन पर अजय से बात हुई थी। वह किसी तनाव में नहीं लग रहे थे। रंजीता ने पति के साथ रहने वाले थाने के फालोवर पर संदेह जताया है। पुलिस से उसकी कॉल डिटेल चेक करने के लिए कहा लेकिन उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई। दरोगा के भाई एडीएम ने भी गहरी साजिश की आशंका जताते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
ये है घटनाक्रम
- 5 फरवरी को थानाध्यक्ष परशुरामपुर विश्वमोहन राय के अवकाश पर होने के कारण दरोगा अजय गौड़ प्रभारी थे।
- शाम चार बजे वह अचानक अपनी पल्सर मोटरसाइकिल से थाने से निकल गए, इसके बाद नहीं लौटे।
- छह फरवरी की शाम को पत्नी रंजीता की तहरीर पर परशुरामपुर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई।
- छह फरवरी को ही अमहट घाट के पास उनकी बाइक लावारिश हालत में खड़ी मिली।
- पुलिस को एक सीसीटीवी फुटेज मिला जिसमें रात के समय एक व्यक्ति बाइक लेकर एसपी आवास से अमहट घाट की ओर जाते हुए दिखा लेकिन फुटेज से उसकी पहचान नहीं हो सकी। बाद में अमहट घाट पर ही दरोगा की बाइक लावारिस मिली।
- सात और आठ फरवरी को शाम करीब चार बजे तक कुआनो में सर्च अभियान चलाया गया।
- आठ फरवरी को ही शाम के वक्त अयोध्या पुलिस से सरयू में दरोगा की लाश मिलने की सूचना मिली।
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थाने से दरोगा अजय गौड़ के लापता होने के बाद शुरुआती छानबीन में पुलिस अधिकारी यह कहते सुने जा रहे थे कि उन्हें सकुशल खोज लिया जाएगा। दरोगा के लापता होने के बाद अगले दिन उनकी बाइक एसपी आवास के पास अमहट घाट पर लावारिस हालत में खड़ी मिली थी इसलिए एहतियातन दो दिन शनिवार और रविवार को कुआनो नदी में एसडीआरएफ टीम की मदद से सर्च अभियान चलाया गया। रविवार की शाम चार बजे अचानक सर्च अभियान बंद हुआ तो लोगों को यह अंदाजा हो गया कि पुलिस को कोई पुख्ता जानकारी मिल चुकी है। उसी दिन शाम छह बजे पता चला कि लापता दरोगा अजय का शव अयोध्या के छावनी क्षेत्र में सरयू में उतराया मिला है। इसके बाद पुलिस टीम और दरोगा के परिजन भागकर अयोध्या पहुंचे। पुलिस के अनुसार, दरोगा की लाश बस्ती सीमा में सरयू पुल से करीब पांच किमी की दूरी पर पाई गई।
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लाश मिलने के बाद पुलिस की जांच की दिशा ही बदल गई। पहले पुलिस की टीमें परशुरामपुर से अमहट तक घरों एवं दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरे खंगालने में जुटी थी लेकिन लाश मिलने के बाद परशुरामपुर से अयोध्या की तरफ के सीसीटीवी कैमरे खंगाले जाने लगे। पुलिस के अनुसार, डिजिटल साक्ष्य के रूप में कुछ सीसीटीवी फुटेज बरामद हुए हैं। इसमें दरोगा अपने बाइक से सरयू पुल की तरफ अकेले जा रहे हैं।
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पुल से दो सौ मीटर पहले तक उन्हें जाते हुए फुटेज में देखा जा रहा है। इसके आगे का फुटेज पुलिस के हाथ नहीं लग सका है। इसके लिए बस्ती की पुलिस टीमें अयोध्या पुलिस के साथ मिलकर साक्ष्य जुटा रहीं हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दरोगा सरयू पुल पार कर आगे कहां तक गए। सीओ हर्रैया स्वर्णिमा सिंह खुद जांच टीम की मॉनिटरिंग कर रही हैं। एसपी यशवीर सिंह और एएसपी श्यामकांत पल-पल की जांच रिपोर्ट से अवगत हो रहे हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी कुछ स्पष्ट नहीं
