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Basti News: पुलिस ने बदला जांच का तरीका... लगाई गई तकनीकी विशेषज्ञों की टीम
Tue, 18 Feb 2025 12:38 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Tue, 18 Feb 2025 12:38 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी कप्तानगंज (बस्ती)। स्कूल में मृत पाई गई कक्षा छह की छात्रा के मामले में परिवार वालों की बात पर पुलिस को अब बिल्कुल भी यकीन नहीं रहा। नतीजन तह तक जाने के लिए पुलिस दूसरे हथकंडे अपनाने लगी है।
केस का खुलासा करने में सर्विलांस और अन्य तकनीकी तरीके इस्तेमाल किए जा रहे हैं। साथ ही, उलझे मामलों को सुलझाने में माहिर माने जाने वाले निरीक्षकों-उपनिरीक्षकों को भी लगा दिया गया है, ताकि 11 वर्षीय मासूम के साथ हुए गुनाह का हिसाब-किताब किया जा सके।
एसपी अभिनंदन ने इस केस में खास तौर से सीओ रुधौली स्वर्णिमा सिंह को शुरू से ही कमान सौंप रखी है। सीओ ने बताया कि परिवार के लोगों का बयान अभी जस का तस है, इसलिए नई टीम और तकनीकी एक्सपर्ट लगा दिए गए हैं।
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उसके साथ हैवानियत हुई या नहीं, इस सवाल पर सीओ ने बताया कि जब तक फॉरेंसिक रिपोर्ट न आ जाए तब तक कुछ कहना मुश्किल है।
सोमवार को एसओजी थाने की टीम के साथ गांव में पहुंची। सुबह 11 से दोपहर करीब तीन बजे तक ग्रामीणों को कंपोजिट विद्यालय पर बुलाकर पूछताछ करती रही। छात्रा के पिता, चाचा, बाबा के अलावा महिलाओं से भी घटना के समय और बाद में हुई गतिविधि के बारे में जानकारी लेने का पुलिस ने प्रयास किया।
पुलिस का सारा जोर इस बात का पता लगाने पर है कि शव को सबसे पहले किसने देखा और शव देखने के बाद वहां क्या-क्या हुआ। किसके कहने पर शव को पिता ने दफना कर जला देने की बात सबको बताई।
बता दें कि 10 फरवरी को कप्तानगंज थाना क्षेत्र की 11 वर्षीय छात्रा की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई थी। पहले चर्चा हुई कि घर से किसी बात पर डांट पड़ने के बाद उसने खुदकुशी कर ली।
बाद में पिता और परिवार के लोगों ने यह कहकर मामले को उलझा दिया कि उसकी बेटी की मौत बीमारी के कारण हुई है। पिता ने उसके शव को जला देने का बयान दिया। बाद में शव को मनवर नदी के किनारे जमीन से बरामद किया गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत फंदे से लटकने से नहीं, बल्कि चोट की वजह से होना पाया गया। सिर, चेहरे पर गंभीर चोट और सिर के नीचे की हड्डी टूटी पाई गई। उसके अंदरूनी हिस्से से भी हैवानियत के लक्षण पाए गए। इसकी पुष्टि के लिए रक्त और अन्य नमूनों की जांच कराई जा रही है।
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केस का खुलासा करने में सर्विलांस और अन्य तकनीकी तरीके इस्तेमाल किए जा रहे हैं। साथ ही, उलझे मामलों को सुलझाने में माहिर माने जाने वाले निरीक्षकों-उपनिरीक्षकों को भी लगा दिया गया है, ताकि 11 वर्षीय मासूम के साथ हुए गुनाह का हिसाब-किताब किया जा सके।
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एसपी अभिनंदन ने इस केस में खास तौर से सीओ रुधौली स्वर्णिमा सिंह को शुरू से ही कमान सौंप रखी है। सीओ ने बताया कि परिवार के लोगों का बयान अभी जस का तस है, इसलिए नई टीम और तकनीकी एक्सपर्ट लगा दिए गए हैं।
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उसके साथ हैवानियत हुई या नहीं, इस सवाल पर सीओ ने बताया कि जब तक फॉरेंसिक रिपोर्ट न आ जाए तब तक कुछ कहना मुश्किल है।
सोमवार को एसओजी थाने की टीम के साथ गांव में पहुंची। सुबह 11 से दोपहर करीब तीन बजे तक ग्रामीणों को कंपोजिट विद्यालय पर बुलाकर पूछताछ करती रही। छात्रा के पिता, चाचा, बाबा के अलावा महिलाओं से भी घटना के समय और बाद में हुई गतिविधि के बारे में जानकारी लेने का पुलिस ने प्रयास किया।
पुलिस का सारा जोर इस बात का पता लगाने पर है कि शव को सबसे पहले किसने देखा और शव देखने के बाद वहां क्या-क्या हुआ। किसके कहने पर शव को पिता ने दफना कर जला देने की बात सबको बताई।
बता दें कि 10 फरवरी को कप्तानगंज थाना क्षेत्र की 11 वर्षीय छात्रा की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई थी। पहले चर्चा हुई कि घर से किसी बात पर डांट पड़ने के बाद उसने खुदकुशी कर ली।
बाद में पिता और परिवार के लोगों ने यह कहकर मामले को उलझा दिया कि उसकी बेटी की मौत बीमारी के कारण हुई है। पिता ने उसके शव को जला देने का बयान दिया। बाद में शव को मनवर नदी के किनारे जमीन से बरामद किया गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत फंदे से लटकने से नहीं, बल्कि चोट की वजह से होना पाया गया। सिर, चेहरे पर गंभीर चोट और सिर के नीचे की हड्डी टूटी पाई गई। उसके अंदरूनी हिस्से से भी हैवानियत के लक्षण पाए गए। इसकी पुष्टि के लिए रक्त और अन्य नमूनों की जांच कराई जा रही है।