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Basti News: मनी लांड्रिंग से जोड़कर पुलिस ने बढ़ाया जांच का दायरा
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- सऊदी अरब से रुपये मंगाने वाले मल्लू को वापस भेजा जेल
- दो सहयोगियों के नाम कबूल करवा पाई पुलिस, उनके खातों की छानबीन शुरू
- तीन दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया था मुख्य आरोपी मल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सऊदी अरब से लाखों रुपये दूसरों के खाते में मंगवाने वाले हीरालाल उर्फ मल्लू से पुलिस कुछ खास नहीं उगलवा सकी। तीन दिन की रिमांड के दौरान आईबी से लेकर स्थानीय अभिसूचना इकाई और कलवारी थाने की पुलिस ने अलग-अलग पूछताछ की। शनिवार को सुबह रिमांड की अवधि पूरी होने पर उसे वापस न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
इन तीन दिनों में पूछताछ का ब्योरा देने से पुलिस कतराती रही। सूत्रों के अनुसार मल्लू ने इस पूरे मामले को मनी लांड्रिंग जैसा केस बताया। उसने दो अन्य सहयोगियों के बारे में भी पुलिस को बताया, जिनके खातों की जांच शुरू कर दी गई है। इससे पहले उसने सऊदी अरब में रहने वाले बांग्लादेशी नागरिक को मास्टरमाइंड बताया था। जो इसके बताए खातों में लाखों रुपये भेज देता है। हीरालाल उर्फ मल्लू के मुताबिक उसी शख्स के बताने के अनुसार वापस रकम अलग-अलग खातों में वह भेज देता था। मल्लू के मुताबिक इस आमद और वापसी के पीछे का खेल उसे नहीं पता है। पुलिस को उसने बताया कि उसे सिर्फ कमीशन से मतलब रहता था। इसके साथ ही पुलिस को कुछ अन्य जानकारियां भी मिली हैं लेकिन उसके बारे में बताने से टीम बच रही है।
पांच अक्तूबर को यह मामला तब प्रकाश में आया जब कलवारी क्षेत्र के सैफाबाद में विजय कुमार के खाते में भेजे गए पांच लाख रुपये को लेकर विवाद बढ़ा। रुपये मंगाने वाले वाल्टरगंज थानाक्षेत्र के पिपरा जप्ती निवासी हीरालाल उर्फ मल्लू ने अपने दो सहयोगियों के साथ विजय कुमार का उसके घर से अपहरण कर लिया था। हालांकि पुलिस के पीछे लगने की वजह से 47 हजार रुपये एटीएम से निकलवाने के बाद मल्लू उसे छोड़कर भाग गया था। पुलिस ने उसे उसी रात उसे गिरफ्तार कर पूछताछ किया तो बांग्लादेश और सउदी अरब का कनेक्शन सामने आया। मल्लू से पूछताछ में पता चला कि रकम भेजने वाला मूल रूप से बांग्लादेश का रहने वाला है। वह सऊदी अरब में बैठकर नेटवर्क चला रहा है। इस पूरे खेल के पीछे असल मकसद अभी पुलिस नहीं जान पाई है। इसके लिए उसे रिमांड पर लिया गया था।
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- दो सहयोगियों के नाम कबूल करवा पाई पुलिस, उनके खातों की छानबीन शुरू
- तीन दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया था मुख्य आरोपी मल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सऊदी अरब से लाखों रुपये दूसरों के खाते में मंगवाने वाले हीरालाल उर्फ मल्लू से पुलिस कुछ खास नहीं उगलवा सकी। तीन दिन की रिमांड के दौरान आईबी से लेकर स्थानीय अभिसूचना इकाई और कलवारी थाने की पुलिस ने अलग-अलग पूछताछ की। शनिवार को सुबह रिमांड की अवधि पूरी होने पर उसे वापस न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
इन तीन दिनों में पूछताछ का ब्योरा देने से पुलिस कतराती रही। सूत्रों के अनुसार मल्लू ने इस पूरे मामले को मनी लांड्रिंग जैसा केस बताया। उसने दो अन्य सहयोगियों के बारे में भी पुलिस को बताया, जिनके खातों की जांच शुरू कर दी गई है। इससे पहले उसने सऊदी अरब में रहने वाले बांग्लादेशी नागरिक को मास्टरमाइंड बताया था। जो इसके बताए खातों में लाखों रुपये भेज देता है। हीरालाल उर्फ मल्लू के मुताबिक उसी शख्स के बताने के अनुसार वापस रकम अलग-अलग खातों में वह भेज देता था। मल्लू के मुताबिक इस आमद और वापसी के पीछे का खेल उसे नहीं पता है। पुलिस को उसने बताया कि उसे सिर्फ कमीशन से मतलब रहता था। इसके साथ ही पुलिस को कुछ अन्य जानकारियां भी मिली हैं लेकिन उसके बारे में बताने से टीम बच रही है।
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पांच अक्तूबर को यह मामला तब प्रकाश में आया जब कलवारी क्षेत्र के सैफाबाद में विजय कुमार के खाते में भेजे गए पांच लाख रुपये को लेकर विवाद बढ़ा। रुपये मंगाने वाले वाल्टरगंज थानाक्षेत्र के पिपरा जप्ती निवासी हीरालाल उर्फ मल्लू ने अपने दो सहयोगियों के साथ विजय कुमार का उसके घर से अपहरण कर लिया था। हालांकि पुलिस के पीछे लगने की वजह से 47 हजार रुपये एटीएम से निकलवाने के बाद मल्लू उसे छोड़कर भाग गया था। पुलिस ने उसे उसी रात उसे गिरफ्तार कर पूछताछ किया तो बांग्लादेश और सउदी अरब का कनेक्शन सामने आया। मल्लू से पूछताछ में पता चला कि रकम भेजने वाला मूल रूप से बांग्लादेश का रहने वाला है। वह सऊदी अरब में बैठकर नेटवर्क चला रहा है। इस पूरे खेल के पीछे असल मकसद अभी पुलिस नहीं जान पाई है। इसके लिए उसे रिमांड पर लिया गया था।
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