दरोगा की लाश मिलने के अगले दिन पुलिस अधिकारियों को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार था मगर देर शाम मिली रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी। इससे पुलिस और उलझ गई है। जांच के लिए विसरा सुरक्षित कर लिया गया है। दरोगा की मौत नदी में डूबने से हुई या किसी अन्य वजह से यह साफ करने के लिए विसरा जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा जाएगा। दरोगा की खुदकुशी और हत्या दोनों ही एंगिल पर पुलिस जांच कर रही है। दरोगा के एडीएम भाई अरुण कुमार और पत्नी रंजीता पहले ही उनकी मौत के पीछे गहरी साजिश की आशंका जता चुके हैं।
किसी अन्य शख्स की भूमिका का भी संदेह
इस मामले में पुलिस को किसी अन्य शख्स की भूमिका का भी संदेह है। वजह यह कि, जिस बाइक पर वह सरयू पुल पर दो सौ मीटर के करीब अयोध्या की तरफ जाते देखे गए थे वह बाइक अगले दिन बस्ती में एसपी आवास के पास अमहट घाट पर लावारिस हालत में मिली। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दरोगा की बाइक अमहट घाट तक कैसे पहुंची। इसके लिए बस्ती-अयोध्या फोरलेन पर स्थित चौकड़ी टोल प्लाजा के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। यदि बाइक लाने वाले शख्स की पहचान हो जाए तो घटना का राज खोलने में पुलिस को काफी आसानी होगी।
परिजनों ने पुलिस पर लगाया लापरवाही का आरोप
दरोगा की पत्नी रंजीता और एडीएम भाई अरुण कुमार गौड़ समेत अन्य परिजनों ने इस मामले में पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि थाने का प्रभार होने के बावजूद अजय थाने से अचानक लापता हो गए और अगले दिन शाम तक महकमे के किसी जिम्मेदार को पता ही नहीं चला। पत्नी रंजीता का कहना है कि जिस दिन अजय थाने से लापता हुए उसी दिन 3 बजे फोन पर अजय से बात हुई थी। वह किसी तनाव में नहीं लग रहे थे। रंजीता ने पति के साथ रहने वाले थाने के फालोवर पर संदेह जताया है। पुलिस से उसकी कॉल डिटेल चेक करने के लिए कहा लेकिन उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई। दरोगा के भाई एडीएम ने भी गहरी साजिश की आशंका जताते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
ये है घटनाक्रम
- 5 फरवरी को थानाध्यक्ष परशुरामपुर विश्वमोहन राय के अवकाश पर होने के कारण दरोगा अजय गौड़ प्रभारी थे।
- शाम चार बजे वह अचानक अपनी पल्सर मोटरसाइकिल से थाने से निकल गए, इसके बाद नहीं लौटे।
- छह फरवरी की शाम को पत्नी रंजीता की तहरीर पर परशुरामपुर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई।
- छह फरवरी को ही अमहट घाट के पास उनकी बाइक लावारिश हालत में खड़ी मिली।
- पुलिस को एक सीसीटीवी फुटेज मिला जिसमें रात के समय एक व्यक्ति बाइक लेकर एसपी आवास से अमहट घाट की ओर जाते हुए दिखा लेकिन फुटेज से उसकी पहचान नहीं हो सकी। बाद में अमहट घाट पर ही दरोगा की बाइक लावारिस मिली।
- सात और आठ फरवरी को शाम करीब चार बजे तक कुआनो में सर्च अभियान चलाया गया।
- आठ फरवरी को ही शाम के वक्त अयोध्या पुलिस से सरयू में दरोगा की लाश मिलने की सूचना मिली।